वाराणसी: कहीं 70 तो कहीं 10 फीट के रावण का होगा दहन, कॉकरोच भी जलेगा
वाराणसी में मंगलवार को विजयदशमी पर शहर से गांव तक रावण दहन होगा। बरेका में पहली बार एक सिर वाले 70 फीट ऊंचे रावण का पुतला जलेगा, जबकि अर्दली बाजार में रावण और कुंभकर्ण के साथ 20 फीट ऊंचे कॉकरोच का भी दहन होगा। रामनगर में 60 फीट ऊंचे रावण का विभीषण हिंदू रीति-रिवाजों से अंतिम संस्कार करेंगे। टूड़ी नगर में 24 घोड़ों के साथ राम-रावण युद्ध का मंचन होगा। सारनाथ में रावण दहन नवंबर में किया जाएगा।
विस्तार
बुराई पर अच्छाई और अधर्म पर धर्म की विजय के प्रतीक विजयदशमी पर मंगलवार को वाराणसी शहर से गांव तक रावण दहन की धूम रहेगी। शहर में 10 से 70 फीट तक के रावण के पुतले जलाए जाएंगे। इस बार अर्दली बाजार में रावण और कुंभकर्ण के साथ कॉकरोच का पुतला भी जलाया जाएगा। वहीं, बनारस रेल इंजन कारखाना (बरेका) में पहली बार एक सिर वाले रावण का दहन होगा। रामनगर की ऐतिहासिक रामलीला में 60 फीट ऊंचे रावण के पुतले को हिंदू रीति-रिवाजों के अनुसार उसका भाई विभीषण मुखाग्नि देंगे। ग्रामीण इलाकों में भी रावण दहन और रामलीला देखने के लिए बड़ी संख्या में लोगों के जुटने की संभावना है।
अर्दली बाजार में रावण के साथ जलेगा कॉकरोच का पुतला
श्रीरामलीला समिति कचहरी क्षेत्र की ओर से विजयदशमी पर अर्दली बाजार स्थित महावीर मंदिर चौराहे पर रावण, कुंभकर्ण और कॉकरोच के पुतलों का दहन किया जाएगा। समिति के अध्यक्ष अनिल कुमार पांडेय ने बताया कि इस बार देशघाती कॉकरोच को भी बुराई का प्रतीक मानते हुए उसका पुतला जलाने का निर्णय लिया गया है। इसके माध्यम से राष्ट्रहित सर्वोपरि का संदेश दिया जाएगा।
रावण का पुतला 30 फीट, कुंभकर्ण का 25 फीट और कॉकरोच का 20 फीट ऊंचा बनाया गया है। इन पुतलों को तैयार करने में कारीगर एक सप्ताह से जुटे हुए हैं।
बरेका में पहली बार एक सिर वाले रावण का दहन
बनारस रेल इंजन कारखाना (बरेका) में दशहरे पर रूपक के मंचन के बाद रावण, मेघनाद और कुंभकर्ण के पुतलों का दहन किया जाएगा। कार्यक्रम में आसपास के जिलों से हजारों लोगों के पहुंचने की संभावना है।
इस बार बरेका में 10 सिर वाले रावण की जगह एक सिर वाला पुतला बनाया गया है। रावण का पुतला 70 फीट ऊंचा होगा, जिसमें उसका सिर 20 फीट का है। वहीं, कुंभकर्ण का पुतला 65 फीट और मेघनाद का 60 फीट ऊंचा बनाया गया है। आयोजकों के अनुसार, 10 सिर वाले रावण के पुतले को खड़ा करने में परेशानी होती थी। इसी वजह से इस बार उसके स्वरूप में बदलाव किया गया है।
मलदहिया में 45 फीट ऊंचे रावण का होगा दहन
मलदहिया चौराहे पर समाज सेवा संघ की ओर से 45 फीट ऊंचे रावण के पुतले का दहन किया जाएगा। संघ के अध्यक्ष मंगल सोनी ने बताया कि शाम 4:30 बजे कृष्णा धर्मशाला से भगवान श्रीराम, लक्ष्मण, माता सीता और हनुमान की शोभायात्रा निकाली जाएगी। शोभायात्रा मलदहिया चौराहे पर पहुंचेगी, जहां रावण दहन होगा।
