यूपी: आढ़तियों का फैसला, अब शहर में नहीं आएंगे चीनी फल, 50 टन का आर्डर रद्द
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वाराणसी में फलों पर भी कब्जा जमा चुके चीन को झटका देने के क्रम में पहड़िया मंडी के आढ़तियों ने चीन के सेव, नाशपाती और माल्टा फल का करीब 50 टन माल का ऑर्डर निरस्त कर दिया। आढ़तियों के अनुसार शहीद जवानों को यही सच्ची श्रद्धांजलि होगी। चालबाज चीन का अब कभी भी माल नहीं बेचा जाएगा।
करीब 20 टन सेव, 15 टन नाशपाती व माल्टा फल भी 15 से 20 टन वाराणसी में आता था। इधर जब से चीन की दगाबाजी सामने आई तो एक साथ सभी ऑर्डर निरस्त कर दिए गए। चीन से समुद्र के रास्ते कंटेनर में फल मद्रास व मुंबई आने के बाद वातानुकूलित वाहनों से सड़क मार्ग के जरिए पहडि़या मंडी में पहुंचता था।
सप्ताह में एक बार यह फल आना तय होता था। मौजूदा समय में सेव न्यूजीलैंड, वाशिंगटन, तुर्की से पहड़िया मंडी में आ रहा है। अब कुछ ही दिनों में नाशपाती की आवक चीन से शुरू होती। इसके पहले ही आढ़तियों ने सेव का 20 टन ऑर्डर, नाशपाती का 15 टन और माल्टा का भी करीब 15 टन ऑर्डर निरस्त कर दिया।
कारोबारियों के अनुसार फलों से लदी एक गाड़ी यदि वाराणसी आती है तो कम से कम 35 लाख रुपये की होती है। इस तरह तीनों फल की अलग-अलग गाड़ियां आती है। मान कर चलिए की कम से कम प्रति सप्ताह लगभग एक करोड़ का सिर्फ वाराणसी में चीन का फल आता है। 12 किलो की सेव पेटी 1200 से 1500 रुपये, 20 किलो की नाशपाती पेटी 2500-3000 रुपये और 14 किलो की माल्टा पेटी 1500 से 1600 में बिकती है।