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काशी की संस्कृति से रूबरू कराएगा यह खास महल, जल्द शुरू होगा लाइट एंड साउंड शो
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वाराणसी
Updated Wed, 23 May 2018 10:31 AM IST
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मान महल
- फोटो : अमर उजाला
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ज्योतिष विज्ञान का नायाब नमूना यानि मान महल जल्द ही काशी में आने वाले पर्यटकों के लिए आकर्षण का केंद्र होगा। इसमें यहां की कला, धर्म और संस्कृति की पूरी झलक देखने को मिलेगी।
संस्कृति विभाग के सहयोग से तैयार हो रहे इस म्यूजियम में काशी के राजाओं और यहां के मंदिरों को लेकर तैयार की गई नक्काशी को प्रदर्शित किया जाएगा। मंगलवार को म्यूजियम में सुविधाओं का जायजा लेने के बाद संस्कृति विभाग के सचिव राघवेंद्र सिंह अक्टूबर तक इसे पर्यटकों के लिए खोलने की बात कही।
पढ़ेंः बनारस का यह महल है बड़ा खास, यहां मिलता है ज्योतिष विज्ञान के साथ गंगा दर्शन का रोमांच
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सचिव ने बताया कि विरासतों को संरक्षित करने और लोगों को आकर्षित करने के लिए यह म्यूजियम तैयार किया जा रहा है। इसमें कुछ चीजें सारनाथ से भी मंर्गाई जाएंगी। शाम को लाइट और साउंड सिस्टम शो के जरिए कला और संस्कृति को दिखाया जाएगा।
वहीं पुरातत्व विभाग की ओर से माल महल को चूना और पुट्टी लगाकर पुताई करा दी गई है। यही नहीं वेधशाला को भी पुट्टी लगाकर रंगीन कर दिया गया है। सचिव ने स्थानीय अधिकारियों को मूल स्वरूप के बिना छेड़छाड़ किए उसकी मरम्मत करने का निर्देश दिया है।
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संस्कृति विभाग के सहयोग से तैयार हो रहे इस म्यूजियम में काशी के राजाओं और यहां के मंदिरों को लेकर तैयार की गई नक्काशी को प्रदर्शित किया जाएगा। मंगलवार को म्यूजियम में सुविधाओं का जायजा लेने के बाद संस्कृति विभाग के सचिव राघवेंद्र सिंह अक्टूबर तक इसे पर्यटकों के लिए खोलने की बात कही।
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सचिव ने बताया कि विरासतों को संरक्षित करने और लोगों को आकर्षित करने के लिए यह म्यूजियम तैयार किया जा रहा है। इसमें कुछ चीजें सारनाथ से भी मंर्गाई जाएंगी। शाम को लाइट और साउंड सिस्टम शो के जरिए कला और संस्कृति को दिखाया जाएगा।
वहीं पुरातत्व विभाग की ओर से माल महल को चूना और पुट्टी लगाकर पुताई करा दी गई है। यही नहीं वेधशाला को भी पुट्टी लगाकर रंगीन कर दिया गया है। सचिव ने स्थानीय अधिकारियों को मूल स्वरूप के बिना छेड़छाड़ किए उसकी मरम्मत करने का निर्देश दिया है।
राजा मान सिंह ने बनवाया था महल
मान महल घाट को 1600 में आमेर के महाराजा मान सिंह ने बनवाया था। खिड़कियों पर सुंदर अलंकृत नक्काशियों वाले शानदार भवन के लिए यह महल प्रसिद्ध है। इसकी छत पर एक वेधशाला है, जो 1710 में राजा जय सिंह द्वितीय द्वारा बनाई गई थी।
यहां पत्थर से बने विशाल यंत्र स्थापित हैं, जिनका इस्तेमाल सूर्य, चंद्रमा, तारे और अन्य ग्रहों की हलचल का अध्ययन करने के लिए किया जाता था। जंतर- मंतर वेधशाला का मुख्य आकर्षण है। ये जंतर- मंतर दिल्ली, जयपुर, उज्जैन और मथुरा में स्थित जंतर- मंतर के जैसा ही है।
यहां पत्थर से बने विशाल यंत्र स्थापित हैं, जिनका इस्तेमाल सूर्य, चंद्रमा, तारे और अन्य ग्रहों की हलचल का अध्ययन करने के लिए किया जाता था। जंतर- मंतर वेधशाला का मुख्य आकर्षण है। ये जंतर- मंतर दिल्ली, जयपुर, उज्जैन और मथुरा में स्थित जंतर- मंतर के जैसा ही है।
कुलपति संग भारत कला भवन पहुंचे सचिव
संस्कृति मंत्रालय के सचिव राघवेंद्र सिंह
- फोटो : अमर उजाला
संस्कृति मंत्रालय के सचिव राघवेंद्र सिंह मंगलवार को बीएचयू पहुंचे। यहां उन्होंने कुलपति प्रो. राकेश भटनागर से पहले मुलाकात की, इसके बाद वह भारत कला भवन पहुंचे। यहां उन्होंने भवन में बनी अलग-अलग वीथिका और उसके महत्व के बारे में निदेशक से बातचीत की।
पढ़ेंः बीएचयू की शान भारत कला भवन बनेगा अब ग्रीन म्यूजियम
निदेशक प्रो.अजय ने बताया कि सचिव ने इस दौरान मान महल घाट में बन रहे संग्रहालय में बीएचयू के सहयोग को लेकर बातचीत की। बताया कि भवन में रखी ऐतिहासिक धरोहरों के संरक्षण और सुरक्षा के लिए मंत्रालय से चार करोड़ रुपये मिलने हैं, जिसमें दो करोड़ रुपये मिल चुके हैं। इससे यहां संरक्षण के प्रयास के साथ ही सुरक्षा के लिहाज से सीसीटीवी लगवाया जाएगा।
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निदेशक प्रो.अजय ने बताया कि सचिव ने इस दौरान मान महल घाट में बन रहे संग्रहालय में बीएचयू के सहयोग को लेकर बातचीत की। बताया कि भवन में रखी ऐतिहासिक धरोहरों के संरक्षण और सुरक्षा के लिए मंत्रालय से चार करोड़ रुपये मिलने हैं, जिसमें दो करोड़ रुपये मिल चुके हैं। इससे यहां संरक्षण के प्रयास के साथ ही सुरक्षा के लिहाज से सीसीटीवी लगवाया जाएगा।