काशी विश्वनाथ धाम में भिखारी धर्मशाला तोड़ने पर हंगामा और धक्कामुक्की
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श्री काशी विश्वनाथ धाम में शनिवार को भिखारी धर्मशाला के ध्वस्तीकरण के दौरान जमकर हंगामा हुआ। हंगामा और धक्कामुक्की में तीन लोगों के चोटिल होने की बात सामने आ रही है। पुलिस ने मामले में कुछ लोगों को हिरासत में ले लिया है।
शनिवार की दोपहर में काशी विश्वनाथ धाम में काम करा रही संस्था के कर्मचारी मणिकर्णिका घाट पर स्थित भिखारी धर्मशाला का ध्वस्तीकरण करने पहुंचे। धर्मशाला में रहने वालों ने उसको ध्वस्त करने से मना कर दिया। इसके बाद मंदिर प्रबंधन के कर्मचारी पहुंचे और उन्होंने समझाने का प्रयास किया लेकिन धर्मशाला में रहने वाले अपनी जिद पर अड़े रहे।
इसके बाद जैसे ही जेसीबी धर्मशाला को ध्वस्त करने के लिए बढ़ी तो साधु उसके आगे लेट गए। इस दौरान हुए हंगामे और धक्कामुक्की में मंदिर के कर्मचारी और एक मजदूर के चोटिल होने की बात सामने आई है। स्थिति बिगड़ती देखकर पुलिस प्रशासन को घटना की जानकारी दी गई।
हंगामे की सूचना पर पहुंची चौक थाने की पुलिस ने हल्का बल प्रयोग करके मामले को शांत कराया। पुलिस ने सभी को हिरासत में ले लिया है। देर रात तक मंदिर प्रबंधन की तरफ से कोई प्राथमिकी दर्ज नहीं कराई गई थी। मुख्य कार्यपालक अधिकारी विशाल सिंह ने बताया कि धर्मशाला का विक्रय किया जा चुका है। कुछ लोगों द्वारा हंगामे की सूचना मिली थी। मामले को सुलझा लिया गया है।
मणिकर्णिका सेवा समिति ने सौंपी भिखारी धर्मशाला
श्री काशी विश्वनाथ धाम के निर्माण की गति अब और तेज हो जाएगी। अब तक जहां धरातल पर कार्य दिखने लगा था वहीं सावन माह तक भवन आकार लेने लगेंगे। कोरोना महामारी के चलते श्री काशी विश्वनाथ धाम का निर्माण भी प्रभावित हो गया था। ऐसे में कार्य को समय पूरा करना कंपनी के लिए चुनौती बन गया था। लॉकडाउन खुलते ही कंपनी द्वारा अपने विभिन्न क्षेत्रों से मजदूरों को बुलवाकर काम शुरू करा दिया है।
अब मजदूरों की संख्या लगभग 400 से अधिक हो चुकी है वहीं शुक्रवार की शाम को मणिकर्णिका सेवा समिति द्वारा इस धाम के निर्माण के लिए भिखारी धर्मशाला मंदिर प्रशासन को सौंप दी गई। इसके एवज में मंदिर प्रशासन द्वारा समिति के खाते में एक करोड़ 80 लाख की धनराशि भेज दी गई है।
लिखित सहमति मिलते ही शनिवार को मंदिर प्रशासन द्वारा मशीनों को लगाकर उस भवन के ध्वस्तीकरण का कार्य तेज कर दिया गया है। इससे अब घाट किनारे बनने वाले जेटी और अन्य निर्माणों की गति कई गुना बढ़ जाएगी। श्री काशी विश्वनाथ मंदिर के मुख्य कार्यपालक विशाल सिंह ने बताया कि मणिकर्णिका सेवा समिति द्वारा किए गए इस सहयोग से अब निर्माण कार्य को काफी लाभ पहुंचेगा। इस भवन के हटने के बाद वहां होने वाले पक्के घाट के निर्माण से घाट का सौंदर्य काफी बढ़ जाएगा।