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Varanasi News: आचार्य अशोक द्विवेदी ने कहा- भारत देवभूमि है, यहां मस्जिदों का कोई स्थान नहीं है

Sun, 05 Oct 2025 12:38 PM IST
अमन विश्वकर्मा अमर उजाला नेटवर्क, वाराणसी।
अमर उजाला नेटवर्क, वाराणसी। Published by: अमन विश्वकर्मा Updated Sun, 05 Oct 2025 12:38 PM IST
सार

श्री काशी विश्वनाथ मंदिर न्यास के पूर्व अध्यक्ष ने हिन्दू राष्ट्र की बात करते हुए कहा कि भारत भूमि पर अनेक देवी-देवताओं का जन्म हुआ है। आक्रांताओं का कोई इतिहास नहीं मिलता है।

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Varanasi News Acharya Ashok Dwivedi said India is land of gods place for mosques here
आचार्य अशोक द्विवेदी। - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

भारत की संपूर्ण भूमि देवभूमि है। इस भूमि पर आक्रांताओं द्वारा बनवाई गई मस्जिदों के लिए कोई स्थान नहीं है। मेरे भारत में राम का जन्म है, कृष्ण का जन्म है। मेरे भारत में दशावतार हुए हैं। संपूर्ण काशी शिव की है और यहां पर किसी आक्रांता का कोई चिन्ह नहीं रहना चाहिए। यह सिर्फ और सिर्फ हमारी कमजोरी के कारण टिका हुआ है। यह केवल सरकारी दस्तावेजों में ही मस्जिद हैं।

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उक्त बातें श्री काशी विश्वनाथ मंदिर न्यास के पूर्व अध्यक्ष आचार्य अशोक द्विवेदी ने कहीं। शनिवार को रविंद्रपुरी स्थित वेद पारायण केंद्रम न्यास में प्रेसवार्ता के दौरान आचार्य अशोक द्विवेदी ने कहा कि देश भर के मंदिरों में तिलक लगाने का नया रोजगार और प्रसाद का व्यापारीकरण शुरू हो गया है। धर्म का स्वरूप इवेंट के रूप में बदला जा रहा है। यह उचित नहीं है।
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मंत्र विहीन, काल विहीन और स्थान विहीन तिलक अशुभ होता है। आए दिन लोग त्योहारों की तिथियों पर भ्रम फैला देते हैं जबकि ऐसा नहीं होना चाहिए। भारत के कुछ गणमान्य सत्ता द्वारा संरक्षिण संत-महात्मा आंखें मूंदकर बैठे हुए हैं। सत्ता तो आती जाती रहेगी लेकिन धर्म शाश्वत है। आज नहीं तो कल उनको इस बात का पश्चाताप जरूर होगा।

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प्रो. हरिनारायण को वेदऋषि और डी कल्याणी को ज्योतिष रत्न
आचार्य अशोक द्विवेदी ने बताया कि वेद परायण केंद्रम न्यास की ओर से हर साल की तरह शरद पूर्णिमा महोत्सव का आयोजन 6 अक्तूबर को किया जाएगा। समारोह का शुभारंभ 4:00 बजे श्री चक्र राजराजेश्वरी भगवती की विशेष आराधना से होगा। रातभर चलने वाले इस आयोजन में महालक्ष्मी पूजा के साथ ही काशी विद्वत कर्मकांड परिषद के तत्वाधान में एक धर्म गोष्ठी का भी आयोजन किया जा रहा है।

इस बार वेद परायण केंद्रम न्यास द्वारा देश के तीन विद्वानों को सम्मानित भी किया जाएगा। इसमें काशी विद्वत परिषद के अध्यक्ष प्रो. हरि नारायण तिवारी को वेद ऋषि, मुंबई की डी कल्याणी को ज्योतिष रत्न तथा वैदिक नारायण शर्मा कांकर को वेदरत्न से सम्मानित किया जाएगा।

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