यूपी : पंचायत चुनाव में शराब माफिया हुए सक्रिय, जानें गांवों तक कैसे पहुंच रही खेप
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जैसे-जैसे त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव नजदीक आता जा रहा है। वैसे-वैसे शराब माफिया भी सक्रिय होते जा रहे हैं। उत्तर प्रदेश के बलिया जनपद की बात करें तो शराब माफियाओं का अवैध कारोबार तेजी से फैल गया है। माफिया गैर प्रांतों से जनपद में शराब मंगा रहे हैं और जनपद के गांव-गांव में मतदाताओं तक इसे पहुंचा रहे हैं। इसके अलावा कच्ची शराब भी अवैध रूप से गांवों में बनाई जा रही है। हालांकि लगातार कार्रवाई से शराब माफियाओं में हड़कंप भी मचा है।
यूपी व बिहार की सरकारें शराब तस्करी पर रोक लगाने के लिए जितनी हाईटेक पुलिस महकमा को कर रही है। उतना ही शराब तस्कर भी हाईटेक होते जा रहे हैं। बिहार सरकार द्वारा पूरे प्रदेश में शराब की बिक्री पर पाबंदी तो लगा दी गई है लेकिन शराब तस्कर बिहार से सटे यूपी के जिले के विभिन्न क्षेत्रों से शराब लेकर वहां पहुंचाने का काम कर रहे हैं।
जीपीएस से शराब तस्करी की मानिटरिंग
हालांकि जिले की पुलिस शराब तस्करी पर रोक लगाने के लिए लगातार अभियान चलाकर कार्रवाई कर रही है और शराब बरामदगी के साथ आरोपियों को गिरफ्तार भी कर रही है। इन सब के बावजूद शराब तस्कर भी पुलिस महकमा को चकमा देकर तस्करी करने में सफल हो जा रहे हैं। बताया जाता है कि तस्कर वाहनों में जीपीएस (ग्लोबल पोजिशिनिंग सिस्टम) लगाकर मानिटरिंग कर शराब की तस्करी कर रहे हैं। इसके अलावा वाटर फिल्टर, व्हाइट सीमेंट, टूटी कुर्सी, चोकर, भूसी आदि की आड़ में तस्करी करने का काम करते हैं।
तस्करी पर अंकुश के लिए खबरी अभियान
बलिया के पुलिस अधीक्षक डॉ. विपिन ताडा द्वारा जनपद में शराब की तस्करी व रोकथाम के लिए खबरी अभियान चलाया गया है। इसके तहत प्रत्येक 100 पेटी अवैध शराब पकड़वाने पर मुखबिर को बलिया पुलिस की तरफ से 1000 रुपये का इनाम देने की घोषणा की गई है।
जिले में अंग्रेजी व कच्ची शराब के विरुद्ध पुलिस द्वारा लगातार अभियान चलाया जा रहा है। समय समय पर भारी मात्रा में शराब बरामदगी की गई है और कई तस्करों को गिरफ्तार भी किया गया है। - डॉ. विपिन ताडा, पुलिस अधीक्षक, बलिया