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वाराणसी: नए साल में जलमार्ग से जुड़ेगा काशी विश्वनाथ धाम, लागू होगा ट्रैफिक प्लान
Sun, 19 Dec 2021 09:01 PM IST
उत्पल कांत
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वाराणसी
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वाराणसी
Published by: उत्पल कांत
Updated Sun, 19 Dec 2021 09:01 PM IST
सार
खिड़किया और संत रविदास घाट के बीच प्रशासन विकसित करेगा जलमार्ग रूट, किराया भी होगा तय
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- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
वाराणसी में जाम से जूझ रही शहर की सड़कों से सैलानियों को राहत देने के लिए गंगा के रास्ते काशी विश्वनाथ धाम सहित प्रमुख घाटों को जोड़ने की योजना बनाई जा रही है। खिड़किया घाट के लोकार्पण के बाद नए साल में संत रविदास घाट तक जलमार्ग विकसित किया जाएगा। इसके लिए गंगा में बकायदा ट्रैफिक प्लान भी लागू कर दिया जाएगा। खिड़किया घाट से संत रविदास घाट के बीच तीन स्टापेज तय करते हुए किराये का भी निर्धारण किया जाएगा। इसके लिए प्रशासन की ओर से ही टिकट काउंटर की भी व्यवस्था की जाएगी।
गंगा दर्शन के लिए संचालित अलकनंदा क्रूज की सफलता के बाद अब छोटी नावों के जरिए सैलानियों को गंतव्य तक पहुंचाने की कवायद होगी। इसके लिए नगर निगम की पंजीकृत नावों में ही गंगा में रूट बनाकर संचालन की योजना है। इसके लिए नाविकों के बीच सर्वे आदि कराकर उन्हें रूट पर पंजीकृत किया जाएगा। खिड़किया घाट से संत रविदास घाट के बीच विकसित होने वाले जलमार्ग में दशाश्वमेध और काशी विश्वनाथ धाम (ललिता घाट) पर ठहराव दिया जाएगा। इसके जरिए सैलानी बिना जाम से जूझे ही सीधे शहर के सबसे व्यस्ततम इलाके गोदौलिया और मैदागिन तक पहुंच पाएंगे।
यहां बता दें कि काशी विश्वनाथ धाम के लोकार्पण के दौरान प्रधानमंत्री ने खिड़किया घाट से रविदास घाट तक एक ही दिन में दो क्रूज से जलयात्रा करके जल परिवहन का मार्ग प्रशस्त किया था। यह प्रधानमंत्री का ही प्रयास है कि हाल के सालों में तीन बार प्रधानमंत्री क्रूज से यात्रा कर चुके हैं। प्रधानमंत्री के प्रयास से ही जल परिवहन को धार देने के उद्देश्य से काशी से चुनार तक क्रूज का संचालन शुरू कराया गया है। खिड़किया घाट और संत रविदास घाट पर वाहनों के पार्किंग की भी सुविधा होगी। बिहार सहित पूर्वांचल के अलग-अलग जिलों से आने वाले सैलानी खिड़किया घाट तक वाहन से आकर शहर के अंदर जाने के लिए भी जलमार्ग का सहारा ले सकेेंगे।
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गंगा दर्शन के लिए संचालित अलकनंदा क्रूज की सफलता के बाद अब छोटी नावों के जरिए सैलानियों को गंतव्य तक पहुंचाने की कवायद होगी। इसके लिए नगर निगम की पंजीकृत नावों में ही गंगा में रूट बनाकर संचालन की योजना है। इसके लिए नाविकों के बीच सर्वे आदि कराकर उन्हें रूट पर पंजीकृत किया जाएगा। खिड़किया घाट से संत रविदास घाट के बीच विकसित होने वाले जलमार्ग में दशाश्वमेध और काशी विश्वनाथ धाम (ललिता घाट) पर ठहराव दिया जाएगा। इसके जरिए सैलानी बिना जाम से जूझे ही सीधे शहर के सबसे व्यस्ततम इलाके गोदौलिया और मैदागिन तक पहुंच पाएंगे।
