‘यूपी टूरिज्म फेरा’ जलपोत वाराणसी रवाना, दो घंटे तक पुल पर वाहनों का आवागमन ठप
गोवा से प्रधानमंत्री के संसदीय क्षेत्र वाराणसी जा रहा पर्यटक जलपोत यूपी टूरिज्म फेरा पीएनजे-821 दो घंटे तक बच्छलकापुरा गंगा तट पर रुका रहा। बाद में बच्छलकापुरा-रामपुर पीपा पुल को खोलकर जलपोत को पास कराया गया। इस दौरान दो घंटे तक पुल पर वाहनों का आवागमन ठप रहा।
यूपी टूरिज्म फेरा पीएनजे-821 खाली जलपोत गोवा से वाराणसी जा रहा था। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के संसदीय क्षेत्र वाराणसी में पर्यटकों को गंगा घाटों पर घूमने एवं जल पोत से वाराणसी से प्रयागराज संगम आदि की यात्रा कराने के लिए प्रदेश के पर्यटन विभाग की ओर से यह जलपोत मंगाया गया है।
गाजीपुर पहुंचा दो मंजिला क्रूज, जल्द पहुंचेगा बनारस
गंगा की लहरों पर दो मंजिला क्रूज का संचालन जल्द शुरू हो सकेगा। डेढ़ माह पूर्व गोवा शिप यार्ड से रवाना 10 करोड़ी क्रूज गाजीपुर में पहुंच चुका है। बुधवार को यह एमवी यूपी फेरी जहाज मुहम्मदाबाद के बच्छलपुर-रामपुर गंगा तट से वाराणसी के लिए रवाना हुआ। राजकीय निर्माण निगम के प्रोजेक्ट मैनेजर के अनुसार जल्द ही यह क्रूज काशी पहुंचेगा।
100 पर्यटकों के बैठने की क्षमता का यह क्रूज 30 नवंबर को गोवा से वाराणसी के लिए रवाना हुआ था। मौसम की खराबी के चलते क्रूज को पहुंचने में डेढ़ माह से अधिक का समय लगा। फिलहाल क्रूज आगमन को देखते हुए सभी तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। राजघाट और अस्सी घाट पर जेटी बनकर तैयार है। गंगा में पर्यटन को बढ़ावा देने को पर्यटन मंत्रालय की प्रसाद योजना के तहत 10.71 करोड़ में राजघाट से अस्सी तक क्रूज संचालन की व्यवस्था की गई है।
कोरोना के चलते हुई देरी
बजड़े की तरह क्रूज में ऊपर और नीचे दोनों मंजिल पर 100 पर्यटकों के बैठने की क्षमता है। नीचे की मंजिल पूरी तरह वातानुकूलित है। क्रूज की खासियत यह है कि चारों तरफ से खुला रहेगा, इससे पर्यटकों को गंगा और घाटों की सुंदरता देखने में सहूलियत होगी।अधिकारियों के अनुसार अप्रैल में ही क्रूज बन चुका था, लेकिन कोरोना के चलते परीक्षण और अनुमति नहीं मिलने के कारण रुका हुआ था। इंडियन रजिस्टर ऑफ शिपिंग ने 30 नवंबर को गोवा से क्रूज ले जाने की अनुमति दी थी।