UP Weather: वाराणसी में 31 दिन में सिर्फ 12 दिन बारिश, 50 फीसदी भी लक्ष्य पूरा नहीं; उमस ने फिर किया परेशान
Varanasi News: कम बारिश से किसानों की भी चिंता बढ़ा दी है। धान की रोपाई को लेकर उन्हें भूमि जल के आसरे रहना पड़ रहा है। कम पानी मिलने से ठीक से रोपाई नहीं हो पा रही है। वहीं, उमस के कारण जनजीवन बेहाल हो गया है।
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जून की तरह ही जुलाई में भी बारिश का लक्ष्य अधूरा रह गया है। इस महीने के 31 दिन में महज 12 दिन ही बारिश हुई। निर्धारित लक्ष्य 294 मिलीमीटर के सापेक्ष 50 फीसदी भी बारिश नहीं हुई। इस महीने केवल 133 मिलीमीटर ही बारिश हो सकी है। मौसम विभाग के आंकड़ों के अनुसार पिछले चार साल में इस साल जून और जुलाई महीने में सबसे कम बारिश हुई है।
मानसून का सीजन जून से लेकर सितंबर तक का माना जाता है। इसमें हर महीने बारिश का लक्ष्य भी निर्धारित किया गया है। कुल मिलाकर चार महीने में 901 मिलीमीटर बारिश होनी चाहिए। मानसून ने इस साल 25 जून को दस्तक दी थी।
जून में चार दिन ही बारिश हुई। जून महीने में 48.8 मिलीमीटर बारिश ही हो पाई जबकि इस महीने में बारिश का लक्ष्य 111 मिलीमीटर होता है। जुलाई महीने में बारिश का औसत लक्ष्य 294 मिलीमीटर की तुलना में केवल 133 मिलीमीटर ही बारिश हुई।
सक्रिय हुआ मानसून, बारिश से बदला मौसम
पिछले 10 दिन से तेज धूप और गर्मी के बाद बुधवार को मानसून की सक्रियता फिर देखने को मिली। बुधवार सुबह तेज हवा के साथ बारिश होने के बाद गर्मी से परेशान लोगों को राहत मिली। शहर से लेकर गांव तक कहीं हल्की तो कही तेज बारिश हुई।
इसके बाद दिन में धूप भी हुई लेकिन बादलों की आवाजाही के कारण उसका असर भी कम रहा। शाम करीब छह बजे एक बार फिर बारिश शुरू हुई और रुक रुककर रात तक होती रही। बीएचयू के मौसम वैज्ञानिक प्रो. मनोज श्रीवास्तव का कहना है कि मानसून के सक्रियता का असर तीन-चार दिन तक बने रहने की उम्मीद है।
बारिश का औसत मानक
- जून 111 मिलीमीटर
- जुलाई 294 मिलीमीटर
- अगस्त 264 मिलीमीटर
- सितंबर 232 मिलीमीटर
- पिछले चार साल में हुई बारिश
| साल | जून | जुलाई |
| 2021 | 340 | 222.5 |
| 2022 | 201.8 | 218 |
| 2023 | 133.8 | 194 |
| 2024 | 48.8 | 133 |
| बारिश मिलीमीटर में |