UP State Teachers Award: मिर्जापुर के रविकांत, सोनभद्र के राजकुमार और वाराणसी की सरिता को मिलेगा पुरस्कार
उत्तर प्रदेश सरकार ने शनिवार को राज्य अध्यापक पुरस्कारसे सम्मानित होने वाले शिक्षकों की पूरी सूची जारी कर दी है।
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उत्तर प्रदेश सरकार ने शनिवार को राज्य अध्यापक पुरस्कारसे सम्मानित होने वाले शिक्षकों की पूरी सूची जारी कर दी। राज्य शिक्षक पुरस्कार- 2021 के लिए गठित चयन समिति ने प्रत्येक जिले से एक-एक सर्वश्रेष्ठ शिक्षक का चयन किया है। जिसमें वाराणसी से सरिता राय, मिर्जापुर से रविकांत द्विवेदी और सोनभद्र जिले से राजकुमार सिंह का नाम शामिल है। आइए इन तीनों के बारे में जानते हैं।
अभिनव प्रयोगों से विद्यालय को दी नई पहचान
सोनभद्र में दुरावल एक्सप्रेस के नाम से चर्चित इंग्लिश मीडियम मॉडल प्राथमिक विद्यालय दुरावल खुर्द के प्रधानाध्यापक राजकुमार सिंह को राज्य शिक्षक पुरस्कार के लिए चुना गया है। कोरोना काल में भी अपने अथक प्रयासों से ग्रामीण क्षेत्र में शिक्षा की लौ जलाए रखने वाले राजकुमार सिंह की शिक्षण व्यवस्था अनूठी है। उन्हें पहले भी उत्कृष्ट विद्यालय पुरस्कार, आदर्श पाठ योजना पुरस्कार, सोन शिक्षा रत्न सम्मान से नवाजा जा चुका है। अब वर्ष 2021 के राज्य शिक्षक पुरस्कार के लिए चुने जाने से जिले के शिक्षकों में खुशी है।
चुर्क निवासी राजकुमार सिंह की तैनाती वर्ष 2011 में प्राथमिक विद्यालय दुरावल खुर्द पर हुई थी। इसके बाद से ही शिक्षण कार्यों में अभिनव प्रयोगों से विद्यालय खूब चर्चा में आया। घोरावल ब्लाक का यह दूसरा इंग्लिश मीडियम विद्यालय भी बना।
अच्छे माहौल और शैक्षणिक कार्यों के चलते दुरावल खुर्द का विद्यालय कांवेंट को भी टक्कर दे रहा है। यहां 158 बच्चे सिर्फ पंजीकृत ही नहीं है, नियमित उपस्थित भी रहते हैं। राजकुमार सिंह ने कायाकल्प योजना से पहले ही विद्यालय के भवन को ट्रेन मॉडल में विकसित किया।
जिद से बदली स्कूल की तस्वीर
वाराणसी के काशी विद्यापीठ ब्लॉक का मॉडल इंग्लिश प्राइमरी स्कूल मंडुआडीह कांवेंट स्कूल को भी टक्कर दे रहा है। इस वजह है प्रधानाध्यापक सरिता राय की जिद। यह कारण है कि उनका चयन राज्य शिक्षक पुरस्कार के लिए हुआ है। बच्चों को रोचक तरीके से शिक्षा देने के लिए सरिता राय जानी जाती हैं।
2018 में प्रधानाध्यापक पद की कार्यभार संभालने के बाद सरिता राय ने विद्यालय की स्थिति बदलने की ठानी। इस स्कूल में पहले न तो ढंग का क्लासरूम था और न ही शौचालय। पानी, बिजली, फर्नीचर जैसी चीजें भी लचर हालात में थी। स्कूल के नाम पर पांच कमरों का पुराना भवन था। मगर, महज अब इस स्कूल की तस्वीर बदल गई है। अब इस सरकारी विद्यालय में कांवेंट स्कूलों जैसी सुविधाएं हैं। सरिता राय को 2019 उत्कृष्ट प्रधानाध्यापक पुरस्कार समेत दर्जनों सम्मान मिल चुके हैं।
ऑपरेशन कायाकल्प के तहत बदली विद्यालय की सूरत
मिर्जापुर जिले के पहाड़ी विकास खंड के भगेसर प्राथमिक विद्यालय के प्रधानाध्यापक रविकांत द्विवेदी राज्य शिक्षक पुरस्कार से सम्मानित किए जाएंगे। रविकांत ने अपने स्तर से प्रयास करके विद्यालय में बच्चों का नामांकन 95 से बढ़ाकर 210 तक पहुंचा दिया है। ऑपरेशन कायाकल्प के तहत नई पहल करते हुए उन्होंने विद्यालय की सूरत ही बदल दी है।
उन्हें राज्य स्तर पर 2018 में उत्कृष्ट विद्यालय पुरस्कार, 2019 में मेरी उड़ान प्रतियोगिता, 2020 में आओ गढ़ें कहानी पुरस्कार, 2021 में राज्य आईसीटी पुरस्कार, राज्य उत्कृष्ट विद्यालय पुरस्कार व राज्य स्तर पर नवाचार पुरस्कार भी दिए जा चुके हैं। इसके अलावा 2017, 2019 व 2022 में स्वीप कार्यक्रम के तहत मतदाता जागरूकता के लिए जिलाधिकारी प्रवीण कुमार लक्षकार की तरफ से पुरस्कृत किया जा चुका है।