वाराणसी: एयरशो की निगरानी के लिए सुजाबाद से कटेसर तक 21 वॉच टावर, दो किमी तक आठ से अधिक बैरिकेडिंग
वाराणसी के नमो घाट पर 22, 24 और 25 अक्टूबर को प्रस्तावित एयरशो को लेकर गंगा किनारे सुरक्षा तैयारियां तेज हैं। सुजाबाद से कटेसर तक करीब दो किलोमीटर के क्षेत्र में 21 वॉच टावर बनाए गए हैं। हर 300 मीटर पर टेंट, टेबल-कुर्सियों की व्यवस्था की जा रही है।
विस्तार
वाराणसी के नमो घाट पर 22, 24 और 25 अक्टूबर को प्रस्तावित एयरशो को लेकर गंगा किनारे तैयारियां तेज कर दी गई हैं। बड़ी संख्या में लोगों के पहुंचने की संभावना को देखते हुए सुजाबाद से कटेसर तक करीब दो किलोमीटर के दायरे में सुरक्षा और भीड़ प्रबंधन के इंतजाम किए जा रहे हैं। निगरानी के लिए गंगा किनारे 21 वॉच टावर बनाए गए हैं। वहीं, लोगों की आवाजाही नियंत्रित करने के लिए बांस-बल्ली और लोहे की जाली से बैरिकेडिंग की जा रही है।
आयोजन में 30 लाख से अधिक लोगों के जुटने का अनुमान लगाया जा रहा है। इसे देखते हुए गंगा किनारे अलग-अलग स्थानों पर सुरक्षा घेरा तैयार किया जा रहा है। गंगा घाट की ओर जाने वाले पांच रास्तों पर आठ से अधिक अस्थायी बैरिकेडिंग की गई है। डुमरी, सुजाबाद और कटेसर यानी पड़ाव की ओर से आने वाले मार्गों पर भी वाहनों की आवाजाही नियंत्रित करने के इंतजाम किए जा रहे हैं।
21 वॉच टावरों से होगी निगरानी
गंगा किनारे सुजाबाद से कटेसर तक बनाए गए 21 वॉच टावरों से आयोजन क्षेत्र में भीड़ की गतिविधियों पर नजर रखी जाएगी। सुरक्षा व्यवस्था के तहत करीब दो किलोमीटर के क्षेत्र में जगह-जगह बैरिकेडिंग की जा रही है। बांस-बल्ली के साथ लोहे की जाली लगाकर लोगों की आवाजाही को निर्धारित रास्तों तक सीमित करने की तैयारी है। इससे भीड़ को अलग-अलग हिस्सों में नियंत्रित करने में मदद मिलेगी।
हर 300 मीटर पर टेंट, टेबल-कुर्सियों की व्यवस्था
गंगा किनारे हर 300 मीटर पर अस्थायी टेंट बनाए जा रहे हैं। इनमें टेबल और कुर्सियों की व्यवस्था की गई है। प्रत्येक टेंट में 10 से अधिक टेबल-कुर्सियां रखी गई हैं। इन अस्थायी ढांचों को भी सुरक्षा घेरे के भीतर रखने की तैयारी है, ताकि निर्धारित स्थानों पर लोगों की आवाजाही व्यवस्थित रहे।
डोमरी में अधिकारियों के ठहरने के लिए टेंट
डोमरी स्थित सातवा बाबा आश्रम के पास अधिकारियों के ठहरने के लिए कई टेंट बनाए गए हैं। आयोजन क्षेत्र में एक ओर सुरक्षा और निगरानी के इंतजाम किए जा रहे हैं, वहीं दूसरी ओर अधिकारियों के ठहरने और लोगों के बैठने के लिए अस्थायी व्यवस्थाएं तैयार की जा रही हैं।
गंगा की ओर जाने वाले रास्तों पर भी रोकथाम
डुमरी, सुजाबाद और कटेसर की ओर से गंगा किनारे जाने वाले रास्तों पर जगह-जगह अस्थायी बैरिकेडिंग की गई है। इसका उद्देश्य आयोजन के दौरान वाहनों की अनियंत्रित आवाजाही रोकना और भीड़ को व्यवस्थित रखना है। गंगा घाट की ओर जाने वाले पांच प्रमुख रास्तों पर भी बैरिकेडिंग के जरिए आवागमन नियंत्रित करने की व्यवस्था की जा रही है।