वाराणसीः जमीन विवाद में की गई थी इंदरपुर के पूर्व प्रधान की हत्या, हिस्ट्रीशीटर के खिलाफ मुकदमा दर्ज
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वाराणसी के इंदरपुर गांव निवासी पूर्व प्रधान और बड़ागांव थाने के हिस्ट्रीशीटर विजेंद्र कुमार यादव उर्फ पप्पू (42) की हत्या जमीन के विवाद में की गई है। वारदात के संबंध में बड़ागांव थाने के हिस्ट्रीशीटर इंदरपुर निवासी अनिल यादव उर्फ भूसी यादव के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज किया गया है।
पुलिस प्रकरण में एक पूर्व प्रधान और अनिल के करीबियों सहित पांच लोगों को हिरासत में लेकर पूछताछ कर रही है। बड़ागांव थाना अंतर्गत इंदरपुर गांव निवासी विजेंद्र और उसकी पत्नी ममता लगातार 15 वर्ष से ग्राम प्रधान थे। इस बार विजेंद्र फिर प्रधान पद का उम्मीदवार था।
जयप्रकाश यादव ने पुलिस को बताया कि शनिवार की रात उनका चचेरा भाई विजेंद्र कृष्णापुर चौराहा के समीप पान खा रहा था। उसी दौरान विजेंद्र के मोबाइल पर फोन कर किसी ने बुलाया तो वह ढोलबजवा पुलिया पर गया। पुलिया पर पहुंचते ही पुरानी रंजिश को लेकर अनिल यादव अपने अन्य साथियों के साथ अंधाधुंध फायरिंग करने लगा तो विजेंद्र बाइक छोड़ कर गांव की ओर भागा और कुछ दूर जाकर गिर गया
।ग्रामीणों की सूचना पर आननफानन विजेंद्र को बीएचयू ट्रॉमा सेंटर ले जाया गया जहां उसे मृत घोषित कर दिया गया। इससे पहले हॉस्पिटल ले जाने के दौरान रास्ते में विजेंद्र ने अपने दो भाइयों को बताया था कि उसे अनिल ने ही दौड़ा कर गोली मारी है। उधर, बड़ागांव थाने की पुलिस ने बताया कि मौके से 7.65 एमएम के सात खोखे बरामद हुए हैं।
वारदात में .32 बोर का असलहा इस्तेमाल किया गया है। विजेंद्र के सीने व उसके आसपास गोली मारी गई थी और उसका मोबाइल नहीं मिल पाया है। नामजद अनिल के सगे संबंधियों सहित संदिग्ध गतिविधियों वाले क्षेत्र के अन्य लोगों से वारदात के बारे में पूछताछ की जा रही है।
अनिल की मौसी की जमीन बेचवाने पर विजेंद्र से हुई थी दुश्मनी
पुलिस के अनुसार तफ्तीश में यह सामने आया है कि अनिल की मौसी की सात बीघा जमीन इंदरपुर गांव में है। अपनी मौसी की जमीन पर अनिल कब्जा कर रखा था। इस वजह से उसकी मौसी अपनी जमीन बेचना चाहती थी और उन्होंने विजेंद्र से संपर्क किया था। विजेंद्र ने एक व्यक्ति के माध्यम से अनिल की मौसी की सात बीघा जमीन का सौदा 30 लाख रुपये में तय कराया।
इसके बाद उसी में से खुद भी दो बीघा जमीन खरीद लिया। इसी बात से अनिल नाराज था कि उसके कब्जे की जमीन को विजेंद्र क्यों सस्ते दाम में बेचवाया और खुद भी दो बीघा क्यों खरीदा। पुलिस के अनुसार हिस्ट्रीशीटर अनिल शातिर किस्म का अपराधी है। उसके खिलाफ वाराणसी और जौनपुर सहित आसपास के अन्य जनपदों में गंभीर किस्म की घटनाओं को लेकर कई मुकदमे दर्ज हैं।
वहीं, ग्रामीणों ने यह बताया कि अनिल पुलिस के लिए मुखबिरी भी करता था। इसके साथ ही वह अपने चारपहिया वाहन पर पुलिस का लोगो लगाकर चलता था। अनिल के परिवार के अन्य सदस्य इंदरपुर गांव में ही रहते हैं, जबकि पत्नी और बच्चों को वह कहीं अन्यत्र रखता था।
सड़क पर शव रख कर परिजनों और ग्रामीणों ने लगाया जाम
हरहुआ। पूर्व प्रधान विजेंद्र यादव की हत्या के विरोध में रविवार को पोस्टमार्टम के बाद उसका शव परिजनों और ग्रामीणों ने काजीसराय स्थित गोकुलधाम में सड़क पर रखकर वाराणसी से जौनपुर मार्ग पर जाम लगा दिया। पुलिस और प्रशासन विरोधी नारेबाजी करते हुए सभी ने पीड़ित परिवार के लिए मुआवजे और हत्यारोपी की गिरफ्तारी की मांग की।
सीओ पिंडरा अभिषेक कुमार पांडेय ने दो दिन के भीतर आरोपी को पकड़ने का आश्वासन दिया तो एक घंटे बाद जाम खत्म हुआ। इस दौरान सड़क के दोनों तरफ वाहनों की लंबी कतार लग गई थी। जाम खत्म होने के बाद परिजन और ग्रामीण दर्जनों बाइक के काफिले के साथ एंबुलेंस से विजेंद्र का शव उसके घर लेकर पहुंचे तो परिजनों में कोहराम मच गया। शव देखते ही विजेंद्र की पत्नी ममता अचेत हो गई और दोनों बेटों की हालत बेसुधों जैसी थी।
प्रधान पद के प्रत्याशी की हत्या के बाद इंदरपुर में पंचायत चुनाव स्थगित
वाराणसी जनपद के पिंडरा ब्लाक स्थित इंदरपुर के ग्राम प्रधान पद के प्रत्याशी विजेंद्र कुमार यादव की नामांकन के बाद हत्या होने से गांव की चुनाव प्रक्रिया स्थगित कर गई है। चुनाव आयोग की ओर से इस संबंध में पत्र भेजा गया है। इसी क्रम में रिटर्निंग ऑफिसर ने चुनाव स्थगित करने का आदेश जारी कर दिया है। अब वाराणसी जिले की 694 नहीं बल्कि 693 पदों पर प्रधानी का चुनाव होगा।
पंचायत के सहायक जिला निर्वाचन अधिकारी राजाराम ने बताया कि मतदान के पहले यदि किसी प्रत्याशी की मौत हो जाती है तो वहां का चुनाव स्थगित कर दिया जाता है। इसके लिए बाद में चुनाव की तारीख घोषित की जाएगी।