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Varanasi: गुरु तेगबहादुर की तपस्थली में 42 साल का विवाद खत्म, जगतगंज में बनेगा गुरुद्वारा; सीएम का जताया आभार

Tue, 22 Jul 2025 06:01 AM IST
अमन विश्वकर्मा अमर उजाला नेटवर्क, वाराणसी।
अमर उजाला नेटवर्क, वाराणसी। Published by: अमन विश्वकर्मा Updated Tue, 22 Jul 2025 06:01 AM IST
सार

गुरुद्वारा का विवाद समाप्त होने के बाद प्रबंधक कमेटी के लोगों ने सीएम योगी का आभार जताया है। यह विवाद 40 वर्ष पुराना था। कमेटी के लोगों ने कहा कि पूर्व में स्व. अजीत सिंह सभरवाल का किया गया अथक प्रयास आज सफल हुआ।

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Varanasi dispute over Guru Tegh Bahadur Tapasthali ends Gurudwara built in Jagatganj expressed gratitude to CM
गुरु तेग बहादुर महाराज। - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

Varanasi News: गुरु तेग बहादुर सिंह की तपस्थली पर जल्द ही गुरुद्वारे का निर्माण होगा। जगतगंज में 42 साल से बंद गुरुद्वारे का विवाद समाप्त हो गया और ताले की चाबी गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी को मिल चुकी है। 

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यहां आने वाली संगत और श्रद्धालुओं को अब हनुमान चालीसा के साथ ही शबद कीर्तन भी जल्द ही सुनाई देगा। यह जानकारी गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी के अध्यक्ष सरदार करन सिंह सभरवाल और वरिष्ठ उपाध्यक्ष परमजीत सिंह अहलुवालिया ने सोमवार को सिद्धगिरी बाग स्थित नानक भवन में दी।
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उन्होंने कहा कि आज का दिन ऐतिहासिक है। प्रथम पक्ष श्री हनुमान मंदिर व द्वितीय पक्ष गुरुद्वारा के बीच स्वामित्व, कब्जे व अपने अधिकारों को लेकर 40 वर्षो से चला आ रहा विवाद खत्म हो गया है। संधि-पत्र / सुलहनामा पर हुए हस्ताक्षर के बाद विवाद समाप्त हो गया है। इसको काशी की जनता हमेशा याद करेगी। 

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पूर्व में स्व. अजीत सिंह सभरवाल का किया गया अथक प्रयास आज सफल हुआ। जल्द ही गुरुद्वारे की साफ-सफाई करके निर्माण कार्य भी शुरू कराया जाएगा। इस वर्ष संपूर्ण भारत वर्ष में साहिब गुरु तेग बहादुर महाराज का 350वां शहीदी दिवस मनाया जा रहा है।

उन्होंने बताया कि जगतगंज स्थित गुरुद्वारा गुरु तेग बहादुर महाराज की चरण स्पर्श भूमि है। श्री बड़े हनुमान मंदिर भी वहीं स्थित है। दोनों पक्षों के सुलहनामा को लोग युगों-युगो तक याद करते रहेंगे। दोनों पक्षों के बीच हुए समझौते में स्वतंत्रता सेनानी शहीद बाबू जगत सिंह के वंशज प्रदीप नारायण सिंह ने मध्यस्थता की है।

मुख्यमंत्री की पहल से हुआ संभव, दिया धन्यवाद
परमजीत सिंह अहलुवालिया ने बताया कि गुरुद्वारे को मुक्त कराने और दोनों पक्षों के बीच समझौता मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की वजह से संभव हो पाया है। गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी इसके लिए सदैव ऋणी रहेगा। 

श्री बड़े हनुमान मंदिर प्रबंध समिति के व्यवस्थापक श्याम नारायण पांडेय और गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी के मध्य आपसी सौहार्द कायम रखने के लिए सुलहनामा पर जगतगंज कोठी में विस्तार से चर्चा हुई। गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी ने मंदिर समिति और प्रदीप नारायण सिंह का धन्यवाद दिया।

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