Varanasi News: चोरी से फोन-पे अकाउंट बनाकर 10.50 लाख उड़ाए, बैंक पहुंचते ही उड़ गए होश; आरोपी पर FIR
Varanasi News: शिवपुर थाने की पुलिस ने पीड़िता की तहरीर पर प्राथमिकी दर्ज कर ली है। तहरीर के अनुसार, मनी देवी ने बताया है कि इसकी जानकारी उन्हें बैंक जाने पर हुई। खाते से बड़ी 10.50 लाख रुपये गायब मिली। इसके बाद मुझे याद आया कि कुछ देर के लिए पड़ोसी युवक ने मेरा मोबाइल लेकर फोन-पे डाउनलोड किया था।
विस्तार
शिवपुर थाना क्षेत्र के नया कांशीराम आवास निवासी मनी देवी से उनके पड़ोसी ने 10.50 लाख रुपये की ठगी की है। मनी देवी का आरोप है कि आरोपी सतीश कुमार गोंड ने उनकी अनभिज्ञता का लाभ उठाया। उसने चोरी से उनके मोबाइल में फोन-पे स्थापित किया और एक खाता बनाया। इसके बाद धीरे-धीरे उनके बैंक खाते से यह बड़ी रकम निकाल ली।
पीड़िता मनी देवी के अनुसार, आरोपी सतीश कुमार गोंड अक्सर उनके घर आता-जाता था। मनी देवी अनपढ़ हैं और आरोपी ने इसी बात का फायदा उठाया। उसने बिना उनकी जानकारी के उनके मोबाइल का उपयोग किया। आरोपी ने धीरे-धीरे उनके बैंक खाते से करीब 10.50 लाख रुपये निकाल लिए। मनी देवी को ठगी की जानकारी तब हुई जब वह किसी काम से बैंक पहुंची। उन्होंने अपनी पासबुक की प्रविष्टि कराई। खाते से बड़ी रकम निकलने की सूचना पर उन्होंने बैंक में पूछताछ की। इसके बाद उन्हें अपने पड़ोसी सतीश कुमार गोंड पर संदेह हुआ।
ठगी का तरीका
आरोपी सतीश कुमार गोंड ने मनी देवी के मोबाइल में चोरी से फोन-पे एप्लीकेशन स्थापित किया। उसने मनी देवी के नाम पर एक बैंक खाता भी बनाया। मनी देवी की अनभिज्ञता का लाभ उठाकर उसने उनके खाते से पैसे निकालने शुरू किए। यह प्रक्रिया धीरे-धीरे चलती रही। कुल मिलाकर करीब 10.50 लाख रुपये की ठगी की गई।
घटना का खुलासा
मनी देवी को इस ठगी की जानकारी तब मिली जब वह बैंक पहुंची। उन्होंने अपनी पासबुक में लेनदेन की प्रविष्टि कराई। खाते से इतनी बड़ी रकम गायब देखकर वह हैरान रह गई। बैंक अधिकारियों से पूछताछ करने पर उन्हें ठगी का संदेह हुआ। इसके बाद उन्होंने अपने पड़ोसी सतीश कुमार गोंड पर शक जताया।
पुलिस कार्रवाई और जांच
पीड़िता मनी देवी की तहरीर के आधार पर शिवपुर पुलिस ने तत्काल कार्रवाई की। आरोपी सतीश कुमार गोंड के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कर ली गई है। थाना प्रभारी अजीत कुमार वर्मा ने इस मामले की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि पुलिस बैंक लेनदेन की जांच कर रही है। मोबाइल और डिजिटल लेनदेन की भी गहनता से जांच की जा रही है। जांच में सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर आगे की विधिक कार्रवाई की जाएगी।