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Exclusive: काशी में आज से बदल जाएगा बाबा का प्रसाद, चावल के आटे में बेलपत्र मिलाकर हिंदू कारीगर करेंगे तैयार
Sat, 12 Oct 2024 06:29 AM IST
दुष्यंत शर्मा
संतोष सिंह, वाराणसी
संतोष सिंह, वाराणसी
Published by: दुष्यंत शर्मा
Updated Sat, 12 Oct 2024 06:29 AM IST
सार
विजयदशमी पर प्रसादम बाबा विश्वनाथ को चढ़ाया जाएगा, फिर मंदिर परिसर में ही लगे स्टालों से बिक्री शुरू की जाएगी। प्रसादम शास्त्र सम्मत होगा।
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श्री काशी विश्वनाथ धाम
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
काशी विश्वनाथ मंदिर का अपना प्रसादम शनिवार से बिकने लगेगा। विजयदशमी पर प्रसादम बाबा विश्वनाथ को चढ़ाया जाएगा, फिर मंदिर परिसर में ही लगे स्टालों से बिक्री शुरू की जाएगी। प्रसादम शास्त्र सम्मत होगा। विद्वानों की टीम ने शास्त्रों के अध्ययन के बाद ही चावल के आटे, चीनी और बेल पत्र के चूर्ण से प्रसाद बनाया गया है। जो बेल पत्र बाबा विश्वनाथ को चढ़ाया जाता है, उसी का चूर्ण बनाकर प्रसादम में मिलाया गया है। प्रसादम बनाने के नियमों का सख्त रखा गया है।
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मंदिर प्रबंधन की शर्तों के मुताबिक, प्रसादम बनाने में सिर्फ हिंदू कारीगर ही लगाए जाएंगे। धार्मिक मान्यता और नियमों के हिसाब से ही प्रसादम बनेगा। प्रसादम बनाने से पहले कारीगरों को स्नान करना अनिवार्य रहेगा। यह मामला ऐसे समय में सामने आया है, जब तिरुपति बालाजी मंदिर के प्रसादम की गुणवत्ता और उसमें मिलावट की जांच चल रही है।
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श्री काशी विश्वनाथ न्यास ने दस महीने पहले अपना प्रसादम बनाने का एलान किया था। इस पर काम शुरू हुआ और विद्वानों की टीम शास्त्र सम्मत प्रसादम बनाने की तैयारी में जुट गई। इसके लिए पुराणों का अध्ययन किया गया, फिर आटे के चावल से प्रसादम बनाने का फैसला हुआ।
विद्वानों के मुताबिक, धान भारतीय फसल है। इसका जिक्र पुराणों में है। भगवान कृष्ण और सुदामा के संवाद में भी चावल का जिक्र है। भगवान भोले शंकर को चावल के आटे का भोग लगता था। बेल पत्र का महत्व है, इसलिए बाबा विश्वनाथ को चढ़ने वाले बेलपत्र को जुटाया गया, फिर इसे धुलकर साफ कराया गया। सूखने के बाद बेलपत्र का चूर्ण बनाया गया, फिर इसे प्रसादम में मिलाया गया।
अमूल को मिली प्रसाद बनाने की जिम्मेदारी
बाबा विश्वनाथ के प्रसाद को बनाने की जिम्मेदारी अमूल कंपनी को मिली है। कंपनी ने नियमों और शर्ताें के मुताबिक , दस दिन का प्रसादम बना दिया है। इसे राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय प्रमाणीकरण संस्था से मंजूरी मिल चुकी है।
अमूल को मिली प्रसाद बनाने की जिम्मेदारी
बाबा विश्वनाथ के प्रसाद को बनाने की जिम्मेदारी अमूल कंपनी को मिली है। कंपनी ने नियमों और शर्ताें के मुताबिक , दस दिन का प्रसादम बना दिया है। इसे राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय प्रमाणीकरण संस्था से मंजूरी मिल चुकी है।