वाराणसी : अपर मुख्य सचिव ने रामनगर का किया निरीक्षण, सीवर व्यवस्था सुधरवाने का दिया आश्वासन
कोरोना और संक्रामक रोगों की रोकथाम के लिए अपर मुख्य सचिव देवेश चतुर्वेदी ने शनिवार को रामनगर का निरीक्षण किया। वे सुबह साढ़े नौ बजे ही पालिका कार्यालय पहुंच गए। एसडीएम सदर महेंद्र श्रीवास्तव और पालिकाध्यक्ष रेखा शर्मा के साथ उन्होंने रत्तापुर में हुए जलजमाव को मौके पर पर जाकर देखा। उन्हें बताया गया कि सीवरेज सिस्टम में आई गड़बड़ी के कारण ऐसा हो रहा है। कोदोपुर में भी जल जमाव की बाबत उन्हें जानकारी दी गई।
पालिकाध्यक्ष ने बताया कि सीवरेज ट्रीटमेंट के लिए लगभग 210 करोड़ का डीपीआर जल निगम को भेजा गया था। लेकिन केवल एसटीपी को ही मंजूरी दी गई। अगर पूरे डीपीआर को मंजूरी मिल जाती तो रामनगर को जल जमाव से मुक्ति मिल जाती। इस पर उन्होंने मुख्यमंत्री को जानकारी देकर सीवर व्यवस्था सुधरवाने का आश्वासन दिया। पालिकाध्यक्ष रेखा शर्मा ने उनसे कोदोपुर चलने का आग्रह किया तो समय कम होने के कारण उन्होंने जाने से मना कर दिया।
रास्ते में कई जगह कूड़ा और मलबा दिखने पर उन्होंने नाराजगी भी जताई। उन्होंने अधिशासी अधिकारी से तत्काल मलबा हटवाने को कहा। साथ ही नगर में साफ-सफाई व्यवस्था को दुरुस्त करने के निर्देश दिए। इसके बाद सारनाथ में स्वच्छता कार्यक्रम का निरीक्षण किया। लोगों से संचारी रोग के प्रति जागरूक करते रहने के साथ ही अधिकारियों को शुद्ध पेयजल आपूर्ति करवाने और पानी की नियमित जांच कराने को कहा।
प्लाट में पानी भरा होने पर मालिक को नोटिस देने का निर्देश
जिले में संचारी रोग नियंत्रण को लेकर चल रहे अभियान की हकीकत जानने के लिए अपर मुख्य सचिव देवेश चतुर्वेदी शनिवार को सारनाथ, रामनगर सहित अन्य जगहों पर पहुंचे। इस दौरान रामनगर नगरपालिका में प्लॉट में पानी भरा मिलने पर नाराजगी जाहिर करते हुए उसे तत्काल सफाई कराने और प्लॉट मालिक को नोटिस देने का निर्देश दिया।
इसके अलावा सार्वजनिक स्थानों पर साफ-सफाई, कीटनाशक का छिड़काव कराने का निर्देश दिया। कहा कि पिछले साल डेंगू के 522 मरीज मिले थे ऐसी स्थिति में इसको गंभीरता से लेने की जरूरत है। इसमें किसी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं होगी। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि यह ध्यान देना जरूरी है कि कहीं भी पानी जमा ना होने पाए।