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Varanasi News: शहरी तालाबों और कुंडों से जल्द हटेगा कब्जा, होगा सुंदरीकरण
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कार्ययोजना तैयार करने में जुटा नगर निगम, कब्जेदारों पर होगी कार्रवाई
नगर निगम की ओर से तालाबों और कुंडों से जल्द ही कब्जे हटा कर सुंदरीकरण कराया जाएगा। मेयर अशोक कुमार तिवारी ने अधिकारियों को कार्ययोजना तैयार करने को कहा। तालाबोंं और कुंडों मेंं वाटर ट्रीटमेंट, फव्वारा, लाइटिग, ग्रिल व सीढ़ी निर्माण, लाइटिंग आदि कराई जाएगी।
शहर में 32 तालाबों पर कब्जा है। इसे हटाने के साथ ही कब्जेदारों पर भी कार्रवाई की जाएगी। मेयर ने बताया कि शहर के सभी तालाबों का मालिकाना हक नगर निगम के पास है। इसके बावजूद तालाबों पर अवैध कब्जा कैसे हो रहा है, तालाबों पर निर्माण करने की अनुमति किसने दी, निगम की जोनल टीमें क्या कर रही हैं, गैर जिम्मेदार अधिकारियों और कर्मचारियों के खिलाफ अब तक क्या कार्रवाई हुई, इन बिंदुओं पर एक रिपोर्ट तैयार की जा रही है।
बता दें कि पिछले दिनों नगर निगम की ओर से 84 गांवों में सर्वे कराया था। उस दौरान 41 तालाब मिले। इनमें से 25 तालाब ठीक हैं। 18 तालाबों पर अतिक्रमण कर कब्जा करने का प्रयास किया जा रहा है। तय हुआ था कि तालाबों से अवैध कब्जा हटवाने के साथ प्रमाणपत्र भी दिया जाएगा। लेकिन मामला ठंडे बस्ते में चला गया। पिछले दिनों स्मार्ट सिटी के जरिए 25 से अधिक कुंडोंं व तालाबों का सुंदरीकरण कराया गया है। इनमें दुर्गाकुंड, लाट भैरव कुंड, लक्ष्मी कुंड, पिशाच मोचन कुंड, नदेसर, चकरा, महावीर, बकरिया कुंड आदि हैं।
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ऐसे होता खेल
तालाब को धीरे-धीरे पाटकर भवन निर्माण किया जाता है। कुछ लोगों ने राजस्व के नियमों को धता बताकर कागजों में कूटरचना कर बाकायदा जमीन का खारिज दाखिल तक करा ली है। 2016 में तत्कालीन कमिश्नर नितिन रमेश गोकर्ण ने जांच में ऐसी कई खामियां पकड़ी थीं। तुलसीपुर, नदेसर, बौलिया, कुरुक्षेत्र तालाबों पर कब्जा था। जिसे हटवाया गया था।
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नगर निगम की ओर से तालाबों और कुंडों से जल्द ही कब्जे हटा कर सुंदरीकरण कराया जाएगा। मेयर अशोक कुमार तिवारी ने अधिकारियों को कार्ययोजना तैयार करने को कहा। तालाबोंं और कुंडों मेंं वाटर ट्रीटमेंट, फव्वारा, लाइटिग, ग्रिल व सीढ़ी निर्माण, लाइटिंग आदि कराई जाएगी।
शहर में 32 तालाबों पर कब्जा है। इसे हटाने के साथ ही कब्जेदारों पर भी कार्रवाई की जाएगी। मेयर ने बताया कि शहर के सभी तालाबों का मालिकाना हक नगर निगम के पास है। इसके बावजूद तालाबों पर अवैध कब्जा कैसे हो रहा है, तालाबों पर निर्माण करने की अनुमति किसने दी, निगम की जोनल टीमें क्या कर रही हैं, गैर जिम्मेदार अधिकारियों और कर्मचारियों के खिलाफ अब तक क्या कार्रवाई हुई, इन बिंदुओं पर एक रिपोर्ट तैयार की जा रही है।
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बता दें कि पिछले दिनों नगर निगम की ओर से 84 गांवों में सर्वे कराया था। उस दौरान 41 तालाब मिले। इनमें से 25 तालाब ठीक हैं। 18 तालाबों पर अतिक्रमण कर कब्जा करने का प्रयास किया जा रहा है। तय हुआ था कि तालाबों से अवैध कब्जा हटवाने के साथ प्रमाणपत्र भी दिया जाएगा। लेकिन मामला ठंडे बस्ते में चला गया। पिछले दिनों स्मार्ट सिटी के जरिए 25 से अधिक कुंडोंं व तालाबों का सुंदरीकरण कराया गया है। इनमें दुर्गाकुंड, लाट भैरव कुंड, लक्ष्मी कुंड, पिशाच मोचन कुंड, नदेसर, चकरा, महावीर, बकरिया कुंड आदि हैं।
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तालाब को धीरे-धीरे पाटकर भवन निर्माण किया जाता है। कुछ लोगों ने राजस्व के नियमों को धता बताकर कागजों में कूटरचना कर बाकायदा जमीन का खारिज दाखिल तक करा ली है। 2016 में तत्कालीन कमिश्नर नितिन रमेश गोकर्ण ने जांच में ऐसी कई खामियां पकड़ी थीं। तुलसीपुर, नदेसर, बौलिया, कुरुक्षेत्र तालाबों पर कब्जा था। जिसे हटवाया गया था।