Varanasi News: नगर पालिका के जेई के खिलाफ भ्रष्टाचार का केस, विजिलेंस ने की कार्रवाई, इस मामले में पाए गए दोषी
जेई मुरलीधर ने ज्ञात और वैध स्रोतों से अर्जित अपनी आय के सापेक्ष 38,57,139 रुपये अधिक खर्च किए, जो उनकी ज्ञात व वैध स्रोतों से अर्जित आय से अधिक है। इसकी जांच की जा रही है।
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
Varanasi News: भ्रष्टाचार के मामले में चंदौली के पंडित दीनदयाल नगर स्थित नगर पालिका परिषद के जेई मुरलीधर के खिलाफ सतर्कता अधिष्ठान थाना वाराणसी में केस दर्ज किया गया। शुक्रवार दोपहर दर्ज मुकदमे में जेई मुरलीधर को जांच के दौरान 38,57,139 रुपये अधिक खर्च करने मामले में दोषी पाया गया।
सतर्कता अधिष्ठान वाराणसी सेक्टर में दर्ज एफआईआर के मुताबिक लोक सेवक पद पर कार्यरत मुरलीधर ने जांच के दौरान निर्धारित अवधि में आय के समस्त ज्ञात व वैध स्रोतों से 1,00,13,342 हजार रुपये की आय अर्जित की और इस अवधि में भरण पोषण पर लगभग 1,38,7,0481 रुपये खर्च किए।
इस संबंध में जेई मुरलीधर ने संतोषजनक स्पष्टीकरण विजिलेंस के समक्ष प्रस्तुत नहीं किया है। इस प्रकार जांच के दौरान मुरलीधर अधिक संपत्ति अर्जित करने के दोषी पाया गया।
लोक सेवक मुरलीधर का यह कृत्य भ्रष्टाचार के तहत दंडनीय अपराध है। सोनभद्र के विंढमगंज थाना क्षेत्र के केवाल निवासी मुरलीधर के खिलाफ 5 जून 2025 को विजिलेंस में केस दर्ज किया था। इस दौरान उत्तर प्रदेश सतर्कता अधिष्ठान वाराणसी सेक्टर के इंस्पेक्टर सदाशिव मौर्य की तहरीर पर केस दर्ज किया गया है। जांच में भ्रष्टाचार का मामला सामने आया। वहीं, जेई के खिलाफ विभागीय शुरू हो गई है।
ठेकेदारों से खूब थी बनती, 2019 से नगर पालिका में तैनाती
विजिलेंस के अनुसार, सोनभद्र के विंढमगंज थाना क्षेत्र के केवाल निवासी मुरलीधर की 2019 में पीडीडीयू नगर के नगर पालिका परिषद में जेई के पद तैनाती हुई। इस बीच निर्धारित अवधि पूरा होने के बाद भी तबादला हुआ लेकिन वह नगर पालिका का मोह नहीं छोड़ पाए।
निर्धारित अवधि में तैनात अधिशासी अधिकारियों के चहेते मुरलीधर का तबादला पूर्व में तैनात अधिकारियों की संस्तुति पर रुकता गया। पूर्व चेयरमैन के समय से ठेकेदारों से विशेष लगाव रखने वाले मुरलीधर के खिलाफ 22 नवंबर 2023 में उत्तर प्रदेश सतर्कता अधिष्ठान में शिकायती पत्र पड़ा था।