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Varanasi Court: कचहरी में 400 महिला अधिवक्ता, चेंबर नहीं, वाॅशरूम की भी दिक्कत; बताई समस्याएं

Mon, 13 Jul 2026 03:21 PM IST
Aman Vishwakarma अमर उजाला नेटवर्क, वाराणसी।
अमर उजाला नेटवर्क, वाराणसी। Published by: Aman Vishwakarma Updated Mon, 13 Jul 2026 03:21 PM IST
सार

Varanasi News: वाराणसी के कचहरी परिसर में महिला अधिवक्ता बुनियादी सुविधाओं के अभाव से परेशान हैं। उनका कहना है कि पर्याप्त शौचालय, स्वच्छ पेयजल, विश्राम कक्ष और अन्य आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध नहीं हैं। महिला अधिवक्ताओं ने न्यायिक कार्यों के बेहतर संचालन के लिए जल्द समस्याओं के समाधान की मांग की है।

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Varanasi Court 400 women lawyers court complex face issues including lack of chambers problems washroom
वाराणसी कोर्ट। - फोटो : Amar Ujala

विस्तार

अदालतों में न्याय की लड़ाई लड़ने वाली महिला अधिवक्ताओं की संख्या लगातार बढ़ रही है, लेकिन उनके लिए कार्यस्थल की सुविधाएं एक दशक बाद भी जस की तस हैं। वर्तमान में करीब 400 महिला अधिवक्ता प्रैक्टिस कर रही हैं, लेकिन उनके लिए चेंबर, वॉशरूम, मातृत्व संबंधी सुविधाएं, महिला सुरक्षा, चिकित्सा सुविधा और कचहरी परिसर में पर्याप्त स्थान का अभाव है।

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परिसर में जलभराव की भी समस्या है। महिला अधिवक्ताओं का कहना है कि कचहरी परिसर में गर्भवती महिला अधिवक्ताओं और छोटे बच्चों के साथ आने वाली माताओं के बैठने या बच्चों की देखभाल के लिए कोई सुरक्षित स्थान उपलब्ध नहीं है। सेंट्रल बार हो या बनारस बार, सीमित स्थान होने के कारण अनेक महिला अधिवक्ताओं को चेंबर तक नहीं मिल पाता। ऐसे में फरियादी आने पर उन्हें खड़े-खड़े ही बातचीत करनी पड़ती है। कचहरी की सामान्य सुविधाएं भी बदहाल हैं। विश्राम कक्ष पर्याप्त नहीं हैं ।

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स्वच्छता और सुरक्षा के मोर्चे पर भी स्थिति चिंताजनक है। कई बार कचहरी को बम से उड़ाने की धमकी मिल चुकी है। इसके बावजूद कोर्ट रूम तक बाहरी लोगों की पहुंच आसान बनी रहती है। 

पर्याप्त वॉशरूम उपलब्ध नहीं हैं और एक ही शौचालय का उपयोग कई न्यायालयों में कार्यरत अधिवक्ताओं को करना पड़ता है। अधिवक्ताओं ने मांग की है कि नए न्यायालय परिसर और कचहरी के विकास कार्यों में क्रेच, नर्सिंग रूम, पर्याप्त वॉशरूम, विश्राम कक्ष, चिकित्सा सुविधा, सुरक्षित बैठने की व्यवस्था और महिला सुरक्षा से जुड़े विशेष प्रावधान शामिल किए जाएं।

गर्भवती महिलाओं और छोटे बच्चों के साथ आने वाली माताओं के लिए कोई सुविधा नहीं है। सेंट्रल बार में जगह की कमी के कारण चेंबर भी उपलब्ध नहीं हैं। कचहरी के नए निर्माण में महिलाओं के लिए उचित कॉमन रेस्ट रूम की व्यवस्था होनी चाहिए। - यामिनी शर्मा

महिला वकीलों की बढ़ती संख्या के बावजूद कचहरी में उनके लिए पर्याप्त सुविधाओं का अभाव है। बुजुर्ग महिला अधिवक्ताओं को कोर्ट तक पहुंचने में कठिनाई होती है। एक दिन की बारिश में नालियों पर रखी चौकियों तक पानी भर जाता है। - रितू पटेल

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महिलाओं के लिए उचित कॉमन रेस्ट रूम होना चाहिए। महिला अधिवक्ताएं आपस में संवाद कर सकें, इसके लिए अलग व्यवस्था की जाए। महिला अधिवक्ताओं की बढ़ती संख्या के अनुरूप कचहरी के स्वरूप में भी बदलाव होना चाहिए। - अनिता चौबे

स्वच्छता और सुरक्षा के मोर्चे पर स्थिति चिंता जनक है। महिला सुरक्षा को लेकर विशेष ध्यान देने की जरूरत है। कचहरी में जिस अनुपात में महिला अधिवक्ताओं की संख्या बढ़ रही है, उसे देखते हुए नई व्यवस्था पर विचार किया जाना चाहिए। - रागिनी सिंह

वर्तमान में करीब 400 महिला वकील प्रैक्टिस कर रही हैं, लेकिन उनके लिए चेंबर, वॉशरूम और मातृत्व संबंधी सुविधाएं नहीं हैं। कचहरी का विस्तार या स्थानांतरण हो तो महिलाओं की बुनियादी जरूरतों को प्राथमिकता दी जानी चाहिए। - वंदना सिंह

वकीलों के साथ आने वाले मुवक्किलों के बैठने तक की व्यवस्था नहीं है। एक चेंबर में पांच से दस अधिवक्ता प्रैक्टिस करते हैं। कचहरी के पदाधिकारियों को महिला अधिवक्ताओं की बुनियादी जरूरतों को पूरा करने के लिए ठोस पहल करनी चाहिए। - निशा उपाध्याय

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