UP Weather: वाराणसी में बारिश के बाद तीखी धूप ने बढ़ाई बीमारी, OPD में जुकाम-बुखार के मरीज बढ़े; जानें अपडेट
UP Weather News: वाराणसी में एक दिन हुई बारिश के बाद फिर भी भीषण गर्मी का असर दिखने लगा है। इस कारण अस्पतालों में मरीजों की भीड़ देखी जा रही है। बीएचयू सहित मंडलीय और जिला अस्पताल की ओपीडी फुल हो जा रही है।
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Varanasi Weather News: तीन दिन पहले रात और दिन में बारिश होने के बाद होने वाली तीखी धूप से मौसमी बीमारी का खतरा बढ़ गया है। मौसम के इस बदले मिजाज का असर है कि अस्पतालों की ओपीडी से लेकर दवा, जांच काउंटर पर लाइन लगी रही।
गुरुवार को जिला अस्पताल से लेकर मंडलीय अस्पताल कबीरचौरा, शास्त्री अस्पताल में फिजिशियन, बाल रोग विशेषज्ञ के कमरे के बाहर मरीजों की लाइन देखने को मिली। अस्पतालों, स्वास्थ्य केंद्रों को मिलाकर 300 से अधिक लोग डॉक्टर को दिखाने पहुंचे। इसमें किसी को छींक आ रही थी तो कोई दो दिन से बुखार से परेशान था।
पिछले सप्ताह अधिकतम तापमान 40 डिग्री सेल्सियस के पार था। लोग गर्मी से बेचैन हो गए थे। इसी बीच 17 जून की रात और दिन में रूकरूक कर होने वाली बारिश होने से गर्मी से राहत मिली। इस बीच बुधवार और गुरुवार को दिन में फिर तीखी धूप हुई। हवा भी नहीं चली, इस वजह से उमस अधिक रही।
गुरुवार को दीनदयाल उपाध्याय जिला अस्पताल में 1200 से अधिक लोग ओपीडी में पहुंचे। यहां फिजिशियन, बाल रोग की ओपीडी के बाहर मरीजों की लाइन लगी रही। इसके अलावा जांच केंद्र पर भी लोग बाहर अपनी बारी का इंतजार करने के लिए खड़े रहे।
चिकित्सक दे रहे सलाह
फिजिशियन डॉ. मनीष यादव ने बताया कि तीन दिन से हर दिन डायरिया, जुकाम, बुखार वाले 30 से अधिक अधिक आ रहे हैं। लोगों को धूप से आने के बाद तुरंत पानी न पीने, बुखार आने पर बिना डॉक्टर की सलाह के दवा न लेने और बारिश में भींगने से बचने की सलाह दी जा रही है। सीएमएस डॉ. बृजेश कुमार ने बताया कि मौसमी बीमारियों में सेहत के प्रति सावधानी बहुत जरूरी होती है।
ओपीडी में आने वालों को मौसमी बीमारियों के कारण, बचाव के बारे में भी जागरूक किया जा रहा है। उधर मंडलीय अस्पताल कबीरचौरा की एसआईसी डॉ. मृदुला मलिक ने बताया कि 1000 से 1200 मरीज तीन दिन से ओपीडी में आ रहे हैं।
अस्पताल में बाल रोग की ओपीडी में बुखार, उल्टी, दस्त वाले बच्चों को जरूरत करने पर चिल्ड्रेन वार्ड में भर्ती करवाया जा रहा है। बच्चों के लिए दो वार्ड में भर्ती की सुविधा है। यहां विशेषज्ञों को निगरानी करते रहने को कहा गया है।