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वाराणसी में खुलेगा उत्तर प्रदेश का पहला स्किन बैंक, ब्लड बैंक की तर्ज पर करेगा काम
पीयूष कुमार तिवारी ,अमर उजाला,वाराणसी
Updated Tue, 04 Sep 2018 01:08 PM IST
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अब स्किन के अभाव में नहीं मरेंगे बर्निंग के मरीज
- फोटो : twitter
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ब्लड बैंक और आई बैंक की तर्ज पर अब काशी में स्किन बैंक खोलने की तैयारी चल रही है। यह स्किन बैंक बर्न के मरीजों की जान बचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। रोटरी क्लब के सहयोग से काशी में खुलने वाला यह प्रदेश का पहला और देश का नौवां स्किन बैंक होगा। डब्लूएचओ की रिपोर्ट के अनुसार एक साल में यूपी में करीब डेढ़ लाख लोग आगजनी के शिकार होते हैं। इनमें करीब 30 हजार लोगों की मौत हो जाती है।
वरिष्ठ प्लास्टिक सर्जन डॉ. सुबोध सिंह ने बताया कि डोनर की मृत्य के छह से आठ घंटे के भीतर डेड बॉडी से स्किन के ऊपर की पतली लेयर निकाल कर उसे संरक्षित कर लिया जाता है। किसी मेजर बर्न पेसेंट, जिसकी ऊपर की पूरी परत जल गई हो, उसकी जान बचाने के लिए इस स्किन का प्रयोग किया जाता है। यह स्किन मरीज को संक्रमण से बचाती है।
जब मरीज की प्रतिरोधक क्षमता बढ़ती है तो उसके शरीर में खुद स्किन बनने लगते है। स्किन बनने के कुछ माह बाद उसे निकाल दिया जाता है। डिस्ट्रिक गवर्नर, रोटरी क्लब स्तुति अग्रवाल ने बताया कि यह महंगा प्रोजेक्ट तो है, लेकिन इंटरनेशनल सहयोग से बैंक को खोलने का पूरा प्रयास है।
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स्किन बैंक उपयोगिता
80 फीसदी तक जले हुए मरीज की जान बचाने के लिए स्किन की जरूरत होती। इसके अलावा दुर्घटना में चमड़ी गंवा देने वालों की जान बचाने में भी यह उपयोगी है। प्लास्टिक सर्जरी में इसका इस्तेमाल किया जाता है।
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वरिष्ठ प्लास्टिक सर्जन डॉ. सुबोध सिंह ने बताया कि डोनर की मृत्य के छह से आठ घंटे के भीतर डेड बॉडी से स्किन के ऊपर की पतली लेयर निकाल कर उसे संरक्षित कर लिया जाता है। किसी मेजर बर्न पेसेंट, जिसकी ऊपर की पूरी परत जल गई हो, उसकी जान बचाने के लिए इस स्किन का प्रयोग किया जाता है। यह स्किन मरीज को संक्रमण से बचाती है।
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जब मरीज की प्रतिरोधक क्षमता बढ़ती है तो उसके शरीर में खुद स्किन बनने लगते है। स्किन बनने के कुछ माह बाद उसे निकाल दिया जाता है। डिस्ट्रिक गवर्नर, रोटरी क्लब स्तुति अग्रवाल ने बताया कि यह महंगा प्रोजेक्ट तो है, लेकिन इंटरनेशनल सहयोग से बैंक को खोलने का पूरा प्रयास है।
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स्किन बैंक उपयोगिता
80 फीसदी तक जले हुए मरीज की जान बचाने के लिए स्किन की जरूरत होती। इसके अलावा दुर्घटना में चमड़ी गंवा देने वालों की जान बचाने में भी यह उपयोगी है। प्लास्टिक सर्जरी में इसका इस्तेमाल किया जाता है।