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काशी की गायें अब रहेंगी कान्हा उपवन में
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, आजमगढ़
Updated Mon, 08 Jan 2018 07:28 PM IST
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प्रतीकात्मक तस्वीर
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काशी की गलियों में घूमने वाले छुट्टा पशुओं के लिए करसड़ा के छितौनी कोट में बनने वाले कान्हा उपवन की योजना एक कदम आगे बढ़ गई है। घूमने वाले पशुओं (गायों) को उसी उपवन में रखा जाएगा। 10 एकड़ की भूमि पर 11 करोड़ की लागत से इसे तैयार कराया जाएगा।
इसका निर्माण पहले नगर निगम को कराना था लेकिन अब इसे स्मार्ट सिटी में शामिल कर लिया गया है। 22 जनवरी को टेंडर की प्रक्रिया पूरी कर मार्च तक इसका निर्माण शुरू करने की तैयारी है। दरअसल नगर निगम के पास दो कांजी हाउस अर्दली बाजार और नक्खीघाट के पास है।
लेकिन इसकी क्षमता 50 से अधिक नहीं है। इससे शहर की गलियों में घूमने वाले पशुओं को रखने में काफी परेशानी होती है और पशुओं के घूमने से दुर्घटना की आशंका होती है। इसके लिए पिछली सरकार ने पांच करोड़ रुपये जारी किए थे। लेकिन विधानसभा चुनाव के चलते काम शुरू नहीं हो पाया।
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बाद में इसे स्मार्ट सिटी योजना में शामिल कर लिया गया है। यहां करीब एक हजार पशुओं के रखने की व्यवस्था होगी। इसे आधुनिक तरीके से बनाया जाएगा। उनके रखरखाव से लेकर चारा, पानी की बेहतर व्यवस्था होगी।
शनिवार को टेंडर के लिए कई कंपनियों ने आवेदन किया है। इसकी मीटिंग कर तय किया गया कि 22 जनवरी तक टेंडर की प्रक्रिया पूरी कर मार्च तक हर हाल में काम शुरू करा देना है।
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इसका निर्माण पहले नगर निगम को कराना था लेकिन अब इसे स्मार्ट सिटी में शामिल कर लिया गया है। 22 जनवरी को टेंडर की प्रक्रिया पूरी कर मार्च तक इसका निर्माण शुरू करने की तैयारी है। दरअसल नगर निगम के पास दो कांजी हाउस अर्दली बाजार और नक्खीघाट के पास है।
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लेकिन इसकी क्षमता 50 से अधिक नहीं है। इससे शहर की गलियों में घूमने वाले पशुओं को रखने में काफी परेशानी होती है और पशुओं के घूमने से दुर्घटना की आशंका होती है। इसके लिए पिछली सरकार ने पांच करोड़ रुपये जारी किए थे। लेकिन विधानसभा चुनाव के चलते काम शुरू नहीं हो पाया।
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बाद में इसे स्मार्ट सिटी योजना में शामिल कर लिया गया है। यहां करीब एक हजार पशुओं के रखने की व्यवस्था होगी। इसे आधुनिक तरीके से बनाया जाएगा। उनके रखरखाव से लेकर चारा, पानी की बेहतर व्यवस्था होगी।
शनिवार को टेंडर के लिए कई कंपनियों ने आवेदन किया है। इसकी मीटिंग कर तय किया गया कि 22 जनवरी तक टेंडर की प्रक्रिया पूरी कर मार्च तक हर हाल में काम शुरू करा देना है।
चितईपुर में फरवरी तक बन जाएगा कांजी हाउस
प्रतीकात्मक तस्वीर
शहर में घूम रहे छुट्टा पशुओं (सांड़) को रखने के लिए चितईपुर में बनने वाला कांजी हाउस फरवरी तक तैयार हो जाएगा। नगर निगम अपनी जमीन पर इसे तैयार करा रहा है। यहां पांच सौ पशुओं के रखने की क्षमता होगी।
पशु चिकित्साधिकारी डॉ. असलम अंसारी ने बताया कि इसका निर्माण कार्य शुरू करा दिया गया है। फरवरी तक बनकर तैयार हो जाएगा। इससे शहर की सड़कों और गलियों में घूम रहे पशुओं से निजात मिलेगी। साथ ही सड़कों और गलियों में गोबर से गंदगी पर भी रोक लगेगी।
पशुओं के गोबर से वहां जैविक खाद बनाया जाएगा। इस खाद को खेती के लिए बेचा जाएगा, इससे मिलने वाले राजस्व से उसका रखरखाव होगा। साथ ही दुधारू पशु होंगे तो दुग्ध को भी बेचने की तैयारी है। नगर निगम इसकी तैयारी कर रहा है।
पशु चिकित्साधिकारी डॉ. असलम अंसारी ने बताया कि इसका निर्माण कार्य शुरू करा दिया गया है। फरवरी तक बनकर तैयार हो जाएगा। इससे शहर की सड़कों और गलियों में घूम रहे पशुओं से निजात मिलेगी। साथ ही सड़कों और गलियों में गोबर से गंदगी पर भी रोक लगेगी।
पशुओं के गोबर से वहां जैविक खाद बनाया जाएगा। इस खाद को खेती के लिए बेचा जाएगा, इससे मिलने वाले राजस्व से उसका रखरखाव होगा। साथ ही दुधारू पशु होंगे तो दुग्ध को भी बेचने की तैयारी है। नगर निगम इसकी तैयारी कर रहा है।