वाराणसी: 90 दिन में तस्करी के 124 आरोपी गिरफ्तार, 35 करोड़ रुपये के मादक पदार्थ जब्त किए; कार्रवाई जारी है
वाराणसी में पिछले 90 दिनों में मादक पदार्थों की तस्करी के खिलाफ कार्रवाई करते हुए 124 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया। इस दौरान करीब 35 करोड़ रुपये के मादक पदार्थ जब्त किए गए। पुलिस की इस कार्रवाई से तस्करी के नेटवर्क पर शिकंजा कसने का दावा किया गया है। अभियान के तहत अवैध कारोबार पर निगरानी बढ़ाई गई है।
विस्तार
नशा तस्करों पर वाराणसी जोन पुलिस ने बड़ा स्ट्राइक किया है। तीन महीने में तस्करी के 124 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया। सोनभद्र से लेकर बलिया तक तस्करों के नेटवर्क पर चोट कर 35 करोड़ के मादक पदार्थ और शराब जब्त किए गए।
अपर पुलिस महानिदेशक नवीन अरोरा ने बताया कि विशेष अभियान के दौरान जोन के 9 जिलों के 70 प्राथमिकी में कुल 124 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया। पुलिस ने 35 करोड़ रुपये से अधिक मूल्य के अवैध मादक पदार्थ और शराब बरामद किए। तस्करों के कब्जे से भारी मात्रा में गांजा, हेरोइन, चरस, डोडा, कोडीन, शराब और एमडीएमए जब्त की गई है।
सोनभद्र में सर्वाधिक 23 मामलों में 44 आरोपी गिरफ्तार किए गए। हेरोइन व गांजा बरामद किया किया। गाजीपुर में 14 प्राथमिकी में 20 आरोपी गिरफ्तार किए गए। चंदौली में 9 मामलों में 17 आरोपी गिरफ्तार किए गए। चंदौली के सैयदराजा व अन्य थानों से भारी मात्रा में अवैध अंग्रेजी शराब जब्त किए गए।
भदोही के 6 मामलों में तस्करी के 9 आरोपी गिरफ्तार, मिर्जापुर में 9 आरोपी गिरफ्तार, जौनपुर में 3 मामलों में 8 गिरफ्तार हुए। केराकत से 1.50 करोड़ की एमडीएमए जब्त हुई। आजमगढ़ के 2 मामलों में 5 आरोपी गिरफ्तार, मऊ में तीन और बलिया के दो मामलों में दो आरोपी गिरफ्तार किए गए।
आईजीआरएस में वाराणसी जोन को प्रदेश में पहला स्थान
वाराणसी। अपर पुलिस महानिदेशक नवीन अरोरा ने शनिवार को वाराणसी जोन कार्यालय में समीक्षा बैठक की। वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग आगामी त्योहारों, कानून व्यवस्था और अपराध नियंत्रण पर विस्तृत चर्चा की गई। प्रमुख अपराधों के पर्दाफाश, लंबित विवेचना और मालों के निस्तारण की समीक्षा हुई। जनशिकायतों और आईजीआरएस से प्राप्त प्रार्थना पत्रों के समयबद्ध निस्तारण पर जोर दिया गया।
वाराणसी जोन पुलिस को आईजीआरएस में प्रदेश में पहला स्थान मिला है। एडीजी जोन नवीन अरोरा ने वांछित आरोपियों के खिलाफ ठोस कार्रवाई और सक्रिय अपराधियों की निगरानी के निर्देश दिए। तकनीकी प्रणालियों जैसे वाई-एप, ई-ऑफिस, सीसीटीएनएस और आई-गॉट की प्रभावी निगरानी की भी समीक्षा की। ई-साक्ष्य और ई-समन प्रणाली के प्रभावी क्रियान्वयन पर भी जोर दिया।
गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ कर उनके सप्लायर, खरीदार और पूरे सिंडिकेट के फॉरवर्ड व बैकवर्ड लिंकेज खंगाले जा रहे हैं, ताकि ड्रग तस्करी के पूरे नेटवर्क की रीढ़ तोड़ी जा सके। पुलिस ने साफ किया है कि नशा माफियाओं के खिलाफ यह अभियान आगे भी अनवरत जारी रहेगा। - नवीन अरोरा, एडीजी जोन वाराणसी