वाराणसी: मूलगादी मठ के नव नियुक्त पीठाधीश्वर को लेकर विवाद शुरू, वसीयत के कागजात पेश कर लगाया आरोप
मठ में 25वें आचार्य महंत के नाम की घोषणा होने के बाद अब विवाद शुरू हो गया है। आचार्य अनिल दास ने मंगलवार को प्रेस कांफ्रेंस कर कबीरचौरा मूलगादी मठ पर अपना दावा किया है।
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वाराणसी के मूलगादी मठ कबीरचौरा के नव नियुक्त पीठाधीश्वर को लेकर विवाद शुरू हो गया है। मूलगादी मठ कबीरचौरा में 25वें आचार्य महंत के नाम की घोषणा होने के बाद अब इसको लेकर विवाद शुरू हो गया है। आचार्य अनिल दास ने मंगलवार को पराड़कर भवन में प्रेस कांफ्रेंस कर कबीरचौरा मूलगादी मठ पर अपना दावा किया है।
आचार्य अनिल दास ने कहा कि वह मूलगादी मठ के 24वें महंत हैं, कबीर पथ परंपरा के अनुसार, इसकी घोषणा 14 अगस्त 2015 को हो चुकी है। महंत विवेक दास का गद्दी पर कोई अधिकार नहीं है। उन्होंने आरोप लगाया कि विवेक दास को कोई हक नहीं है कि वह प्रमोद दास को अपना उत्तराधिकारी घोषित करें। इस मामले में जिलाधिकारी से भी अपनी शिकायत दर्ज कराई जा चुकी है। उन्होंने प्रशासन से मांग की कि वह कबीरचौरा मठ पर से विवेक दास का कब्जा हटवाएं।
बता दें कि वाराणसी के कबीरचौरा मूलगादी के उत्तराधिकारी प्रमोद दास को बनाया गया है। कबीर प्राकट्योत्सव पर महंत विवेक दास ने इसकी घोषणा की थी। बृहस्पतिवार को कबीरचौरा मठ में सादगी से उत्तराधिकारी बनाने की प्रक्रिया पूर्ण की गई थी।
24वां पीठाधीश्वर होने का अनिल दास ने किया दावा
पीठाधीश्वर को लेकर शुरू विवाद के बीच अनिल दास ने वसीयत के कागजात पेश किए। उन्होंने कागजात दिखाते हुए कहा कि 23वें पीठाधीश्वर गंगा शरण शास्त्री ने उन्हें मूलगादी मठ कबीरचौरा का 24वां पीठाधीश्वर नियुक्त किया था। साल 2015 में उन्हें रजिस्टर्ड वसीयत सौंपी गई थी, जिसमें उन्हें 24वां महंत बनाया गया है। उन्होंने कहा कि जिलाधिकारी कौशल राज शर्मा से मुलाकात कर अपनी बात रखी है। जिलाधिकारी ने सारी बातों को सुनने के बाद जांच कर न्याय का भरोसा दिया है।