यूपी: मातृ वंदना योजना में काशी को प्रदेश में तीसरा स्थान, एक सप्ताह में 637 गर्भवती महिलाओं ने पंजीकरण कराया
एक सप्ताह में वाराणसी में 637 गर्भवती महिलाओं ने पंजीकरण कराया। जिस वजह से प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना में बनारस को उत्तर प्रदेश में तीसरा स्थान मिला है।
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
गर्भवती महिलाओं के बेहतर स्वास्थ्य और पोषण के लिए शुरू प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना (पीएमएमवीवाई) में शहरी क्षेत्र में बेहतर प्रदर्शन पर प्रदेश में वाराणसी को तीसरा स्थान मिला है। एक सप्ताह (एक से सात सितंबर) में योजना के तहत 637 गर्भवती महिलाओं ने पंजीकरण कराया।
प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना के तहत पहली बार गर्भवती महिलाओं को तीन किश्तों में 5000 रुपये की प्रोत्साहन राशि दी जाती है। इसके पीछे उनके बेहतर स्वास्थ्य के साथ ही पोषण मुख्य उद्देश्य हैं। सीएमओ डॉ. वीबी सिंह ने बताया कि एक से सात सितंबर तक चले मातृ वंदना योजना सप्ताह के दौरान गर्भवती और धात्री महिलाओं को सेहत के प्रति जागरूक किया गया।
साथ ही कोरोना टीकाकरण के बारे में भी जानकारी दी गई। एडिशनल सीएमओ डॉ. एके मौर्या ने बताया कि एक सप्ताह में जनपद के शहरी क्षेत्रों की 637 महिलाओं को लाभ पहुंचाकर वाराणसी ने प्रदेश में तीसरा स्थान प्राप्त किया है। जनवरी 2017 से शुरू हुई इस योजना से वाराणसी में अब तक पांच साल में करीब 70214 महिलाओं को लाभान्वित किया गया है। योजना से संबंधित लाभ व जानकारी के लिए हेल्पलाइन नंबर 7998799804 पर जानकारी ली जा सकती है।
क्या है मातृ वंदना योजना
पीएमएमवीवाई के अंतर्गत पहली बार गर्भवती होने पर पात्र लाभार्थी को तीन किश्तों में 5000 रूपये खाते में दिए जाते हैं। इसके तहत पंजीकरण के लिए गर्भवती और उसके पति का कोई पहचान पत्र या आधार कार्ड, मातृ-शिशु सुरक्षा कार्ड, बैंक पासबुक की फोटो कापी जरूरी होती है। पंजीकरण के साथ ही गर्भवती को प्रथम किश्त के रूप में 1000, उसके बाद प्रसव पूर्व कम से कम एक जांच होने और गर्भावस्था के छह माह बाद दूसरी किश्त 2000 रुपये और बच्चे के जन्म का पंजीकरण होने और उसे पहला टीकाकरण लगने पर महिला को 2000 रुपये दिया जाता है।