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2019 से पहले दुनिया भर में किया जाएगा काशी की भव्यता का प्रचार, खास है इसका कारण
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वाराणसी
Updated Fri, 08 Jun 2018 10:30 AM IST
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- फोटो : अमर उजाला
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काशी की भव्यता को दुनिया भर में एक बार फिर से प्रचारित और परिचित कराने की तैयारी है। अगले साल जनवरी में प्रस्तावित प्रवासी भारतीय सम्मेलन से पहले प्रशासन काशी की धर्म, कला, संस्कृति से जुड़ी विरासतों पर डॉक्यूमेंट्री तैयार कराने लगा है।
गंगा तट पर डोमरी में होने वाले सम्मेलन में सात हजार एनआरआई के शामिल होने की उम्मीद है। इससे पहले वाराणसी के महात्म्य को उन तक पहुंचाने के लिए विदेश मंत्रालय के जरिए डॉक्यूमेंट्री प्रवासी भारतीयों तक पहुंचाई जाएगी।
योजना के तहत डॉक्यूमेंट्री में गंगा, शिव और काशी विश्वनाथ मंदिर सहित अन्य मंदिरों को शामिल किया गया है। यही नहीं, वाराणसी में स्थित बौद्ध और जैन धर्म से जुड़े पवित्र विरासतों का भी काशी से जुड़ाव दिखाया जाएगा।
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लखनऊ-दिल्ली से यहां आई टीम वाराणसी के ऐसी धार्मिक-ऐतिहासिक विरासतों की वीडियोग्राफी व फोटोग्राफी कर रही है। डॉक्यूमेंट्री तैयार होने के बाद इसे विदेश मंत्रालय भेजा जाएगा और वहां से स्वीकृति के बाद इसे प्रवासी भारतीयों तक पहुंचाया जाएगा।
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गंगा तट पर डोमरी में होने वाले सम्मेलन में सात हजार एनआरआई के शामिल होने की उम्मीद है। इससे पहले वाराणसी के महात्म्य को उन तक पहुंचाने के लिए विदेश मंत्रालय के जरिए डॉक्यूमेंट्री प्रवासी भारतीयों तक पहुंचाई जाएगी।
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योजना के तहत डॉक्यूमेंट्री में गंगा, शिव और काशी विश्वनाथ मंदिर सहित अन्य मंदिरों को शामिल किया गया है। यही नहीं, वाराणसी में स्थित बौद्ध और जैन धर्म से जुड़े पवित्र विरासतों का भी काशी से जुड़ाव दिखाया जाएगा।
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लखनऊ-दिल्ली से यहां आई टीम वाराणसी के ऐसी धार्मिक-ऐतिहासिक विरासतों की वीडियोग्राफी व फोटोग्राफी कर रही है। डॉक्यूमेंट्री तैयार होने के बाद इसे विदेश मंत्रालय भेजा जाएगा और वहां से स्वीकृति के बाद इसे प्रवासी भारतीयों तक पहुंचाया जाएगा।
बाबा दरवार का 3D मॉडल भी होगा खास
इस संबंध में वाराणसी जिलाधिकारी योगेश्वर राम मिश्र ने बताया कि काशी की भव्यता विश्वव्यापी है। मगर प्रवासी भारतीयों तक वाराणसी के महात्म्य को पहुंचाने के लिए यहां के अध्यात्म, विरासत और अन्य चीजों को जोड़ते हुए एक डाक्यूमेंट्री तैयार कराई जा रही है।
प्रवासी भारतीय सम्मेलन में बाबा विश्वनाथ मंदिर का थ्रीडी मॉडल भी रखा जाएगा। इसके लिए आईआईटी दिल्ली की टीम मंदिर की कलाकृति का अध्ययन कर उसका थ्रीडी मॉडल बना रही है।
इसमें वीडियो रिकॉर्डिंग और फोटोग्राफी के जरिए पूरे भवन की रूपरेखा को बारीकी से समझा जाएगा। इससे विश्वनाथ मंदिर के भवन की कलाकृति को थ्रीडी प्रिंटर से हूबहू उतारने की कोशिश की जाएगी।
विश्वविख्यात काशी विश्वनाथ मंदिर की शानदार कलाकारी को समझने और देश के बड़े संग्रहालयों में स्थापित करने के लिए भारत सरकार आईआईटी दिल्ली से इसका थ्री डी मॉडल तैयार करा रही है।
प्रवासी भारतीय सम्मेलन में बाबा विश्वनाथ मंदिर का थ्रीडी मॉडल भी रखा जाएगा। इसके लिए आईआईटी दिल्ली की टीम मंदिर की कलाकृति का अध्ययन कर उसका थ्रीडी मॉडल बना रही है।
इसमें वीडियो रिकॉर्डिंग और फोटोग्राफी के जरिए पूरे भवन की रूपरेखा को बारीकी से समझा जाएगा। इससे विश्वनाथ मंदिर के भवन की कलाकृति को थ्रीडी प्रिंटर से हूबहू उतारने की कोशिश की जाएगी।
विश्वविख्यात काशी विश्वनाथ मंदिर की शानदार कलाकारी को समझने और देश के बड़े संग्रहालयों में स्थापित करने के लिए भारत सरकार आईआईटी दिल्ली से इसका थ्री डी मॉडल तैयार करा रही है।