UP Chunav 2022: पूर्वांचल में विधानसभा चुनाव का केंद्र बना बनारस, भाजपा समेत अन्य दलों के दिग्गज डालेंगे डेरा
काशी आस्था की नगरी है, बाबा विश्वनाथ का धाम है, मां गंगा की पावन धरती है। तो प्रधानमंत्री की कर्मभूमि भी है और सियासत का केंद्र भी है। यहीं से पूर्वांचल की राजनीति सधती है और पूर्वांचल की जीत, यूपी की बाजी भी तय करती है।
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देश-प्रदेश की सियासत में चर्चा में रहने वाली वाराणसी समेत पूर्वांचल की धरा इस बार भी सात चरणों में होने वाले विधानसभा चुनाव में अपनी भागीदारी सुनिश्चित करने को तैयार है। पूर्वांचल के जिलों में छठे और सातवें चरण में चुनाव है। यूपी विधानसभा चुनाव के पहले चरण का मतदान गुरुवार को हुआ।
बढ़ते चुनावी चरणों के साथ ही चुनावी माहौल का चरम पूर्वांचल की ओर रुख कर लेगा। माना जा रहा है कि छठे चरण के चुनाव के साथ ही 26 फरवरी से पांच मार्च तक भाजपा, सपा और कांग्रेस समेत अन्य दलों के दिग्गज नेता पूर्वांचल में ही डेरा डाले रहेंगे। इसे देखते हुए सभी दलों ने तैयारी शुरू कर दी है। वाराणसी में सात मार्च को मतदान है।
बनारस से सधती है पूर्वांचल की राजनीति
काशी आस्था की नगरी है, बाबा विश्वनाथ का धाम है, मां गंगा की पावन धरती है। तो प्रधानमंत्री की कर्मभूमि भी है और सियासत का केंद्र भी है। यहीं से पूर्वांचल की राजनीति सधती है और पूर्वांचल की जीत, यूपी की बाजी भी तय करती है। कोरोना के कारण इस बार बड़ी-बड़ी सभाओं पर रोक लगी हुई है। इसे देखते हुए वर्चुअल सभाओं पर जोर दिया जा रहा है।
यही कारण है कि पूर्वांचल में चुनावी गतिविधियों को संचालित करने के लिए बनारस को केंद्र बनाया गया है। रोहनिया स्थित भाजपा के क्षेत्रीय कार्यालय में स्टूडियो समेत कई खास तैयारी की गई है। कैंटोमेंट स्थित एक होटल में भाजपा काशी क्षेत्र का मीडिया सेंटर खोला गया है। इस वॉर रूम से काशी क्षेत्र के सभी 16 जिलों की 71 विधानसभाओं में चुनाव प्रचार एवं अन्य चुनावी गतिविधियों का संचालन होगा।
पूर्वांचल की करीब 100 सीटों पर भाजपा की निगाह
यूपी विधानसभा चुनाव 2022 के लिहाज से पूर्वांचल की करीब 100 सीटों पर भाजपा की निगाह जमी है। यही कारण है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ पिछले वर्ष के अंत में पूर्वांचल के कई जिलों में दौरा कर चुके हैं।
अब पांचवें चरण का चुनाव शुरू होने के साथ ही प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के संसदीय क्षेत्र में दिग्गजों का जमावड़ा होने लगेगा। इसमें गृहमंत्री अमित शाह, राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ आदि ऐसे नाम हैं जो स्टार प्रचारक के तौर पर बनारस में रहेंगे।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का आगमन संभावित है। मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान समेत अन्य प्रदेशों से भी बड़े नाम सामने आ रहे हैं जो बनारस में प्रवास करेंगे। ठीक इसी तरह कांग्रेस और सपा के दिग्गजों का भी जुटान होगा।
2017 में काशी क्षेत्र की 55 सीटों पर भाजपा की हुई थी जीत
काशी क्षेत्र की 71 विधानसभा सीटों पर वर्ष 2017 में भाजपा ने 55 सीटों पर फतह पाई थी। यूपी में दोबारा सत्ता पाने के लिए पूर्वांचल पर पकड़ मजबूत करने में जुटी भाजपा पूर्वांचल में 65 सीटों पर विजय का लक्ष्य लेकर चल रही है। इस लक्ष्य को पाने के लिए पूर्वांचल की सियासत की नब्ज भांपने वाले अमित शाह की निगाहें हैं। कारण, उनके नेतृत्व में ही वर्ष 2014, 2017 और 2019 में पूर्वांचल में भाजपा ने क्लीन स्वीप जैसी स्थिति बनाई थी। सुभासपा के सपा के पाले में जाने के बाद भाजपा अब नई रणनीति के साथ मैदान में उतरी है।