Varanasi News : निजीकरण को लेकर संशय बरकरार, कार्रवाई पर जताई आपत्ति; जानें खास
Varanasi News : विद्युत परिषद जूनियर इंजीनियर्स संगठन ने इस मामले पर अपनी बात रखी है। दोनों डिस्कॉम के निजीकरण से वहां कार्यरत 1016 अभियंता, 2154 जूनियर इंजीनियर और 23816 टेक्नीशियन लिपिक एवं अन्य कर्मचारियों का अन्यत्र समायोजन करना होगा।
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पूर्वांचल एवं दक्षिणांचल विद्युत वितरण निगम के निजीकरण के बाद अधिकारियों, कर्मचारियों की सेवा पर संशय की स्थिति बनी है। निगम की ओर से जहां समायोजन की बात की जा रही है, वहीं राज्य विद्युत परिषद जूनियर इंजीनियर्स संगठन ने समायोजन संबंधी प्रस्ताव सच्चाई से परे बताया।
राज्य विद्युत परिषद जूनियर इंजीनियर्स संगठन (उत्तर प्रदेश) के केंद्रीय अध्यक्ष इंजी. गोपाल वल्लभ पटेल ने बताया कि पूर्वांचल एवं दक्षिणांचल विद्युत वितरण निगम लिमिटेड के निजीकरण के बाद कॉर्पोरेशन में कार्यरत जूनियर इंजीनियर और अन्य विद्युत कर्मियों की नौकरी जाना लगभग तय है।
दोनों डिस्कॉम के निजीकरण से वहां कार्यरत 1016 अभियंता, 2154 जूनियर इंजीनियर और 23816 टेक्नीशियन लिपिक एवं अन्य कर्मचारियों का अन्यत्र समायोजन करना होगा। जिनकी आधी संख्या भी यूपीपीसीएल के शेष डिस्कॉम मध्यांचल, पश्चिमांचल और केस्को में समायोजित नहीं हो पाएगी। जनपदीय सचिव इंजी. प्रमोद कुमार ने बताया कि जूनियर इंजीनियर और प्रोन्नत अभियंताओं की छंटनी और पदावनति की कार्रवाई तय है।
कार्रवाई के विरोध में प्रबंध निदेशक से मिले कर्मचारी नेता
विद्युत मजदूर पंचायत यूपी प्रतिनिधिमंडल सोमवार को प्रबंध निदेशक शंभू कुमार और निदेशक कार्मिक आरके जैन से मिला। बिजली कर्मचारी नेताओं ने संविदा कर्मियों पर हुई कार्रवाई पर आपत्ति जताई। मीडिया प्रभारी अंकुर पांडेय ने बताया कि 30 नवंबर को भिखारीपुर के हनुमान मंदिर पर मजदूर पंचायत की आपात बैठक बुलाई थी। प्रबंधन ने उसे धरना समझा। इसे आधार बनाकर ही संविदा कर्मचारियों पर कार्रवाई की।
अंकुर पांडेय ने बताया कि दोनों अधिकारी ने कार्रवाई समाप्त करने का आश्वासन दिया। मीडिया प्रभारी ने बताया कि निजीकरण के विरोध में पांच दिसंबर को वाराणसी में पंचायत, छह दिसंबर को राष्ट्रव्यापी प्रदर्शन होगा। प्रांतीय कार्यवाहक महामंत्री डॉ. आरबी सिंह, प्रांतीय अतिरिक्त महामंत्री ओपी सिंह, प्रांतीय उपाध्यक्ष आरके वाही सहित अन्य मौजूद रहे।