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देश का सबसे शक्तिशाली इलेक्ट्रिक इंजन बनाने जा रहा बनारस का डीरेका

Thu, 14 Jun 2018 02:25 PM IST
जयेंद्र चतुर्वेदी, अमर उजाला,वाराणसी
जयेंद्र चतुर्वेदी, अमर उजाला,वाराणसी Updated Thu, 14 Jun 2018 02:25 PM IST
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Varanasi DLW going to make indias most powerful rail engine
डिजाइन तैयार, जल्द होगा कार्य शुरू, दिसंबर तक काम पूरा करने का लक्ष्य - फोटो : अमर उजाला
डीजल रेल इंजन कारखाना (डीरेका) के हिस्से एक और बड़ी उपलब्धि आने जा रही है। वह देश का सबसे शक्तिशाली इलेक्ट्रिक इंजन तैयार करने जा रहा है। दो हाई हार्स पॉवर डीजल रेल इंजनों को जोड़कर इसका निर्माण किया जाएगा।
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12 हजार हाई हार्स पॉवर क्षमता के इस इलेक्ट्रिक इंजन की डिजाइन तैयार कर ली गई है। रेलवे बोर्ड ने दिसंबर तक इसके निर्माण का लक्ष्य डीरेका को दिया है। विश्व में पहली बार कोई उत्पादन इकाई पुराने रेल इंजनों से बेहद शक्तिशाली इलेक्ट्रिक इंजन का निर्माण करने जा रही है।
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रविवार को रेलवे बोर्ड के सदस्य (ट्रैक्शन) घनश्याम सिंह ने इस इंजन की निर्माण प्रक्रिया पर डीरेका के अधिकारियों के साथ मंत्रणा की। इसके लिए चरणबद्ध प्रक्रिया अपनाई जाएगी।
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डीरेका के अभियंताओं के मुताबिक पहले चार हजार हार्सपावर क्षमता वाले दो डीजल रेल इंजनों (डब्ल्यूडीजी4) में से प्रत्येक को छह हजार क्षमता के इलेक्ट्रिक इंजन में परिवर्तित किया जाएगा। फिर इन दोनों इलेक्ट्रिक इंजनों की क्षमता को संयुक्त कर उन्हें 12 हजार हाई हार्सपावर के एक रेल इंजन में परिवर्तित कर दिया जाएगा।
 

हेवी लोड होने पर भी 100 किमी/ घंटे से अधिक की रफ्तार

Varanasi DLW going to make indias most powerful rail engine
engine - फोटो : अमर उजाला
यह इलेक्ट्रिक इंजन हेवी लोड होने पर भी 100 किमी प्रति घंटे से अधिक की रफ्तार से दौड़ेगा। अप्रैल में मधेपुरा (बिहार) में बनकर तैयार हुआ देश का सबसे शक्तिशाली इलेक्ट्रिक इंजन भी इतनी ही क्षमता का है लेकिन उसे नए कल-पुर्जों से बनाया गया है।

जबकि डीरेका में बनने वाले इलेक्ट्रिक इंजन की खास बात यह है कि इसे दो डीजल रेल इंजनों को इलेक्ट्रिक मोड में परिवर्तित और संयुक्त कर तैयार किया जाएगा। कुछ महीने पहले डीरेका में एल्को श्रेणी (कम क्षमता) वाले दो रेल इंजनों को इलेक्ट्रिक रेल इंजन में बदला गया था।

इसकी क्षमता 10000 अश्व शक्ति रही। इसे ट्रायल के लिए आरडीएसओ (डीरेका अनुसंधान अभिकल्प तथा मानक संगठन) भेजा गया है। डीरेका के उप महाप्रबंधक नितिन मेहरोत्रा पायलट प्रोजेक्ट के तौर पर दो डब्ल्यूडीजी4 डीजल रेल इंजनों को इलेक्ट्रिक इंजन में बदलने की प्रक्रिया जल्द शुरू की जाएगी। इस बेहद शक्तिशाली रेल इंजन के निर्माण का लक्ष्य दिसंबर तक रखा गया है। इसके बाद इसे ट्रायल के लिये भेजा जाएगा। 


 
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