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वाराणसी नगर निगम मारेगा शहर के चूहे, अपनाएगा रेलवे वाली तकनीक
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वाराणसी
Updated Fri, 17 Aug 2018 06:29 PM IST
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बैठक करती मेयर मृदुला जायसवाल
- फोटो : अमर उजाला
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वाराणसी नगर निगम भी शहर के चूहों को मारेगा। इसके लिए रेलवे की चूहों को मारने की तकनीक अपनाई जाएगी। वही पार्षदों को अपने क्षेत्र विकास के लिए 10 लाख रुपये, सीवर सफाई के कार्य में फेल हो चुकी ‘लग्जरा’ कंपनी को ब्लैक लिस्टेड किया जाएगा। यह फैसले पर मुहर नगर निगम की गुरुवार को हुई कार्यकारिणी की बैठक में लगी।
नगर निगम कार्यकारिणी की बैठक गुरुवार को महापौर मृदुला जायसवाल की अध्यक्षता में हुई। इसमें कार्यकारिणी सदस्यों की ओर से दिए गए प्रस्तावों में संशोधन करते हुए पास कर दिया गया। पार्षद प्रशांत कुमार सिंह ने शहर में सीवर के मेनहोल व चेंबर और पार्कों को चूहों द्वारा नुकसान करने की समस्या उठाई। इस पर चूहों को मारने के लिए कार्यकारिणी में प्रस्ताव पास किया गया।
पार्षदों ने अपने वार्ड में विकास कार्य कराने के लिए 50-50 लाख रुपये देने का प्रस्ताव दिया था, लेकिन 10 लाख रुपये पास किया गया। वहीं नगर निगम की ओर से रखे गए 32 सौ कर्मचारियों के एरियर पर सहमति बनी। शहर में आईपीडीएस की ओर से की गई खुदाई से खराब गलियों की मरम्मत का प्रस्ताव पास हुआ। नगर निगम के उप सभापति को चार पहिया वाहन और कार्यालय दिया जाएगा।
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उधर, शहर में गैस पाइप लाइन बिछाने के प्रस्ताव को विपक्ष के सदस्यों ने विरोध किया। उनका कहना था कि गेल की ओर से गैस पाइप लाइन बिछाने के नाम पर सड़कों को खोद दिया गया है। इससे पूरी व्यवस्था चौपट हो गई है। पार्षद अजीत सिंह ने कहा कि इस प्रस्ताव से और भी शहर की स्थिति खराब होगी। इसलिए कार्यकारिणी ने इस प्रस्ताव को टाल दिया गया।
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नगर निगम कार्यकारिणी की बैठक गुरुवार को महापौर मृदुला जायसवाल की अध्यक्षता में हुई। इसमें कार्यकारिणी सदस्यों की ओर से दिए गए प्रस्तावों में संशोधन करते हुए पास कर दिया गया। पार्षद प्रशांत कुमार सिंह ने शहर में सीवर के मेनहोल व चेंबर और पार्कों को चूहों द्वारा नुकसान करने की समस्या उठाई। इस पर चूहों को मारने के लिए कार्यकारिणी में प्रस्ताव पास किया गया।
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पार्षदों ने अपने वार्ड में विकास कार्य कराने के लिए 50-50 लाख रुपये देने का प्रस्ताव दिया था, लेकिन 10 लाख रुपये पास किया गया। वहीं नगर निगम की ओर से रखे गए 32 सौ कर्मचारियों के एरियर पर सहमति बनी। शहर में आईपीडीएस की ओर से की गई खुदाई से खराब गलियों की मरम्मत का प्रस्ताव पास हुआ। नगर निगम के उप सभापति को चार पहिया वाहन और कार्यालय दिया जाएगा।
