Varanasi News: डीआईजी कार्यालय की सरकारी भूमि हड़पने की कोशिश, छह पर प्राथमिकी; लेखपाल की तहरीर पर एक्शन
Varanasi News: जिले में डीआईजी कार्यालय की सरकारी भूमि पर कथित कब्जे के प्रयास के मामले में लेखपाल की तहरीर पर कैंट पुलिस ने छह लोगों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की है। पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है। आरोप है कि सरकारी जमीन पर अवैध कब्जा करने की कोशिश की गई थी।
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Varanasi News: पुलिस उपमहानिरीक्षक (डीआईजी) कार्यालय एवं सरकारी आवास से संबंधित उत्तर प्रदेश राज्य संपत्ति की भूमि को कथित रूप से फर्जी और कूटरचित दस्तावेजों के आधार पर निजी नाम पर दर्ज कराने के प्रयास का मामला सामने आया है। क्षेत्रीय लेखपाल ऋषि दुबे की तहरीर पर कैंट थाने में छह नामजद समेत अन्य अज्ञात लोगों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है।
पुलिस के अनुसार, नगर निगम के असेसमेंट रजिस्टर में डीआईजी कॉलोनी स्थित भवन संख्या एस-8/108 ए-3 (आराजी संख्या-93) पुलिस उपमहानिरीक्षक कार्यालय एवं सरकारी आवास के रूप में दर्ज है। आरोप है कि पहले स्वर्गीय आनंद अग्रवाल ने नगर निगम को गुमराह कर संपत्ति का नामांतरण अपने नाम करा लिया था।
आनंद अग्रवाल की मृत्यु के बाद उनके पुत्र गुंजन अग्रवाल ने 29 सितंबर 2018 की कथित अपंजीकृत वसीयत के आधार पर स्वयं को उत्तराधिकारी बताते हुए न्यायालय में प्रतिस्थापन प्रार्थना पत्र दाखिल किया। राज्य सरकार की आपत्ति पर न्यायालय ने 18 नवंबर 2022 को वसीयत का विधिवत साक्ष्य प्रस्तुत न होने के कारण प्रार्थना पत्र खारिज कर दिया था।
लेखपाल ने जो तहरीर दी है, उसमें आरोप लगाया गया है कि इसके बावजूद उसी कथित फर्जी वसीयत और अन्य दस्तावेजों के आधार पर सरकारी संपत्ति पर अधिकार स्थापित करने और नामांतरण कराने का प्रयास किया गया।
साथ ही सरकारी अभिलेखों में हेरफेर कर राज्य संपत्ति को निजी नाम पर दर्ज कराने की साजिश रची गई। कैंट थाना प्रभारी राजकिशोर पांडेय ने बताया कि इस मामले में स्मृता गोयल, इला अग्रवाल, बृजेश अग्रवाल, शरद अग्रवाल, मयंक अग्रवाल और गुंजन अग्रवाल को नामजद किया गया है। सभी पर प्राथमिकी दर्ज कर मामले की जांच की जा रही है।