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Varanasi Nagar Nigam: सीमा विस्तार से मोहनसराय से मुगलसराय तक बढ़ेगा शहर, काशी को मिलेगा नया आकार

Wed, 03 Aug 2022 04:34 PM IST
उत्पल कांत न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वाराणसी
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वाराणसी Published by: उत्पल कांत Updated Wed, 03 Aug 2022 04:34 PM IST
सार

गंगापार रामनगर और सूजाबाद के वाराणसी नगर निगम की सीमा में शामिल होने के बाद काशी के विश्व विख्यात घाटों के समानांतर भी विकास की गंगा की बहेगी। 

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Varanasi Nagar Nigam  border expansion will grow from Mohansarai to Mughalsarai
वाराणसी नगर निगम - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

वाराणसी नगर निगम की सीमा विस्तार के साथ ही गंगा पार क्षेत्र में विकास की बयार भी मुहर लग गई है। कैबिनेट के इस निर्णय से काशी अब महानगर के रूप में आकार लेगा और मोहनसराय से मुगलसराय तक शहर का दायरा बढ़ेगा। रामनगर व सूजाबाद के वाराणसी नगर निगम की सीमा में शामिल होने के बाद काशी के विश्व विख्यात घाटों के समानांतर भी विकास की गंगा की बहेगी।

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रामनगर पालिका परिषद और सूजाबाद नगर पंचायत का वाराणसी नगर निगम में विलय के पीछे वहां का विकास करना है। लोगों तक बुनियादी सुविधाएं पहुंचानी है। दरअसल, रामनगर में केंद्र व प्रदेश सरकार की आधा दर्जन बड़ी परियोजनाएं प्रस्तावित हैं। इसके साथ ही रामनगर और सूजाबाद को वाराणसी शहर से मजबूत कनेक्टिविटी देकर एकाकार करने का प्रयास भी जारी है।
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यही कारण है कि नमो घाट से प्रस्तावित सिग्नेचर ब्रिज, काशी विश्वनाथ धाम से डोमरी के बीच पैदल पुल से यहां तक पहुंचना भी सुगम होगा। इसके साथ ही रामनगर में जल परिवहन के लिए बने मल्टी मॉडल टर्मिनल और उसके पास ही प्रस्तावित फ्रेड कॉरिडोर से बनारस के विकास को नई पहचान मिलेगी।

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इन विकास परियोजनाओं के साथ ही नगर निगम सीमा में शामिल होने के बाद यहां बसने वालों की सुविधाएं भी काशी के समान होगी। यह सब मिला कर अब वाराणसी नगर निगम की सीमा चंदौली तक पहुंच जाएगी। इसके साथ ही महानगर की परिकल्पना वाले काशी के विस्तार का रास्ता भी साफ होगा।

वाराणसी नगर निगम में शामिल किए जाने के बाद जरूरत के आधार पर विकास योजनाएं लाई जा सकेंगी। नगर निगम में शामिल होने के बाद रामनगर और सूजाबाद में नागरिक सुविधाओं का प्रबंधन बेहतर होने के साथ ही नगर निगम की आय में वृद्धि होगी। इससे क्षेत्र के विकास के लिए निगम के व्यय संबंधी दायित्व निर्वहन में आसानी होगी। क्षेत्र के अवस्थापना विकास के होने से स्थानीय निवासियों हेतु अतिरिक्त रोजगार सृजन की संभावना है।

दो हजार हेक्टेयर से ज्यादा बढ़ेगी सीमा

प्रस्ताव के मुताबिक सीमा विस्तार के बाद वाराणसी नगर निगम का दायरा बढ़ाकर 18256.017 हेक्टेयर और आबादी 1636659 हो गई है। मौजूदा समय वाराणसी नगर निगम का क्षेत्रफल 16716.617 हेक्टेयर और वर्ष 2011 की जनगणना के आधार पर जनसंख्या 1567219 है। नगर निगम में विलय होने वाले नगर पंचायत सूजाबाद का क्षेत्रफल 1177 हेक्टेयर और आबादी 20308 है। जबकि नगर पालिका परिषद रामनगर का क्षेत्रफल 362.40 हेक्टेयर और आबादी 49132 है। 

नई काशी के लिए टाउनशिप के प्रस्ताव पर गति

शहर के विस्तार के लिए नई काशी बसाने में जुटे विकास प्राधिकरण के प्रस्तावित टाउनशिप के प्रस्ताव को भी नगर निगम सीमा के विस्तार से गति मिलेगी। वीडीए ने रामनगर से सटे सरेसर और अलीनगर में साढ़े तीन सौ एकड़ जमीन लैंड पूलिंग के जरिए विकसित करने वाली है। नगर निगम की सीमा विस्तार के बाद यहां बसने वालों का भी इस क्षेत्र में बसने का रूझान बढ़ेगा।

गठन के 72 साल बाद खत्म होगा वजूद

पूर्व प्रधानमंत्री लालबहादुर शास्त्री की जन्मस्थली रामनगर की नगर पालिका परिषद का गठन आजादी के बाद 11 नवंबर 1950 को किया गया था। वाराणसी कैंट विधानसभा क्षेत्र का हिस्सा रहे रामनगर नगर पालिका के चेयरमैन पद पर पिछले डेढ दशक से कांग्रेस का कब्जा है। 
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