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क्लीन काशी-ग्रीन काशी अभियान के तहत वाराणसी में बनेगा यूपी का पहला गोवर्धन प्रोजेक्ट, 90 टन होगी क्षमता
Fri, 11 Dec 2020 12:48 AM IST
स्वाधीन तिवारी
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वाराणसी
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वाराणसी
Published by: स्वाधीन तिवारी
Updated Fri, 11 Dec 2020 12:48 AM IST
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बायोगैस प्लांट
- फोटो : अमर उजाला।
क्लीन काशी ग्रीन काशी के लिए शहंशाहपुर में 90 टन क्षमता वाला बायोगैस प्लांट बनाया जाएगा। गोवर्धन योजना के तहत यूपी का यह पहला बायोगैस प्लांट होगा। इससे 15 टन सीएनजी का निर्माण होगा। यह सीएनजी पंप पर बेची जाएगी।
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गुरुवार को जलशक्ति मंत्रालय के साथ एनआईसी में इस संबंध में वीडियो कांफ्रेंसिंग हुई। बैठक की अध्यक्षता कमिश्नर दीपक अग्रवाल ने की। डीएम कौशलराज शर्मा ने बताया कि योजना का नोडल जलशक्ति मंत्रालय है। उनकी देखरेख में इसका निर्माण होगा। 90 टन क्षमता वाले इस प्लांट में 20 टन का डायजेस्टर होगा, जिसमें गोबर भरा जाएगा।
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इसके लिए शहर और देहात की गोशालाओं से एक रुपये किलो गोबर खरीदा जाएगा। इसके अलावा आजमगढ़ के सठियावं के चीनी मिल से निकलने वाली मिट्टी, नेपियर घास को मिलाकर मीथेन का निर्माण होगा। मीथेन को सीएनजी में कंवर्ट किया जाएगा और इसे सिलेंडरों में भरकर बेचा जाएगा।
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यूपी का यह पहला प्रोजेक्ट होगा। इसके पहले यह गुजरात में बना है। शहर को प्रदूषण से मुक्त कराने में यह प्लांट काफी कारगर होगा। नगर निगम और स्मार्ट सिटी के सहयोग से इसका निर्माण होगा। सीएनजी से चलने वाले वाहनों के लिए यह प्लांट काफी मददगार साबित होगा।