देश का सबसे प्रदूषित शहर हुआ बनारस, दमघोंटू हवा के सबसे बड़े ये हैं कारण
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उत्तर प्रदेश की राजधानी की हवा की सेहत में सोमवार की तुलना में मंगलवार को सुधार हुआ। हालांकि, अब भी यह खराब ही बनी हुई है। मंगलवार को लखनऊ की हवा देश में दूसरे नंबर पर प्रदूषित रही। तालकटोरा और लालबाग में यह सबसे खराब रिकॉर्ड की गई। हवा की सेहत बिगड़ने के पीछे मौसम में आए बदलाव को कारण माना जा रहा है।
केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (सीपीसीबी) के रिकॉर्ड के मुताबिक मंगलवार को लखनऊ का एक्यूआई 269 रिकॉर्ड हुआ। सोमवार को यह 294 था। ऐसे में इसमें सुधार तो आया, लेकिन इसके बाद भी वाराणसी के बाद लखनऊ वायु प्रदूषण में देश में दूसरे नंबर पर है। वाराणसी का एक्यूआई 276 रहा।
दिल्ली, नोएडा में बेहतर हालात
लखनऊ की तुलना में दिल्ली और नोएडा में वायु प्रदूषण कम है। नोएडा में 210 और दिल्ली का एक्यूआई 207 रहा। लखनऊ में सबसे अधिक खराब हवा तालकटोरा में मिली है। यहां एक्यूआई 335 रहा। लालबाग में भी हवा बहुत खराब हो चुकी है। यहां एक्यूआई 323 रहा। गोमतीनगर में हालात कुछ बेहतर हुए हैं। यहां एक्यूआई घटकर 209 हो गया है। अलीगंज में एक्यूआई 168 रहा।
देश के सबसे अधिक प्रदूषित शहर
- शहर एक्यूआई
- वाराणसी 276
- लखनऊ 269
- यमुनानगर 264
- मुजफ्फरनगर 266
- मुजफ्फरपुर 262
इसलिए बढ़ रहा वायु प्रदूषण
यूपीपीसीबी के क्षेत्रीय अधिकारी डॉ. राम करन का कहना है कि एक सप्ताह में वायु प्रदूषण बढ़ा है। इसकी वजह मौसम में बदलाव से बढ़ी नमी है। कोहरा अब छाने लगा है। इससे धूल व धुएं के रूप में मौजूद पार्टिक्युलेट मैटर (पीएम 2.5) छंट नहीं पा रहा है।
कोहरा बढ़ने के साथ पीएम2.5 की मौजूदगी और बढ़ेगी। इसे कम करने का एक ही उपाय है कि धूल को वायुमंडल में आने से रोका जाए। ऐसा निर्माण वाली साइटों पर लगातार पानी के छिड़काव, पेड़-पौधों पर जमी धूल को हटाने, सड़कों पर पानी का छिड़काव कर धूल को उड़ने से रोकने, चौराहों पर जाम नहीं लगने देने से किया जा सकता है।