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UP Nikay Chunav: भाजपा, सपा या कांग्रेस...बनारस में मेयर की कुर्सी पर किसका होगा कब्जा, यहां जानिए विस्तार से

Thu, 04 May 2023 10:28 PM IST
उत्पल कांत न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वाराणसी
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वाराणसी Published by: उत्पल कांत Updated Thu, 04 May 2023 10:28 PM IST
सार

वाराणसी में निकाय चुनाव के मतदान के बाद सभी दलों ने अपनी-अपनी जीत और सदन में बहुमत का दावा किया है। मेयर और पार्षद पद पर सभी प्रत्याशी अपने सिर जीत का ताज होने का दावा कर रहे हैं।

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UP Nikay Chunav 2023 BJP Samajwadi party or Congress who will win from varanasi mayor seat
मेयर पद के प्रत्याशी सुभाष चंद्र मांझी, डॉ. ओपी सिंह, अशोक तिवारी और अनिल श्रीवास्तव (बायें से) - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

यूपी निकाय चुनाव के पहले चरण के तहत मतदान समाप्त हो गया। इसके बाद सभी दलों ने अपनी-अपनी जीत और सदन में बहुमत का दावा किया है। मेयर और पार्षद पद पर सभी प्रत्याशी अपने सिर जीत का ताज होने का दावा कर रहे हैं। हालांकि इन दावों की हकीकत कितनी है, यह 13 मई को होने वाली मतगणना के बाद पता चलेगा।

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मेयर पद के भाजपा प्रत्याशी अशोक तिवारी ने कहा कि जनता का विश्वास प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ पर बना हुआ है। शहर के विकास को ध्यान में रखकर ही भाजपा के पक्ष में मतदान हुआ है। निगम सदन में इस बार पार्टी के 80 से अधिक पार्षद जीतकर पहुंचेंगे। मुस्लिम इलाकों में भी भाजपा को वोट मिले हैं। मेयर का चुनाव जीतने पर कोई संशय नहीं है।
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महापौर पद के सपा प्रत्याशी ओपी सिंह ने कहा कि  मतदान के दिन जनता का रुझान सपा के पक्ष में रहा। इस बार नगर निगम सदन में भी 50 से अधिक पार्षद जीतकर आएंगे। जिस तरह का चुनाव ट्रेंड रहा है, वह सपा के लिए बेहतर है। कुछ जगहों पर मतदाता सूची में नाम नहीं होने से लोगों को परेशानी हुई है। 
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ये भी पढ़ें: वाराणसी में पिछली बार से भी कम मतदान, किसे मिलेगा फायदा तो किसे होगा नुकसान?

कांग्रेस प्रत्याशी अनिल श्रीवास्तव ने कहा कि जनता ने कांग्रेस पर भरोसा जताया है। कई मतदाताओं के नाम सूची में नहीं थे। इससे वे वोट नहीं डाल सके। कई घरों में पति का नाम मतदाता सूची में था और पत्नी का नहीं। प्रशासन की व्यवस्था ठीक नहीं रही। निगम सदन में 30 से अधिक पार्टी के पार्षद पहुंचेंगे। 
ये भी पढ़ें: वाराणसी में एक पिता के 51 बच्चे...मतदाता सूची को देख लोगों ने पीट लिया सिर

मेयर पद के बसपा प्रत्याशी सुभाष चंद्र मांझी ने कहा कि बहन मायावती पर जनता ने विश्वास जताया है। ग्रामीण इलाकोंं में भी पार्टी अच्छा चुनाव लड़ी है। रामनगर में कई लोगों के नाम मतदाता सूची से गायब रहे। मजिस्ट्रेट से शिकायत दर्ज कराई थी। यही समस्या मदरवां में रही। निगम सदन में पार्टी के 15 पार्षद जीतेंगे। 

वाराणसी में दिग्गजों की प्रतिष्ठा का भी है मुकाबला

प्रथम नागरिक के लिए हो रहे चुनाव में प्रत्याशियों की जीत-हार पर ही राजनीतिक दलों के दिग्गजों की साख का भी प्रदर्शन होगा। वाराणसी नगर निगम सीमा से जुड़े भाजपा के सात विधायक, दो एमएलसी और संगठन के पदाधिकारी चुनाव में जुटे थे। सपा ने गाजीपुर के पूर्व विधायक और सपा सरकार में मंत्री रहे ओम प्रकाश सिंह को वाराणसी की जिम्मेदारी सौंपी थी। सपा ने हाल में संगठन में बदलाव कर महानगर की कमान पुराने कार्यकर्ता दिलीप डे को सौंपी है।

ऐसे ही कांग्रेस के प्रांतीय अध्यक्ष अजय राय की प्रतिष्ठा भी इस चुनाव से जुड़ी है। भाजपा की ओर से कैबिनेट मंत्री अनिल राजभर, राज्यमंत्री स्वतंत्र प्रभार रविंद्र जायसवाल, दयाशंकर मिश्र दयालु, विधायक नीलकंठ तिवारी, सौरभ श्रीवास्तव, अवधेश सिंह, एमएलसी अशोक धवन, हंसराज विश्वकर्मा और सहयोगी अपना दल एस के विधायक सुनील पटेल जनता के बीच प्रतिनिधित्व कर रहे हैं। चुनाव में जीत हार से इन दिग्गजों की जनता के बीच पकड़ का आंकलन होगा।

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