UP Weather: वाराणसी में एक घंटे में हुई 40 मिलीमीटर बारिश, दुकानों और घरों में घुसा पानी; BHU अस्पताल जलमग्न
Varanasi News: जलभराव से सबसे अधिक परेशानी स्कूल जाने वाले बच्चों को हुई। कंधे में बैग लटकाए बच्चे किसी तरह घर से तो निकल गए, लेकिन बाहर सड़क पर आने के बाद उनको पानी में घुसकर जाना पड़ा। इसके अलावा लोग सिर पर सामान लेकर भी पानी में आते-जाते दिखे।
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बुधवार की भोर में एक घंटे तक हुई तेज बारिश से शहर में जगह-जगह जलभराव हो गया। 40 मिलीमीटर की बारिश से गोदौलिया, हनुमान फाटक सहित कई जगहों पर दुकानों में बारिश का पानी घुस गया। इसके अलावा बीएचयू अस्पताल और ट्रॉमा सेंटर कैंपस पूरी तरह जलमग्न हो गया।
उधर, जिला अस्पताल, मंडलीय अस्पताल, महिला अस्पताल के गेट से लेकर अंदर तक जलभराव देखने को मिला। मरीज पानी में घुसकर ही डॉक्टर को दिखाने के लिए ओपीडी में पहुंचे। कड़ी मशक्कत के बाद किसी तरह शाम तक पानी निकल सका। जिला अस्पताल के सामने डॉक्टर्स काॅलोनी में एक दीवार भी गिर गई, लेकिन किसी तरह का कोई नुकसान नहीं हुआ।
आधी रात बाद करीब 3 बजे तेज हवा के साथ बारिश शुरू हुई। बारिश इतनी तेज थी कि देखते ही देखते सड़कों पर पानी भर गया। करीब घंटे भर बाद बारिश तो बंद हो गई, लेकिन जलभराव ने लोगों की मुसीबत बढ़ा दी। दो पहिया वाहन से भी जाने में कठिनाई हो रही थी।
दो साल से लिख रहे पत्र, नहीं हुआ समाधान
बीएचयू के ट्रॉमा सेंटर के प्रभारी प्रो. सौरभ सिंह ने बताया कि परिसर में जलभराव की समस्या को लेकर दो साल से लगातार निर्माण विभाग के अधीक्षण अभियंता को पत्र लिखकर जलनिकासी की समुचित व्यवस्था करने को कहा जा रहा है। कोई ठोस व्यवस्था न होने से ही इस तरह की समस्या आ रही है।
डोमरी-सूजाबाद मोड़ के पास धंसी पटरी
बारिश की वजह से राजघाट, रामनगर इलाके में भी जगह-जगह जलभराव हो गया। राजघाट पुल से डोमरी-सूजाबाद मोड़ के पास सुबह 10 बजे सड़क किनारे की पटरी धंस गई।
शहर के बीच का हिस्सा भी पानी-पानी
नगर निगम की ओर से बरसात का मौसम शुरू होने से पहले ही जल निकासी की बेहतर व्यवस्था किए जाने का दावा किया गया, लेकिन जिस तरह से शहरी इलाकों में जलभराव हो रहा है, उससे नगर निगम के जल निकासी के दावों की पोल खुल गई है। शहर के बीच में सिगरा से लेकर रथयात्रा, कबीरचौरा, लहुराबीर, चेतगंज का इलाका भी पानी-पानी हो गया।
बोले मेयर-निगम चला रहा अभियान, पीडब्ल्यूडी भी है जिम्मेदार
मेयर अशोक तिवारी ने कहा कि नगर निगम की ओर से जल निकासी के लिए सभी चोक नालियों की अभियान चलाकर सफाई करवाई जा रही है। सबसे अधिक परेशानी पीडब्ल्यूडी की वजह से हो रही है। सड़क बनवाते समय जल निकासी के लिए बने मेन होल के ढक्कनों को भी तोड़ दिया जा रहा है।
इस वजह से पानी निकलने के लिए पाइप भी टूट जा रही है। पीडब्ल्यूडी अधिकारियों को इसके लिए पत्र लिखकर इस तरह के कार्यों के समय नगर निगम को सूचना देने के साथ ही समन्वयक बनाने को कहा गया है।