रावण का पुतला लालपुर निवासी शमशाद ने तैयार किया है। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में राज्यमंत्री रविंद्र जायसवाल और विशिष्ट अतिथि के रूप में एमएलसी धर्मेंद्र सिंह शामिल होंगे।
रामनगर में विभीषण करेंगे रावण का अंतिम संस्कार
रामनगर की ऐतिहासिक रामलीला में रावण का पुतला 60 फीट ऊंचा और 35 फीट की परिधि में बनाया गया है। इसे तैयार करने में 15 मजदूर एक महीने से जुटे हैं। यहां रावण वध के बाद उसका अंतिम संस्कार हिंदू रीति-रिवाजों के अनुसार किया जाता है।
रामलीला की परंपरा के अनुसार, भगवान श्रीराम के हाथों रावण के मारे जाने के बाद उसका अंतिम संस्कार किया जाता है। रावण के परिवार में विभीषण ही जीवित पुरुष बचते हैं, इसलिए वही रावण को मुखाग्नि देते हैं। अंतिम संस्कार निर्धारित मुहूर्त के अनुसार होगा।
इस दौरान काशीराज परिवार का कोई सदस्य लीला स्थल पर मौजूद नहीं रहेगा। परंपरा के अनुसार, राजा के निधन और अंतिम संस्कार के समय राजा की उपस्थिति नहीं होती है। राजपरिवार के रिश्तेदार रामलीला स्थल पर पहुंचकर अंतिम संस्कार में शामिल होंगे।
उधर, भगवान श्रीराम की रावण पर विजय के उपलक्ष्य में काशीराज परिवार के डॉ. अनंत नारायण सिंह की अगुवाई में मंगलवार शाम रामनगर किले से विजय जुलूस निकलेगा। यह जुलूस लंका पहुंचकर समाप्त होगा।
लंका में 52 फीट और भोजूबीर में 35 फीट का जलेगा रावण
लंका में गोस्वामी तुलसीदास रामलीला समिति की ओर से 52 फीट ऊंचे रावण के पुतले का दहन किया जाएगा। भोजूबीर रामलीला समिति की ओर से 35 फीट ऊंचे रावण और 30-30 फीट ऊंचे कुंभकर्ण व मेघनाद के पुतले बनाए गए हैं।
हुकुलगंज में दशहरा मेले का आयोजन होगा। यहां 35 फीट ऊंचे रावण के पुतले का दहन किया जाएगा। कार्यक्रम में राज्यमंत्री रविंद्र जायसवाल की अगुवाई में पुतला दहन के साथ आतिशबाजी भी होगी।
टूड़ी नगर में 24 घोड़ों के साथ शुरू होगा राम-रावण युद्ध
ग्रामीण क्षेत्रों में भी विजयदशमी पर रावण दहन के आयोजन होंगे। जाल्हुपुर के टूड़ी नगर में रामलीला के दौरान भगवान श्रीराम और रावण के युद्ध की शुरुआत घुड़दौड़ से होगी। इसमें करीब 24 घोड़े शामिल होंगे।
युद्ध के दौरान भगवान श्रीराम रथ पर सवार होकर रावण पर अग्निबाण चलाएंगे, जिसके बाद रावण का वध होगा। आतिशबाजी और पटाखों की आवाज से रामलीला मैदान गूंज उठेगा। यहां करीब 25 हजार लोगों के जुटने की संभावना है।
रोहनिया में 25 फीट और मोहनसराय में भी 25 फीट ऊंचे रावण के पुतले का दहन होगा। वहीं, लोहता रामलीला समिति की ओर से 11 फीट ऊंचे रावण का पुतला जलाया जाएगा।
सारनाथ में नवंबर में होगा रावण दहन
वाराणसी जिले में सबसे आखिर में सारनाथ में रावण दहन होगा। सारंगनाथ रामलीला समिति की ओर से 28 अक्तूबर से चार नवंबर के बीच रामलीला का आयोजन किया जाएगा। समिति के मंत्री जयप्रकाश पांडेय ने बताया कि यहां रामलीला देर से शुरू होती है, इसलिए रावण दहन भी बाद में होगा। इस कारण विजयदशमी के दिन सारनाथ में रावण दहन नहीं किया जाएगा।