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यहां बता दें कि काशी विश्वनाथ धाम के लोकार्पण के दौरान प्रधानमंत्री ने खिड़किया घाट से रविदास घाट तक एक ही दिन में दो क्रूज से जलयात्रा करके जल परिवहन का मार्ग प्रशस्त किया था। यह प्रधानमंत्री का ही प्रयास है कि हाल के सालों में तीन बार प्रधानमंत्री क्रूज से यात्रा कर चुके हैं। प्रधानमंत्री के प्रयास से ही जल परिवहन को धार देने के उद्देश्य से काशी से चुनार तक क्रूज का संचालन शुरू कराया गया है। खिड़किया घाट और संत रविदास घाट पर वाहनों के पार्किंग की भी सुविधा होगी। बिहार सहित पूर्वांचल के अलग-अलग जिलों से आने वाले सैलानी खिड़किया घाट तक वाहन से आकर शहर के अंदर जाने के लिए भी जलमार्ग का सहारा ले सकेेंगे।
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गंगा में अप एंड डाउन रूट भी होगा तय
गंगा में जलमार्ग रूट विकसित करने के साथ ही अप एंड डाउन रूट भी तय किया जाएगा और जल पुलिस के जरिए इसकी निगरानी भी कराई जाएगी। इसके लिए प्रयागराज की तर्ज पर गंगा में बैरिकेड किया जाएगा। इसके साथ ही खिड़किया घाट से दशाश्वमेध, ललिता, संत रविदास घाट के बीच किराया तय किया जाएगा। इसमें नाविकों के बीच पर्यटन विभाग बकायदा अनुबंध भी करेगा।
खिड़किया से विंध्याचल तक भी क्रूज संचालन
अंतरदेशीय जलमार्ग प्राधिकरण की ओर से वाराणसी प्रशासन को मिले क्रूज में एक का संचालन खिड़किया घाट से विंध्याचल तक करने की योजना है। इसमें कैथी मार्कंडेय महादेव मंदिर, शूलटंकेश्वर मंदिर, चुनार और विंध्याचल तक क्रूज पूरे दिन के पैकेज पर सैलानियों को ले जाएगा। फिलहाल कई जगहों पर पांटून पूल की वजह से बाधा आ रही है। इसके लिए शासन स्तर पर भी मंथन किया जा रहा है।
जलमार्ग को विकसित करने की योजना बनाई जा रही है। खिड़किया घाट के लोकार्पण के बाद रूट निर्धारण से लेकर गंगा में ट्रैफिक प्लान लागू करने की योजना पर काम किया जाएगा। शहरों में प्रवेश करने वाले अपने वाहन आसानी से खड़ी कर नाव से मंदिर व शहर के अन्य हिस्सों तक पहुंच सकते हैं। - दीपक अग्रवाल, मंडलायुक्त
गंगा में जलमार्ग रूट विकसित करने के साथ ही अप एंड डाउन रूट भी तय किया जाएगा और जल पुलिस के जरिए इसकी निगरानी भी कराई जाएगी। इसके लिए प्रयागराज की तर्ज पर गंगा में बैरिकेड किया जाएगा। इसके साथ ही खिड़किया घाट से दशाश्वमेध, ललिता, संत रविदास घाट के बीच किराया तय किया जाएगा। इसमें नाविकों के बीच पर्यटन विभाग बकायदा अनुबंध भी करेगा।
खिड़किया से विंध्याचल तक भी क्रूज संचालन
अंतरदेशीय जलमार्ग प्राधिकरण की ओर से वाराणसी प्रशासन को मिले क्रूज में एक का संचालन खिड़किया घाट से विंध्याचल तक करने की योजना है। इसमें कैथी मार्कंडेय महादेव मंदिर, शूलटंकेश्वर मंदिर, चुनार और विंध्याचल तक क्रूज पूरे दिन के पैकेज पर सैलानियों को ले जाएगा। फिलहाल कई जगहों पर पांटून पूल की वजह से बाधा आ रही है। इसके लिए शासन स्तर पर भी मंथन किया जा रहा है।
जलमार्ग को विकसित करने की योजना बनाई जा रही है। खिड़किया घाट के लोकार्पण के बाद रूट निर्धारण से लेकर गंगा में ट्रैफिक प्लान लागू करने की योजना पर काम किया जाएगा। शहरों में प्रवेश करने वाले अपने वाहन आसानी से खड़ी कर नाव से मंदिर व शहर के अन्य हिस्सों तक पहुंच सकते हैं। - दीपक अग्रवाल, मंडलायुक्त