Varanasi News: कृषि राज्य मंत्री ने लगाए आम और सिंदूर के पौधे, किसानों से की बातचीत; दी खास जानकारी
केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण राज्य मंत्री रामनाथ ठाकुर ने किसानों से खेती-किसानी पर बातचीत की। उन्हें आधुनिक खेती की कई जानकारी दी। कहा कि भविष्य में किसानों के लिए कई योजनाएं हैं जिन्हें जल्द ही अमल में लाया जाएगा।
विस्तार
कृषि विज्ञान केंद्र कल्लीपुर में गुरुवार को ‘विकसित कृषि संकल्प अभियान 2025’ के अंतर्गत आयोजित किसान संवाद कार्यक्रम में केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण राज्य मंत्री रामनाथ ठाकुर शामिल हुए। मंत्री ने किसानों से बातचीत करते हुए उन्हें केंद्र सरकार की योजनाओं की जानकारी दी।
कृषि विज्ञान केंद्र के प्रभारी डॉ. नवीन सिंह ने मंत्री सहित सभी अतिथियों का स्वागत किया। इसके बाद केंद्रीय मंत्री ने एफपीओ और किसानों द्वारा लगाए गए स्थानीय उत्पादों के स्टालों का निरीक्षण किया, जिनमें प्रशिक्षण के दौरान तैयार किए गए अचार, मुरब्बा सहित अनेक प्रसंस्कृत खाद्य उत्पाद शामिल थे।
मंत्री ठाकुर ने कहा कि यह अभियान 29 मई से 12 जून तक देशभर में चलाया गया, जिसके माध्यम से वैज्ञानिकों ने 1 करोड़ 8 लाख 84 हजार किसानों तक पहुंचकर उन्हें नई कृषि तकनीकों के बारे में अवगत कराया। उन्होंने कृषि वैज्ञानिकों के प्रयासों की सराहना करते हुए अधिकारियों को निर्देश दिया कि वे सीधे किसानों के बीच जाकर उनकी समस्याओं को समझें और समाधान करें।
उत्पादन पर की खास चर्चा
मंत्री ने प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देने की अपील करते हुए कहा कि आज के समय में रसायन-मुक्त खेती आवश्यक है, जिससे न केवल फसल की गुणवत्ता बेहतर होगी, बल्कि लोगों का स्वास्थ्य भी सुरक्षित रहेगा। उन्होंने अधिकारियों से यह भी कहा कि किसानों को बेहतर बीज और खाद की उपलब्धता सुनिश्चित की जाए ताकि उत्पादन में गुणात्मक वृद्धि हो।
कार्यक्रम के अंत में परिसर में सिंदूर और आम के पौधे लगाकर पर्यावरण संरक्षण का संदेश भी दिया गया। इस मौके पर भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद, नई दिल्ली के उपमहानिदेशक (बागवानी) डॉ. संजय सिंह ने कहा कि वाराणसी में सब्जी उत्पादन की जबरदस्त संभावनाएं हैं और यहां के किसानों को इसकी ओर अधिक ध्यान देना चाहिए क्योंकि बाजार की भी कोई कमी नहीं है।
किसानों से की बातचीत
कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे आचार्य नरेंद्र देव कृषि एवं प्रौद्योगिक विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ. बिजेंद्र सिंह ने बताया कि वाराणसी में गठित तीन टीमों ने बीते 15 दिनों में 135 गांवों का भ्रमण कर 30 हजार किसानों से संवाद किया है। प्रबंध समिति सदस्य शैलेन्द्र रघुबंशी ने किसानों को नर्सरी और बागवानी को व्यवसाय के रूप में अपनाने के लिए प्रेरित किया।
डॉ. राम बटुक सिंह ने स्वागत भाषण दिया और डॉ. राजेश कुमार, निदेशक, भारतीय सब्ज़ी अनुसंधान संस्थान ने धन्यवाद ज्ञापन प्रस्तुत किया। कार्यक्रम का संचालन डॉ. राहुल कुमार सिंह ने किया। कार्यक्रम में उप निदेशक कृषि अमित जायसवाल, जिला कृषि अधिकारी संगम मौर्य और केवीके के वैज्ञानिक डॉ. प्रतीक्षा, डॉ. मनीष पांडेय, श्रीप्रकाश, राणा पीयूष, अरविंद, देवमणि, अशोक सहित बड़ी संख्या में किसान शामिल हुए।