Varanasi News: 64 सीएचसी-पीएचसी, तीन बड़े अस्पतालों से 10 महीने में 62 हजार मरीजों को लाैटाया; जानें आंकड़े
Varanasi News: वाराणसी में 10 महीनों में 64 सीएचसी-पीएचसी व तीन बड़े अस्पतालों से 62,418 एनसीडी मरीज बिना इलाज लौटे। सबसे ज्यादा 36,949 मरीज आराजीलाइन, सेवापुरी व शहरी केंद्रों से रेफर हुए। चिरईगांव और बड़ागांव में हालत खराब रही, जहां इलाज बेहद कम हुआ और स्वास्थ्य व्यवस्था की कमजोरी उजागर हुई।
विस्तार
Varanasi News: वाराणसी जिले के आठ ब्लॉक के 64 सीएचसी-पीएचसी और तीन बड़े सरकारी अस्पतालों से 10 महीने में 62418 एनसीडी मरीज बिना इलाज लौटे हैं। सीएचसी-पीएचसी समेत जिला, मंडलीय और रामनगर एलबीएस अस्पताल से मरीजों को अन्य अस्पतालों में रेफर किया गया है।
इन मरीजों में शुगर, ब्लड प्रेशर समेत तीन प्रकार के कैंसर के मरीज शामिल हैं। यह स्थिति तब है जब हर महीने स्वास्थ्य समिति की बैठक में सीएम डैश बोर्ड की रैंकिंग में जिले को प्रथम स्थान पर लाने की रूपरेखा खींची जाती है।
जिला स्वास्थ्य समिति की फरवरी 2026 की रिपोर्ट के मुताबिक, जिले के आठ ब्लाॅकों में अप्रैल से जनवरी के बीच सबसे अधिक मरीज आराजीलाइन, सेवापुरी और शहरी सीएचसी-पीएचसी से 36949 मरीज रेफर किए गए हैं।
इसके अलावा चिरईगांव, बड़ागांव और शहरी सीएचसी में खराब स्थिति है। इन अस्पतालों में 10 महीने में सबसे कम मरीजों का इलाज किया गया है। रिपोर्ट के मुताबिक, बड़ागांव ब्लाॅक के अस्पतालों में अप्रैल से जनवरी के बीच मात्र 821 मरीजों का इलाज किया गया है।
ब्लाॅक वार आंकड़े
| ब्लॉक | 10 महीने में इलाज | प्रतिदिन औसत मरीज |
| बड़ागांव | 821 | 3 मरीज |
| चिरईगांव | 1030 | 3-4 मरीज |
| शहरी सीएचसी/पीएचसी | 5690 | 19 मरीज |
आंकड़े एक नजर में
- कुल रेफर किए गए मरीज (10 महीने) - 62,418
- सर्वाधिक रेफरल वाले ब्लॉक- आराजीलाइन, सेवापुरी और शहरी क्षेत्र
- सबसे खराब प्रदर्शन (न्यूनतम इलाज) - बड़ागांव, चिरईगांव और शहरी सीएचसी
- प्रमुख बीमारियां - शुगर, ब्लड प्रेशर समेत तीन प्रकार के कैंसर के मरीज
स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी सही रिपोर्ट नहीं दे पा रहे
जिला स्वास्थ्य समिति की रिपोर्ट के मुताबिक, चिरईगांव, बड़ागांव और शहरी क्षेत्र के अस्पताल जिला प्रशासन के समक्ष शत प्रतिशत रिपोर्ट भी उपलब्ध नहीं करा पा रहे हैं। सीएमओ के मुताबिक, उन्हें अगली बैठक में मरीजों के इलाज और रेफरल संबंधी विस्तृत डाटा उपलब्ध कराने को कहा गया है।
एनसीडी के मरीजों का कई बार सीएचओ के माध्यम से इलाज हो जाता है, लेकिन डेटा पोर्टल पर अपलोड नहीं हो पाता है। इसे सभी प्रभारियों को ठीक करने के निर्देश दिए गए हैं। मरीजों के इलाज के संबंध में किसी भी प्रकार की लापरवाही न हो, इसके लिए हर स्तर से निगरानी की जा रही है। - डॉ. एनडी शर्मा, अपर निदेशक, स्वास्थ्य विभाग