लोकसभा चुनाव: लोकतंत्र के महापर्व पर मतदान से बरसेगी नवग्रहों की कृपा, प्रीति व आयुष्मान योग में हो रहा मतदान
Lok Sabha Election 2024: लोकतंत्र के महापर्व पर मतदान से नवग्रहों की कृपा बरसेगी।इसका प्रमुख कारण है कि नवसंवत्सर के मंत्री शनि, उत्तरा भाद्रपद नक्षत्र, प्रीति व आयुष्मान योग में आज मतदान हो रहा है। ज्योतिष की मानें तो राष्ट्र की उन्नति और विकास के लिए मतदान करने से राशियों के स्वामी की कृपा होती है।
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लोकतंत्र के महापर्व की पूर्णाहुति आज हो रही है। जबकि नवसंवत्सर के राजा मंगल और मंत्री शनि हैं। इस पर्व की पूर्णाहुति भी ज्येष्ठ मास कृष्णपक्ष की दशमी की पूर्णातिथि पर हो रही है और उत्तरा भाद्रपद नक्षत्र, प्रीति व आयुष्मान योग बन रहा है। ऐसे महासंयोग पर महापर्व के यज्ञ में आप मतदान रूपी आहुतियां डालते हैं तो आप पर नवग्रहों की कृपा बरसेगी और आप राष्ट्र की उन्नति का कारक बनेंगे।
ज्योतिष के अनुसार ग्रह, नक्षत्र और योग से किसी पर्व व कार्य की सफलता के महासंयोग बनते हैं। पर्व और त्योहारों पर उत्सवी माहौल में विविध अनुष्ठान व आयोजन होते हैं और दान-पुण्य भी करते हैं। इसका फल भी मिलता है। ऐसे ही लोकतंत्र के महापर्व पर हम मत का दान करते हैं तो स्वस्थ और सशक्त लोकतंत्र बनता है।
आचार्य रामप्रवेश पांडेय आरैर आचार्य दैवज्ञ कृष्ण शास्त्री ने बताया कि हर राशियों के स्वामी ग्रह होते हैं। अच्छे योग में जो भी अच्छे कार्य करते हैं, उनपर ग्रहों के उत्तम फल प्राप्त होते हैं। शनिवार को बने महासंयोग में मतदाता मतदान करते हैं तो उनपर ग्रहों की कृपा होगी।
राशियों के स्वामी ग्रह व फल
- मेष व वृश्चिक मंगल (मंगल)
- सिंह सूर्य (सौर्य, बल व पुष्टि)
- कर्क चंद्रमा (शांति)
- वृषभ व तुला शुक्र (विकास, विस्तार)
- मिथुन व कन्या बुध (तर्कशक्ति, बुद्धि)
- धनु व मीन गुरु (ज्ञान एवं विवेक)
- मकर व कुंभ शनि (न्याय)
नेताओं की जीत के लिए आज हो रहे अनुष्ठान
प्रत्याशियों की जीत के लिए उनके समर्थक काशी में विभिन्न मंदिरों में चुनाव में जीत के लिए विविध अनुष्ठान हो रहे हैं। शनिवार को मतदान के दिन भी कई मंदिरों में पूजन अर्चन व अनुष्ठान हो रहे हैं। मराठी समाज की ओर से चिंतामणि मंदिर में गणेश अथर्व शीर्ष का पारायण हो रहा। पंच द्रविड़ समाज की ओर से आंध्रा आश्रम में सुंदरकांड व हनुमान चालीसा का पाठ होगा। इसके बाद हवन पूजन होगा। जैन मंदिर भेलूपुर और खोजवां में शांतिधारा होगी।