बीएचयू में हंगामा: परशुराम जयंती समारोह में नहीं पहुंचे कुलपति तो भड़के छात्र, वीसी लॉज पर फूंका पुतला
बीएचयू परिसर में रोजा इफ्तार पार्टी के आयोजन के बाद से विवाद थमने का नाम नहीं ले रहा है। छात्र कुलपति द्वारा लिखित माफी मांगने की मांग पर अड़े हैं। विरोध स्वरूप छात्रों ने कुलपति आवास के सामने ही परशुराम जयंती मनाई।
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काशी हिंदू विश्वविद्यालय (बीएचयू) परिसर में रोजा इफ्तार पार्टी के आयोजन के बाद से विवाद थमने का नाम नहीं ले रहा है। मंगलवार को परिसर में आयोजित परशुराम जयंती के आयोजन में कुलपति के न पहुंचने से नाराज छात्रों ने कुलपति आवास के बाहर उनका प्रतीकात्मक पुतला फूंका।
इस दौरान सुरक्षा कर्मियों ने छात्रों से पुतला छीनने की कोशिश की। सुरक्षाकर्मियों और छात्रों में नोंकझोंक भी हुई। छात्र कुलपति द्वारा लिखित माफी मांगने की मांग पर अड़े हैं। विरोध स्वरूप छात्रों ने कुलपति आवास के सामने ही परशुराम जयंती मनाई।
कुलपति आवास पर पुतला दहन के दौरान छात्रों ने बताया कि सोमवार को परशुराम जयंती का आयोजन किया था। इसमें कुलपति को बुलाने के लिए दो मई को कुलपति कार्यालय में पत्र भी दिया गया था। जिस तरह से रोजा इफ्तार के आयोजन के माध्यम से विश्वविद्यालय प्रशासन गंगा जमुनी तहजीब की बात कर रहा है, उसी आधार पर कुलपति को समारोह में आमंत्रित किया गया था।
पत्र देने के बाद भी कुलपति नहीं आए। छात्रों ने कहा कि विश्वविद्यालय में राष्ट्र विरोधी, हिंदू विरोधी जो कार्य किए जा रहे हैं, उसका मुंहतोड़ जवाब देने की जरूरत है। चेतावनी दी कि रोजा इफ्तारी के आयोजन पर जब तक कुलपति की ओर से लिखित माफी नहीं मांगी जाती तब तक आंदोलन जारी रहेगा।
शोध छात्र और वीसी पीए का ऑडियो वायरल
परशुराम जयंती समारोह में कुलपति के न आने पर जब छात्रों ने उनके पीए से बातचीत की तब कुलपति के संक्रमित होने की जानकारी उनके पीए ने दी। एक छात्र और कुलपति के पीए से हुई बातचीत का ऑडियो भी वायरल हो गया है। इसमें छात्र से बातचीत के दौरान कुलपति को दो दिन पहले कोरोना के लक्षण आने और फिर संक्रमित होने की जानकारी भी दी जा रही है।