फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Varanasi News ›   varanasi daughter honoured on rani laxmi bai jaynti

रानी लक्ष्मीबाई के जन्मदिवस पर काशी की बेटी निधी को किया गया सम्मानित

Tue, 20 Nov 2018 12:18 AM IST
न्यूज डेस्क,अमर उजाला,वाराणसी
न्यूज डेस्क,अमर उजाला,वाराणसी Updated Tue, 20 Nov 2018 12:18 AM IST
विज्ञापन
varanasi daughter honoured on rani laxmi bai jaynti
जकार्ता में हुए पैरा ओपंलिक में निधि ने जीता कांस्य पदक - फोटो : अमर उजाला
 माना अंधेरा घना है लेकिन दीपक जलाना कहा मना है। इन्हीं पक्तियों को सच कर दिखाया है काशी की बेटी निधी मिश्रा ने जिसने जाकार्ता में में हुए पैरा ओलंपिक में भारत का ही नहीं काशी का भी नाम रौशन किया गया। दृष्टि बाधित खिलाड़ी निधी ने डिस्कस थ्रो में कांस्य पदक जीता है।
विज्ञापन


काशियाना फाउंडेशन व सांक्षर फाउंडेशन के संयुक्त तत्वावधान में सोमवार को दुर्गाकुंड स्थित हनुमान पोद्दार अंध विद्यालय में आयोजित सम्मान समारोह में उन्हें सम्मानित किया गया। मुख्य अतिथि केंद्रीय सलाहकार बोर्ड दिव्यांगजन समाजिक न्याय के सदस्य उत्तम ओझा रहे।
विज्ञापन


कार्यक्रम की शुरूआत हनुमान पोद्दार की प्रतिमा पर माल्यापर्ण से किया गया। जिसके बाद निधि को मुख्य अतिथि ने मेडल, ट्राफी व अंगवस्त्रम पहनाकर कर सम्मानित किया । निधी ने अपने उद्बोधन में बताया कि ऐसे कार्यक्रम से हम जैसे युवाओं में विश्वास पैदा होता है।
विज्ञापन
विज्ञापन


यह हमारे लिए प्रेरणादायक है और आज मैं इस प्रांगण में आके अभिभूत हुई। कार्यक्रम समन्वयक सुमित सिंह ने बताया कि आज लक्ष्मी बाई के जन्मदिवस के मौके पर निधि मिश्रा को सम्मनित कर ऐसा लगा रहा जैसे रानी लक्ष्मीबाई को सम्मानित किया हो। 

अन्याय के खिलाफ नारी को बनना होगा झांसी की रानी

जागृति फाउंडेशन के तत्वावधान में सोमवार को वीरांगना लक्ष्मीबाई की183वीं जयंती भदैनी स्थित उनकी जन्मस्थली पर मनाई गई। कार्यक्रम की शुरुआत मुख्य अतिथि संकट मोचन मंदिर के महंत प्रो. विशंभर नाथ मिश्र, ग्लोरियस एकेडमी के चेयरमैन डॉ जीसी तिवारी, नंदलाल बाजोरिया, शिक्षा निकेतन की प्राचार्या पूजा केसरी, साहित्यकार डॉ. जयप्रकाश मिश्र व शिव शंकर तिवारी ने लक्ष्मीबाई के आदमकद प्रतिमा पर माल्यापर्ण कर की। विशंभर नाथ मिश्र ने कहा कि लक्ष्मीबाई ने देश की आजादी के लिए अपने प्राणों की बलि दे दी। उन्होंने मरते दम तक अंग्रेजों से लोहा लिया और अपने शरीर को छूने नहीं दिया।

बीएचयू महिला महाविद्यालय और सुबह-ए-बनारस काशी के संयुक्त तत्वावधान में महारानी लक्ष्मीबाई जयंती पर आयोजित संगोष्ठी और सम्मान समारोह में विभिन्न क्षेत्रों में उत्कृष्ट कार्य करने वाली तीस महिलाओं को लक्ष्मीबाई सम्मान से सम्मानित किया गया। महाविद्यालय सभागार में बतौर मुख्य अतिथि पद्मश्री सोमा घोष ने महिलाओं को अपने अधिकारियों के लिए आगे आने का आह्वान किया। बतौर विशिष्ट अतिथि राजीव गांधी बरकछा कैंपस की प्रोफेसर इंचार्ज प्रो. रमादेवी निमापल्ली ने रानी लक्ष्मीबाई के जीवन में संघर्षों की चर्चा करते हुए उसे प्रेरणादायी बताया। महाविद्यालय की प्राचार्य प्रो.चंद्रकला त्रिपाठी ने कहा कि रानी लक्ष्मीबाई का जीवन कठिनाइयों से भरा जरूर था लेकिन स्त्री के कई तरह के रूपों को देखते है और नए मूल्यों की खोज करते हैं। 

झांसी की रानी बनें, खुद लड़ें अपनी लड़ाई

महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ के समिति कक्ष में अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद की ओर से आयोजित संगोष्ठी में रानी लक्ष्मीबाई की जयंती पर छात्राओं की भूमिका पर चर्चा की। मुख्य अतिथि एबीवीपी के प्रांत संगठन मंत्री विजय प्रताप सिंह ने कहा कि जिस तरफ रानी लक्ष्मीबाई ने अंग्रेजों को भारत से भगाने के लिए लगातार अपनी तलवारों से जो संघर्ष की लड़ाई लड़ी थी, ठीक उसी तरह आज की युवतियों, छात्राआें को समाज में व्याप्त समस्याओं को दूर करने के लिए अपने आत्म सम्मान की रक्षा के लिए उन्हें स्वयं लड़ाई लड़नी पड़ेगी। 
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed