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निकाय चुनावः कल बनेगी शहर की सरकार, राजनीतिक दलों की बढ़ी धड़कनें
ब्यूरो,अमर उजाला,वाराणसी
Updated Thu, 30 Nov 2017 05:15 PM IST
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निकाय चुनाव
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यूपी निकाय चुनाव की मतदान की प्रक्रिया पूरी हो गई है। किसकी जीत होगी और किसकी हार इसका फैसला शुक्रवार को होगा। चुनाव परिणाम को लेकर सभी राजनीतिक दलों की धड़कने तेज हो गईं हैं। कोई भी राजनीतिक दल अपनी जीत के प्रति आश्वस्त नजर नहीं आ रहे हैं। मतदान के बाद प्रत्याशियों की जीत हार की तस्वीरें साफ हो जाती थीं। इस बार कोई भी राजनीतिक दल दावें के साथ जीत के बारे में कुछ भी कहने से बच रहा है। मतदान के बाद भी अभी तक सब कुछ बिखरा-बिखरा नजर आ रहा है।
राजनीति विश्लेषकों का कहना है कि लोकसभा चुनाव रहा हो या विधानसभा चुनाव सभी में मतदान के बाद तस्वीर काफी हद तक सामने आ जाती थी। बीजेपी जो लगातार चार बार से मेयर पद पर कब्जा जमाती चली आ रही है वहां भी इस बार जीत को लेकर पार्टी के नेता पूरी तरह से आश्वस्त नहीं हैं।
दरअसल इसके पीछे तीनों प्रमुख दलों में भितरघात, मुस्लिम मतों का विभाजन माना जा रहा है। जिस तरह से शुरूआती दौर में लड़ाई बीजेपी और कांग्रेस प्रत्याशी के बीच दिख रही थी वहीं मतदान के नजदीक पहुंचते पहुंचते सपा ने भी लड़ाई में अच्छी खासी घुसपैठ कर ली।
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ऐसे में शुरूआत में जहां यह माना जा रहा था कि मुस्लिम मतों का कांग्रेस के पक्ष में ध्रुवीकरकण होगा लेकिन ऐसा हुआ नहीं। यह माना जाता रहा है कि मुस्लिम मतों में बंटवारे का लाभ भाजपा को मिलता है लेकिन इस बार वह समीकरण भी सहीं नहीं बैठा।
पार्टी के नेता जो यह कहते रहे कि मेयर तो भाजपा का ही होगा उनकी भी बोलती बंद है। कांग्रेस में भी निराशा है तो लड़ाई को त्रिकोणात्मक बनाने वाली समाजवादी पार्टी के नेता भी असमंजस में हैं। सभी का कहना है कि एक दिसंबर को परिणाम आने के बाद ही खुलासा होगा।
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राजनीति विश्लेषकों का कहना है कि लोकसभा चुनाव रहा हो या विधानसभा चुनाव सभी में मतदान के बाद तस्वीर काफी हद तक सामने आ जाती थी। बीजेपी जो लगातार चार बार से मेयर पद पर कब्जा जमाती चली आ रही है वहां भी इस बार जीत को लेकर पार्टी के नेता पूरी तरह से आश्वस्त नहीं हैं।
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दरअसल इसके पीछे तीनों प्रमुख दलों में भितरघात, मुस्लिम मतों का विभाजन माना जा रहा है। जिस तरह से शुरूआती दौर में लड़ाई बीजेपी और कांग्रेस प्रत्याशी के बीच दिख रही थी वहीं मतदान के नजदीक पहुंचते पहुंचते सपा ने भी लड़ाई में अच्छी खासी घुसपैठ कर ली।
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ऐसे में शुरूआत में जहां यह माना जा रहा था कि मुस्लिम मतों का कांग्रेस के पक्ष में ध्रुवीकरकण होगा लेकिन ऐसा हुआ नहीं। यह माना जाता रहा है कि मुस्लिम मतों में बंटवारे का लाभ भाजपा को मिलता है लेकिन इस बार वह समीकरण भी सहीं नहीं बैठा।
पार्टी के नेता जो यह कहते रहे कि मेयर तो भाजपा का ही होगा उनकी भी बोलती बंद है। कांग्रेस में भी निराशा है तो लड़ाई को त्रिकोणात्मक बनाने वाली समाजवादी पार्टी के नेता भी असमंजस में हैं। सभी का कहना है कि एक दिसंबर को परिणाम आने के बाद ही खुलासा होगा।
जीतने के बाद निर्दलों को गले लगाएगी भाजपा
भाजपा का लोगो
चुनाव जीतने के बाद कई निर्दलों को भाजपा गले लगाएगी। निकाय चुनाव में पार्टी से बागी होकर चुनाव लड़ने वाले कई निर्दल प्रत्याशियों के जीत की संभावना जताई जा रही है। पार्टी सूत्रों ने बताया कि पिछली बार की तरह इस बार भी जीतने वाले निर्दलों को पार्टी अपने में शामिल कर सदन में अपनी संख्या बढ़ाएगी।
गुजरात चुनाव प्रचार में जाएंगे कई पदाधिकारी
गुजरात चुनाव में प्रचार के लिए भाजपा काशी क्षेत्र के कई पदाधिकारी जाएंगे। पार्टी सूत्रों की मानें तो अभी मतगणना तक पार्टी के मंत्री, विधायक और पदाधिकारी प्रदेश में रहेंगे। मतगणना प्रक्रिया पूरी होने के बाद के बाद पार्टी के चुनाव प्रचार अभियान में भाग लेने जाएंगे। इनमें प्रदेश के अलावा, क्षेत्र, और महानगर के कई नेता शामिल हैं।
गुजरात चुनाव प्रचार में जाएंगे कई पदाधिकारी
गुजरात चुनाव में प्रचार के लिए भाजपा काशी क्षेत्र के कई पदाधिकारी जाएंगे। पार्टी सूत्रों की मानें तो अभी मतगणना तक पार्टी के मंत्री, विधायक और पदाधिकारी प्रदेश में रहेंगे। मतगणना प्रक्रिया पूरी होने के बाद के बाद पार्टी के चुनाव प्रचार अभियान में भाग लेने जाएंगे। इनमें प्रदेश के अलावा, क्षेत्र, और महानगर के कई नेता शामिल हैं।