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कोर्ट नहीं मध्यस्थता से सुलझेंगे व्यापारियों के विवाद
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वाराणसी। लॉकडाउन खुलने के बाद आने वाली व्यापारिक चुनौतियों पर फेडरेशन ऑफ आल इंडिया व्यापार मंडल ने रविवार को वेबिनार के जरिए चर्चा की। इस दौरान व्यापारियों के बीच लड़ाई झगड़े को कोर्ट कचहरी तक न ले जाकर बल्कि आपसी मध्यस्थता से दूर करने को लेकर कॉउन्सिल फॉर आर्बिट्रेशन एंड मेडिएशन की स्थापना की गई। वेबिनार के जरिए महानगर उद्योग व्यापार समिति सहित देश भर की 75 व्यापारिक संगठनों ने इसका समर्थन किया।
अध्यक्ष प्रेम मिश्रा ने बताया कि दो व्यापारियों के बीच उत्पन्न व्यापारिक विवाद को बिना कोर्ट कचहरी, बिना वकील की सहायता से निपटारे का सबसे उपयुक्त माध्यम आर्बिट्रेशन यानी मध्यस्ता है। आर्थिक विवाद की स्थिति में पुलिस व कोर्ट कचहरी के अलावा कोई सहारा नहीं होता है, लेकिन पुलिस कार्यवाही व जटिल कानूनी धाराओं में उलझनों के डर से अधिकांश व्यापारी पुलिस कोर्ट कचहरी से दूर रहते हैं। इस प्रमुख समस्याओं को ध्यान में रखते हुए यह कॉउंसिल बनाया गया। वेबिनार में अशोक जायसवाल, सोमनाथ विश्वकर्मा, नीरज पारिख, सीएच कृष्णा, वीके बंसल, जयेंद्र तन्ना, कांतिलाल सांघवी आदि देश के अन्य संगठनों के प्रतिनिधि शामिल रहे।
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अध्यक्ष प्रेम मिश्रा ने बताया कि दो व्यापारियों के बीच उत्पन्न व्यापारिक विवाद को बिना कोर्ट कचहरी, बिना वकील की सहायता से निपटारे का सबसे उपयुक्त माध्यम आर्बिट्रेशन यानी मध्यस्ता है। आर्थिक विवाद की स्थिति में पुलिस व कोर्ट कचहरी के अलावा कोई सहारा नहीं होता है, लेकिन पुलिस कार्यवाही व जटिल कानूनी धाराओं में उलझनों के डर से अधिकांश व्यापारी पुलिस कोर्ट कचहरी से दूर रहते हैं। इस प्रमुख समस्याओं को ध्यान में रखते हुए यह कॉउंसिल बनाया गया। वेबिनार में अशोक जायसवाल, सोमनाथ विश्वकर्मा, नीरज पारिख, सीएच कृष्णा, वीके बंसल, जयेंद्र तन्ना, कांतिलाल सांघवी आदि देश के अन्य संगठनों के प्रतिनिधि शामिल रहे।
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