{"_id":"5a3e742c4f1c1b0e788b47c4","slug":"up-minister-suresh-khanna-suspended-executive-engineer-in-varanasi","type":"feature-story","status":"publish","title_hn":"वाराणसीः नगर विकास मंत्री ने जल निगम के एक्सईएन को किया सस्पेंड, उच्चाधिकारियों को दी हिदायत","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
वाराणसीः नगर विकास मंत्री ने जल निगम के एक्सईएन को किया सस्पेंड, उच्चाधिकारियों को दी हिदायत
ब्यूरो,अमर उजाला,वाराणसी
Updated Sat, 23 Dec 2017 08:51 PM IST
विज्ञापन
अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक करते नगर विकास मंत्री सुरेश खन्ना
- फोटो : अमर उजाला
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
प्रधानमंत्री के संसदीय क्षेत्र वाराणसी में शासन की लगातार हिदायत के बावजूद वर्षों से लटकी पेयजल योजना को चालू कराने में जल निगम की लापरवाही का खामियाजा आखिरकार अधिशासी अभियंता सुरेंद्र कुमार को भुगतना पड़ गया।
शनिवार को यहां आए जिले के प्रभारी एवं नगर विकास मंत्री सुरेश खन्ना ने जब पूछा तो पता चला कि पेयजल योजना को चालू कराना तो दूर, पिछले तीन महीने में ओवरहेड टैंक और पाइप लाइन के परीक्षण का काम भी जल निगम नहीं कर पाया है।
इस पर नाराज मंत्री ने एक्सईएन सुरेंद्र कुमार को तत्काल प्रभाव से निलंबित करते हुए जल निगम के उच्चाधिकारियों को दो टूक हिदायत दी कि 31 मार्च 2018 तक हाइड्रो टेस्टिंग के साथ ही ओवरहेड टैंकों से जलापूर्ति हर हाल में सुनिश्चित कराई जाए।
विज्ञापन
मुख्यमंत्री ने मई और जून महीने में काशी आगमन के दौरान जेएनएनयूआरएम की इसी पेयजल योजना के वर्षों से अधर में लटके होने पर कड़ी नाराजगी जाहिर की थी।
अपने दूसरे दौरे में जल निगम के उच्चाधिकारियों को स्पष्ट किया था कि टेस्टिंग की प्रक्रिया पूरी कर नई बिछाई पाइप लाइन के जरिए ओवरहेड टैंकों से जलापूर्ति जल्द से जल्द सुनिश्चित कराएं। बार-बार समझाने के बावजूद लापरवाही बरती गई तो फिर कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
विज्ञापन
शनिवार को यहां आए जिले के प्रभारी एवं नगर विकास मंत्री सुरेश खन्ना ने जब पूछा तो पता चला कि पेयजल योजना को चालू कराना तो दूर, पिछले तीन महीने में ओवरहेड टैंक और पाइप लाइन के परीक्षण का काम भी जल निगम नहीं कर पाया है।
विज्ञापन
इस पर नाराज मंत्री ने एक्सईएन सुरेंद्र कुमार को तत्काल प्रभाव से निलंबित करते हुए जल निगम के उच्चाधिकारियों को दो टूक हिदायत दी कि 31 मार्च 2018 तक हाइड्रो टेस्टिंग के साथ ही ओवरहेड टैंकों से जलापूर्ति हर हाल में सुनिश्चित कराई जाए।
विज्ञापन
मुख्यमंत्री ने मई और जून महीने में काशी आगमन के दौरान जेएनएनयूआरएम की इसी पेयजल योजना के वर्षों से अधर में लटके होने पर कड़ी नाराजगी जाहिर की थी।
अपने दूसरे दौरे में जल निगम के उच्चाधिकारियों को स्पष्ट किया था कि टेस्टिंग की प्रक्रिया पूरी कर नई बिछाई पाइप लाइन के जरिए ओवरहेड टैंकों से जलापूर्ति जल्द से जल्द सुनिश्चित कराएं। बार-बार समझाने के बावजूद लापरवाही बरती गई तो फिर कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
नवनिर्मित ओवरहेड टैंक अब तक बने हुए शोपीस
आयुक्त सभागार में सुरेश खन्ना
- फोटो : अमर उजाला
मुख्यमंत्री की चेतावनी के बावजूद जल निगम की कार्यप्रणाली में कोई बदलाव नहीं आया। उसके बाद खुद नगर विकास मंत्री ने तीन महीने पहले इस पेयजल योजना की समीक्षा करते हुए कहा था कि हाईड्रो टेस्टिंग कराकर इसे चालू कराया जाए। श
निवार को मंडलायुक्त सभागार में विकास कार्यों की समीक्षा के दौरान नगर विकास मंत्री ने जब इसकी प्रगति पूछी तो पता चला कि तीन महीने में टेस्टिंग का काम भी पूरा नहीं हो पाया है। इस बारे में एक्सईएन कोई ठोस जवाब नहीं दे पाए।
इस पर मंत्री ने कड़ा रुख अपनाते हुए एक्सईएन के निलंबन के साथ ही उच्चाधिकारियों को भी कड़ी ताकीद की। जेएनएनयूआरएम की यह पेयजल योजना 2008 में शुरू हुई थी।
वर्ष 2014-15 में किसी तरह इसका काम पूरा हुआ लेकिन करोड़ों की लागत से बिछाई गई 694 किलोमीटर पाइप लाइन और 21 नवनिर्मित ओवरहेड टैंक अब तक शोपीस बने हुए हैं।
अगले साल मार्च तक इसे चालू कराने और अगस्त 2018 तक प्रति व्यक्ति 135 लीटर औसत खपत के हिसाब से जलापूर्ति सुनिश्चित कराने की हिदायत दी। मौजूदा समय शहर में प्रति व्यक्ति पानी की उपलब्धता औसतन 84 लीटर है।
निवार को मंडलायुक्त सभागार में विकास कार्यों की समीक्षा के दौरान नगर विकास मंत्री ने जब इसकी प्रगति पूछी तो पता चला कि तीन महीने में टेस्टिंग का काम भी पूरा नहीं हो पाया है। इस बारे में एक्सईएन कोई ठोस जवाब नहीं दे पाए।
इस पर मंत्री ने कड़ा रुख अपनाते हुए एक्सईएन के निलंबन के साथ ही उच्चाधिकारियों को भी कड़ी ताकीद की। जेएनएनयूआरएम की यह पेयजल योजना 2008 में शुरू हुई थी।
वर्ष 2014-15 में किसी तरह इसका काम पूरा हुआ लेकिन करोड़ों की लागत से बिछाई गई 694 किलोमीटर पाइप लाइन और 21 नवनिर्मित ओवरहेड टैंक अब तक शोपीस बने हुए हैं।
अगले साल मार्च तक इसे चालू कराने और अगस्त 2018 तक प्रति व्यक्ति 135 लीटर औसत खपत के हिसाब से जलापूर्ति सुनिश्चित कराने की हिदायत दी। मौजूदा समय शहर में प्रति व्यक्ति पानी की उपलब्धता औसतन 84 लीटर है।