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उधर, शहर में गैस पाइप लाइन बिछाने के प्रस्ताव को विपक्ष के सदस्यों ने विरोध किया। उनका कहना था कि गेल की ओर से गैस पाइप लाइन बिछाने के नाम पर सड़कों को खोद दिया गया है। इससे पूरी व्यवस्था चौपट हो गई है। पार्षद अजीत सिंह ने कहा कि इस प्रस्ताव से और भी शहर की स्थिति खराब होगी। इसलिए कार्यकारिणी ने इस प्रस्ताव को टाल दिया गया।
आठ साल बाद हुई कार्यकारिणी की बैठक
वाराणसी नगर निगम
- फोटो : self
नगर निगम में कौशलेंद्र सिंह के कार्यकाल में 2010 में बैठक हुई थी। इसके बाद विरोध हो गया था। इसके बाद राम गोपाल मोहले महापौर बने, लेकिन हाईकोर्ट में मामला जाने के बाद कार्यकारिणी की बैठक नहीं हो पाई।
भाजपा पार्षद दल के नेता राजेश जायसवाल ने बताया कि इससे पहले दो कार्यकाल में इतने विरोध हुए कि आठ सालों तक इस नगर निगम में कार्यकारिणी की बैठक नहीं हो पाई। आठ साल बाद हुई बैठक में शहर के विकास पर चर्चा हुई।
उधर, पार्षद रेशमा परवीन, रमजान अली व सपा पार्षद प्रशांत सिंह पिंकू व अजीत सिंह ने 90 वार्डों में 50-50 लाख रुपये देने की मांग की। वंदना सिंह ने उपसभापति को गाड़ी व नगर निगम में एक कक्ष देने की मांग की जिस पर पार्षद अजीत सिंह ने समर्थन किया।
पार्षद अजीत सिंह ने सीवर सफाई का कार्य कर रही लग्जरा इंटरप्राइजेज को ब्लैक लिस्टेड करने की मांग की। पार्षद संदीप त्रिपाठी ने निगम की नजूल, बंजर, नवीन परती भूमि कब्जामुक्त कराने को कहा। रमजान अली ने प्रस्ताव रखा कि सफाई कर्मियों के मास्टर रोल पर पार्षद हस्ताक्षर करें और खुले प्लाट पर कूड़ा एकत्र होने पर प्लाट के स्वामी के खिलाफ जुर्माने लगाया जाए। इसे पास किया गया।
अजीत सिंह ने उच्चतर माध्यमिक बालिका विद्यालय रामघाट के परिसर में मलबे का निस्तारण करने, अतिक्रमण हटाने का प्रस्ताव रखा जिसे पास किया गया। इसके साथ ही वार्डों में लाइट का प्रबंध करने का प्रस्ताव उठा। जब तक पूरे शहर में प्रकाश व्यवस्था सही नहीं हो जाती है, तब तक ईईएसएल कंपनी के भुगतान पर रोक लगाने की बात कही गई।
भाजपा पार्षद दल के नेता राजेश जायसवाल ने बताया कि इससे पहले दो कार्यकाल में इतने विरोध हुए कि आठ सालों तक इस नगर निगम में कार्यकारिणी की बैठक नहीं हो पाई। आठ साल बाद हुई बैठक में शहर के विकास पर चर्चा हुई।
उधर, पार्षद रेशमा परवीन, रमजान अली व सपा पार्षद प्रशांत सिंह पिंकू व अजीत सिंह ने 90 वार्डों में 50-50 लाख रुपये देने की मांग की। वंदना सिंह ने उपसभापति को गाड़ी व नगर निगम में एक कक्ष देने की मांग की जिस पर पार्षद अजीत सिंह ने समर्थन किया।
पार्षद अजीत सिंह ने सीवर सफाई का कार्य कर रही लग्जरा इंटरप्राइजेज को ब्लैक लिस्टेड करने की मांग की। पार्षद संदीप त्रिपाठी ने निगम की नजूल, बंजर, नवीन परती भूमि कब्जामुक्त कराने को कहा। रमजान अली ने प्रस्ताव रखा कि सफाई कर्मियों के मास्टर रोल पर पार्षद हस्ताक्षर करें और खुले प्लाट पर कूड़ा एकत्र होने पर प्लाट के स्वामी के खिलाफ जुर्माने लगाया जाए। इसे पास किया गया।
अजीत सिंह ने उच्चतर माध्यमिक बालिका विद्यालय रामघाट के परिसर में मलबे का निस्तारण करने, अतिक्रमण हटाने का प्रस्ताव रखा जिसे पास किया गया। इसके साथ ही वार्डों में लाइट का प्रबंध करने का प्रस्ताव उठा। जब तक पूरे शहर में प्रकाश व्यवस्था सही नहीं हो जाती है, तब तक ईईएसएल कंपनी के भुगतान पर रोक लगाने की बात कही गई।