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वाराणसी में 45 वर्ष पूर्व खोदी गई नहर में न पानी आया न मिला मुआवजा

Wed, 24 May 2017 12:54 PM IST
ब्यूरो, अमर उजाला, वाराणसी
ब्यूरो, अमर उजाला, वाराणसी Updated Wed, 24 May 2017 12:54 PM IST
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Varanasi canal dug 45 years ago, neither water nor water compensation
करीब 45 साल पहले खोदी गई नहर - फोटो : अमर उजाला
शासन, प्रशासन और राजनेताओं की उपेक्षा का नमूना है चंद्रावती लिफ्ट कैनाल। चौबेपुर क्षेत्र में 45 वर्ष पूर्व खोदी गई इस नहर में न तो आज तक पानी आया और न किसानों को मुआवजा मिला। चार दशक में जितनी भी सरकारें बनीं, किसी ने इस समस्या पर ध्यान नहीं दिया।
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उपेक्षा से आहत किसान अब नहर को पाटने की तैयारी कर रहे हैं। किसानों का कहना है कि प्रदेश में भाजपा की सरकार बनने से उम्मीद जगी है। यदि अब भी उन्हें मुआवजा और पानी नहीं मिलता तो एकजुट होकर नहर पाटो अभियान चलाएंगे।  किसानों को सिंचाई की सुविधा के लिए वर्ष 1972-73 में गंगा नदी से लिफ्ट कैनाल की खुदाई की गई थी।
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चंद्रावती से बर्थरा खुर्द तक आठ किलोमीटर लंबी इस नहर से करीब एक दर्जन गांव जुड़े हुए हैं। नहर के लिए किसानों की जमीन तो अधिगृहीत कर ली गई लेकिन उन्हें इसका कोई लाभ नहीं मिल पा रहा। चार दशक बीतने के बाद भी न तो इस नहर में पानी पहुंचा और न ही किसानों को मुआवजा मिला।
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किसानों का कहना है कि शुरुआत के तीन गांव चंद्रावती, मोलनापुर और श्रीकंठपुर तक कभी-कभी पानी पहुंचता है। बाकी पलकहां, करथौली, अजांव, भगवतीपुर और बर्थरा खुर्द समेत अन्य गांवों में आज तक पानी नहीं पहुंचा। इस बीच जो भी सरकारें बनीं, किसानों की इस समस्या पर कुछ नहीं किया।

किसानों का कहना है कि हर बार चुनाव आते हैं और वोट लेने के लिए नेता झूठे वादे करके चले जाते हैं। हालांकि जब कल्याण सिंह के नेतृत्व में भाजपा की सरकार बनी थी, तब पंचायत राज मंत्री रहे डॉ. महेंद्र नाथ पांडेय ने इस समस्या के निस्तारण के लिए पहल की थी। कुछ समय बाद सरकार गिर जाने से यह मामला ठंडे बस्ते में डाल दिया गया।

फिर सपा और बसपा की सरकारें बनती रहीं लेकिन किसी ने किसानों के हित में नहीं सोचा। अजांव गांव के किसान प्रेमशंकर उपाध्याय और मदन गोपाल उपाध्याय कहते हैं कि यदि किसानों को पानी और मुआवजा नही देना तो सरकार नहर को पटवा क्यों नहीं देती।


मिठाई लाल, वीरेंद्र, मुन्नी लाल यादव, धीरज कुमार, संतोष, बेचू, रमेश, ओमप्रकाश और जटाधारी आदि का कहना है कि प्रदेश में फिर से भाजपा की बनने और केंद्र में डॉ. महेंद्र नाथ पांडेय के मंत्री बनने से न्याय की आस जगी है। यदि प्रदेश सरकार इस ओर ध्यान नहीं देगी तो क्षेत्र के किसान एकजुट होकर नहर पाटो अभियान शुरू करेंगे।
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