फ्लाईओवर हादसाः जेल में कुछ इस तरह से गुजरी अभियंताओं की रात, अन्य बंदियों के बीच खासी चर्चा
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वहीं, रविवार को भी आठों आरोपी बैरक में गुमसुम से नजर आए और उन्हें किसी से बातचीत करते भी नहीं देखा गया। आठों आरोपियों और वाराणसी फ्लाईओवर हादसे में हुई 15 लोगों की मौत को लेकर जेल के अन्य बंदियों में खासी चर्चा होती दिखी।
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निर्माणाधीन चौकाघाट फ्लाईओवर हादसे के मामले में गिरफ्तार सेतु निगम के निलंबित चीफ प्रोजेक्ट मैनेजर हरिश्चंद्र तिवारी सहित आठों आरोपियों को जिला जेल की आमदनी बैरक यानी बैरक नंबर 10 ए में निरुद्ध किया गया है। जेल में आने वाले नए बंदी को पहले बैरक नंबर 10 ए में ही रखा जाता है।
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इसके दो-तीन दिन बाद बंदी की बैरक बदली जाती है। इसके साथ ही जेल के भीतर कामकाज में लगाया जाता है। जेलर पीके त्रिवेदी ने बताया कि आठों बंदियों को भी अन्य बंदियों की तरह ही सामान्य तरीके से रखा गया है। कुछ ने स्वास्थ्य संबंधी समस्याएं बताई हैं तो उनके लिए दवाओं की व्यवस्था की जाएगी।
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