अमर उजाला पड़ताल: जहां यात्री पीते हैं पानी, वहां जमी है काई, वाराणसी कैंट सहित अन्य रेलवे स्टेशनों का यही हाल
वाराणसी में कैंट रेलवे स्टेशन समेत लोहता, सारनाथ स्टेशनों का हाल बेहाल है। कहीं पीने का पानी जंग लगी पाइप से आ रहा तो कहीं पानी पीने वाली जगह पर काई जमी है।
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प्रमुख पर्यटन स्थल में शुमार वाराणसी के कैंट रेलवे स्टेशन पर पीने के पानी का हाल बुरा है। प्यास लगने पर अगर यात्री प्लेटफॉर्म पर लगी टोटियों के पास जाते हैं तो उन्हें वहां गंदगी से दो-चार होना पड़ता है। टोंटी में जंग लगी होती है। सप्लाई वाली पाइप में भी जंग लगी रहती है। कैग की रिपोर्ट जारी होने के बाद बृहस्पतिवार को अमर उजाला की ओर से की गई पड़ताल में कुछ यही हकीकत सामने आई। यहां न तो वाटर कूलर में ठंडा पानी मिला और न ही वाटर कूलर के आसपास सफाई मिली।
सीएजी की रिपोर्ट में ये सामने आया है कि वाराणसी जंक्शन पर पीने के पानी के नल, वाटर कूलर और साइनबोर्ड की कमी है। ये स्थिति तब है जब हर महीने अधिकारियों के साथ ही लखनऊ, दिल्ली से अधिकारी यहां निरीक्षण के लिए आते हैं। सिर्फ कैंट रेलवे स्टेशन का ही नहीं बल्कि लोहता, सारनाथ रेलवे स्टेशन सहित अन्य स्टेशनों का भी यही हाल है।
कैंट रेलवे स्टेशन पर रोजाना एक लाख से ज्यादा यात्रियों का आवागमन होता है। दूरदराज से आने वाले यात्रियों की सुविधा के लिए प्लेटफॉर्म पर पानी की व्यवस्था की गई है, लेकिन यहां जिस तरह की गंदगी है उसे देखकर लगता है कि लंबे समय से सफाई ही नहीं की गई हो। प्लेटफॉर्म 1-5-6 से लेकर 8 और 9 पर चार-चार टोंटी एक जगह लगाई गई है। लेकिन, कहीं टोंटी में ऊपरी हिस्से में जंग लगी हुई है तो कहीं पाइप भी क्षतिग्रस्त है। पानी पीने वाली जगह पर काई जमी है। वाटर कूलर में ठंडा पानी ही नहीं रहता।
देश के कई रेलवे स्टेशनों पर ठंडा पानी न मिलने और बैक्टीरिया की जांच न होने की रिपोर्ट सामने आने के बाद पूर्वोत्तर रेलवे के डीआरएम आशीष जैन बीते सोमवार को बनारस रेलवे स्टेशन पहुंचे थे। उनकी मौजूदगी में पानी का सैंपल लिया गया, जिसकी रिपोर्ट आनी बाकी है। मंगलवार और बुधवार को भी वाटर कूलर में पानी ठंडा नहीं था। पानी पीने वाली जगह पर सफाई व्यवस्था सही नहीं दिख रही थी।
लोहता रेलवे स्टेशन पर प्लेटफॉर्म एक से तीन पर वाटर बूथ बने हैं। हर बूथ पर दो-दो टोटियां लगी हैं। वाटर बूथ के ऊपरी हिस्से में काई जमी हुई है। नीचे जहां से पानी की पाइप आई है, वहां लगी जाली के पास भी गंदगी जमी रही। ऐसा लग रहा था जैसे लंबे समय से सफाई नहीं हुई है।
सारनाथ रेलवे स्टेशन के प्लेटफॉर्म एक और दो पर किसी भी टोंटी से पानी नहीं आ रहा था। पानी पीने की जगह पर गंदगी है। काई इस तरह की जमी है कि वहां खड़े होकर पानी पीना मुश्किल है। मऊ निवासी पुलपति देवी ने बताया कि टोंटी में पानी नहीं आ रहा। गाजीपुर के अंकित भी पानी न मिलने से परेशान हुए।
नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक (कैग) की हाल ही में जारी की गई रिपोर्ट में यूपी के चार रेलवे स्टेशनों पर कमियां पाई हैं। इसमें वाराणसी जंक्शन पर ठंडा पानी न मिलने की रिपोर्ट मिली है। अमर उजाला की पड़ताल में भी अधिकांश जगहों पर वाटर कूलर से ठंडा पानी नहीं आ रहा था। कैग की रिपोर्ट के बाद भी व्यवस्था में जिस तरह का सुधार होना चाहिए, वो नहीं दिख रहा।
अधिकारी बोले
स्टेशन पर यात्रियों को शुद्ध पानी मिलता रहे, पानी पीने वाली जगह साफ रहे। इसके लिए समय-समय पर टीम भेजकर पानी का सैंपल लिया जाता है। साफ-सफाई भी कराई जाती है। कैग की रिपोर्ट की जानकारी मिली है। एक बार फिर नए सिरे से वाराणसी समेत अन्य स्टेशनों पर पानी की जांच कराई जाएगी। सफाई व्यवस्था से जुड़े लोगों को भी निगरानी करने को कहा गया है। -बीके यादव, एडीआरएम, उत्तर रेलवे