Varanasi News: बिना पंजीकरण अस्पताल संचालन मामले की जांच शुरू, संचालिका के पते पर कोई नहीं मिला; पता गलत
Varanasi News: वाराणसी में अस्पताल से एक नवजात मिला था। इसका पता लगाने पहुंची बड़ागांव थाने की पुलिस को उस संचालिका का नंबर मिला जिसे नवजात का अभिभावक बताया गया था। पुलिस उसकी तलाश कर रही है।
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वाराणसी के बड़ागांव थाना क्षेत्र के हरहुआ चौराहे पर बिना पंजीकरण चल रहे जिस अस्पताल को सीज किया गया था, उसकी जांच पुलिस ने शुरू कर दी है। इस मामले में हर दिन नया मोड़ आता जा रहा है।
पहले दिन एक नवजात को लावारिस हाल में बेड पर छोड़ दिया गया था, पूछताछ में उसके माता-पिता का कोई पता नहीं चल सका। अब पुलिस ने हॉस्पिटल संचालिका पर मुकदमा दर्ज करने के बाद जब उसके घर के पते की जानकारी ली तो चोलापुर में जिस घर का पता है, वहां भी कोई नहीं मिला।
हरहुआ चौराहे पर तीन सितंबर को नायब तहसीलदार, पुलिस, स्वास्थ्य विभाग की संयुक्त टीम ने बिना पंजीकरण चल रहे निशात हॉस्पिटल एंड मेडिकेयर सेंटर को सील कर दिया था। मामले में संचालिका डॉ. शेहरा खातून पर मुकदमा दर्ज हो चुका है। तीन दिन बाद भी अब भी संचालिका पुलिस की पकड़ से बाहर है।
पुलिस ने की कार्रवाई
पुलिस के अनुसार वह चोलापुर थाना क्षेत्र के ताला गांव की रहने वाली है और पहले से ऐसे ही कार्यों में लिप्त रही है। जांच में खुलासा हुआ कि संचालिका ने जिस पते का उल्लेख किया है, वहां कोई नहीं रहता है। इस बीच पुलिस ने शुक्रवार को मामले में मुकदमा दर्ज कराने वाले पीएचसी हरहुआ के प्रभारी डॉ. संतोष कुमार का बयान पुलिस ने दर्ज किया।
जांच अधिकारी अभिषेक राय का कहना है कि जांच के दौरान जिस तरह के साक्ष्य मिल रहे हैं, उसके आधार पर संचालिका पर और धाराएं बढ़ाई जा सकती हैं। पुलिस अब इस पूरे मामले में बाल कल्याण समिति (सीडब्ल्यूसी) की रिपोर्ट का इंतजार कर रही है, जिससे शिशु की स्थिति और उसको लेकर की जाने वाली दावेदारी पर स्पष्ट फैसला हो सके। तीन सितंबर को अस्पताल में लावारिस मिले नवजात को समिति को ही सौंपा गया था।