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ग्रीन जोन में पहुंचा बनारस, हवा हुई साफ
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कोरोना कर्फ्यू के कारण फिर एक बार बनारस के बाशिंदों को साफ-सुथरी हवा नसीब हो रही है। लॉकडाउन के आठ से नौ महीने के अंतराल के बाद फिर से बनारस ग्रीन जोन में पहुंच गया है। बुलंदशहर और गाजियाबाद को छोड़ दें तो पूरे प्रदेश की हवा के स्तर में सुधार हुआ है।
केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के आंकड़ों के अनुसार रविवार को वाराणसी का एयर क्वालिटी इंडेक्स 79 दर्ज किया गया। पीएम 2.5 की अधिकतम संख्या 161, न्यूनतम संख्या 21, पीएम 10 की अधिकतम मात्रा 146, न्यूनतम मात्रा 36 रही। हवा में सल्फर डाई आक्साइड की अधिकतम मात्रा 36 और न्यूनतम 25 रही। ओजोन की अधिकतम मात्रा 222 और न्यूनतम 8 तथा नाइट्रोजन आक्साइड की अधिकतम मात्रा 87 और न्यूनतम 47 रहा। प्रदेश के सर्वाधिक प्रदूषित शहरों में बुलंदशहर का एक्यूआई 230 और गाजियाबाद का एक्यूआई 240 रहा।
पूरे सप्ताह बनारस का एयर क्वालिटी इंडेक्स तीन बार 100 के नीचे जा चुका है। शनिवार को बनारस का एक्यूआई 97, शुक्रवार को 102, गुरुवार को 80, बुधवार को 90, मंगलवार को 110 और सोमवार को 145 था। लंबे अंतराल के बाद बनारस की हवा साफ होने से शहरवासियों और पर्यावरण प्रेमियों ने भी राहत की सांस ली है। कोरोना संक्रमण काल में वायु प्रदूषण होने से यह मरीजों के लिए भी खतरनाक साबित हो रहा था।
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सड़कों पर नहीं उड़ रही धूल
क्षेत्रीय प्रदूषण नियंत्रण अधिकारी कालिका सिंह ने बताया कि कोरोना संक्रमण व कर्फ्यू के कारण शहर के लगभग सारे निर्माण कार्य बंद हैं। केवल महावीर मंदिर के आसपास वाले क्षेत्र में सीसी रोड बन रही है। मगर वहां भी निरतंर पानी का छिड़काव हो रहा है। बनारस में इस समय सारे निर्माण कार्य बंद हैं और वाहनों की संख्या कम होने के कारण सड़कों पर धूल नहीं उड़ रही है।
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केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के आंकड़ों के अनुसार रविवार को वाराणसी का एयर क्वालिटी इंडेक्स 79 दर्ज किया गया। पीएम 2.5 की अधिकतम संख्या 161, न्यूनतम संख्या 21, पीएम 10 की अधिकतम मात्रा 146, न्यूनतम मात्रा 36 रही। हवा में सल्फर डाई आक्साइड की अधिकतम मात्रा 36 और न्यूनतम 25 रही। ओजोन की अधिकतम मात्रा 222 और न्यूनतम 8 तथा नाइट्रोजन आक्साइड की अधिकतम मात्रा 87 और न्यूनतम 47 रहा। प्रदेश के सर्वाधिक प्रदूषित शहरों में बुलंदशहर का एक्यूआई 230 और गाजियाबाद का एक्यूआई 240 रहा।
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पूरे सप्ताह बनारस का एयर क्वालिटी इंडेक्स तीन बार 100 के नीचे जा चुका है। शनिवार को बनारस का एक्यूआई 97, शुक्रवार को 102, गुरुवार को 80, बुधवार को 90, मंगलवार को 110 और सोमवार को 145 था। लंबे अंतराल के बाद बनारस की हवा साफ होने से शहरवासियों और पर्यावरण प्रेमियों ने भी राहत की सांस ली है। कोरोना संक्रमण काल में वायु प्रदूषण होने से यह मरीजों के लिए भी खतरनाक साबित हो रहा था।
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सड़कों पर नहीं उड़ रही धूल
क्षेत्रीय प्रदूषण नियंत्रण अधिकारी कालिका सिंह ने बताया कि कोरोना संक्रमण व कर्फ्यू के कारण शहर के लगभग सारे निर्माण कार्य बंद हैं। केवल महावीर मंदिर के आसपास वाले क्षेत्र में सीसी रोड बन रही है। मगर वहां भी निरतंर पानी का छिड़काव हो रहा है। बनारस में इस समय सारे निर्माण कार्य बंद हैं और वाहनों की संख्या कम होने के कारण सड़कों पर धूल नहीं उड़ रही है।