वाराणसी: थानेदार ने नहीं दी छुट्टी, सिपाही ने अपनी कनपटी पर मार ली गोली, हालत नाजुक
वाराणसी के लालपुर-पांडेयपुर थाने में तैनात पुलिसकर्मी ने शनिवार सुबह रिवाल्वर से खुद को सिर में गोली मार आत्महत्या की कोशिश की।
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
वाराणसी के लालपुर-पांडेयपुर थाने में तैनात मुख्य आरक्षी ने शनिवार तड़के लाइसेंसी पिस्टल से अपनी कनपटी में गोली मार ली। घायल सिपाही को बीएचयू स्थित ट्रॉमा सेंटर में भर्ती कराया गया। खुदकुशी के प्रयास से पहले थाने के जीप चालक सिपाही ने बेटे को सुसाइड नोट भी व्हाट्सएप किया।
बीमार बेटे की देखरेख के लिए थाने से छुट्टी नहीं मिलने से अवसादग्रस्त सिपाही ने सुसाइड नोट में थानेदार को जिम्मेदार ठहराया। पुलिस आयुक्त सहित अन्य अधिकारियों ने बीएचयू ट्रॉमा सेंटर पहुंच घायल सिपाही के परिजनों से बातचीत की।
नाइट ड्यूटी से लौटने के बाद उठाया खौफनाक कदम
आजमगढ़ के मेहनगर थाना अंतर्गत पवनी खुर्द गांव निवासी यशवंत सिंह (53) लालपुर-पांडेयपुर थाने में जीप चालक हैं। वो बीते 15 अप्रैल को छुट्टी पर घर गए थे और एक दिन पूर्व ही थाने पर लौटे। पुलिस लाइन स्थित आवास में रहने वाले यशवंत सिंह नाइट ड्यूटी के बाद थाने परिसर से सटे पहड़िया मंडी स्थित एक धर्मकांटा के पास सरकारी जीप लेकर पहुंचे।
पुलिस महकमे में हड़कंप
जहां नाइट अफसर सूर्यवंश यादव ने चाय पीने के लिए कहा तो यशवंत ने इंकार कर दिया और जीप के अंदर ही बैठे रहे। अचानक कुछ ही देर बाद जैसे ही सभी पुलिसकर्मी जीप से उतरकर चाय पीने दुकान पर पहुंचे थे कि यशवंत ने अपनी सरकारी पिस्टल से कनपटी में गोली मार ली।
गोली की आवाज सुनते ही साथी पुलिसकर्मी भाग कर पहुंचे तो ड्राइविंग सीट पर यशवंत लहूलुहान हाल में अचेत थे। सिर का एक हिस्सा उखड़ गया था। नाजुक हालत में साथी पुलिसकर्मियों ने यशवंत को बीएचयू स्थित ट्रॉमा सेंटर में भर्ती कराया।
जीप चालक के इस कदम से पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया। तुरंत उच्चाधिकारी और आसपास थाने की फोर्स बीएचयू ट्रामा सेंटर पहुंची। पुलिस आयुक्त ए सतीश गणेश, डीसीपी काशी आरएस गौतम, एडीसीपी काशी राजेश पांडेय, एसीपी भेलूपुर प्रवीण कुमार व एसीपी कैंट रामलखन सिंह यादव सहित अन्य पहुंचे। सूचना पाकर आजमगढ़ से परिजन भी बीएचयू पहुंचे। परिजनों से पुलिस आयुक्त ने बातचीत की।
पुलिस आयुक्त ने बैठाई जांच
बेटे पीयूष ने बताया कि पिता ने सुबह ही व्हाट्सएप पर सुसाइड नोट भेजा। इसके बाद ही उनके इस कदम के बारे में सूचना मिली। परिजनों ने आरोप लगाया कि थाने से हमेशा वो प्रताड़ित किए जाते थे। पुलिस आयुक्त ने इस प्रकरण पर जांच बैठा दी है।
थानेदार के मकान निर्माण में कर रहे थे सहयोग
लालपुर-पांडेयपुर थाने के पुलिसकमियों में इस बात की चर्चा जोरों पर रही कि थाना प्रभारी निरीक्षक का क्षेत्र में ही मकान निर्माण हो रहा है। उसमें यशवंत सिंह काफी सहयोग कर रहे थे, बावजूद थाना प्रभारी ने छुट्टी नहीं दी।
बेटी की हो चुकी है शादी, तीन हैं बेटे
साथी पुलिसकर्मियों के अनुसार यशवंत की चार संतान हैं। जिसमें तीन बेटे और एक बेटी है। बेटे पीयूष, प्रियांशु, हिमांशु और बेटी ज्योति है। बेटी ज्योति की शादी दो साल पूर्व हो चुकी है। बीएचयू ट्रॉमा सेंटर के आईसीयू में सिपाही यशवंत को भर्ती कराया गया है।